चाय वाले ने पेश की इंसानियत की मिशाल, कोरोना से मृत लोगों का करते हैं अंतिम संस्कार

Abdul razak
चाय वाले ने पेश की इंसानियत की मिशाल, कोरोना से मृत लोगों का करते हैं अंतिम संस्कार (साभार: Navbharat Times)

कोरोना वायरस के डर के कारण लोगों से मिलना-जुलना तो दूर, कोरोना वायरस से जान गवां चुके लोगों का भी अंतिम संस्कार नहीं कर रहे हैं। लेकिन, पेशे से एक चाई की दुकान चलाने वाले अब्दुल रजाक किसी मसीहा से कम नहीं है। वे आई दिनों कोरोना से अपनी जान गवां चुके लोगों का भी अंतिम संस्कार कर रहे हैं।

बेंगलुरु मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते दिनों एक फोटो सोशल पर जमकर वायरल हुए, जिसमें एक शख़्स बच्ची के मृत शरीर को अपनी गोद में उठाए आगे बढ़ रहे हैं। यह शख़्स कोई और नहीं बल्कि रजाक ही हैं। यह तस्वीर सेंट जोन्स अस्पताल की है। 

बता दें कि, रजाक मर्सी एंजल नामक एक संस्था से जुड़े हुए हैं। जिस मृत बच्ची का शव गोद में उठाए जा रहे हैं, वह पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। बच्ची को किडनी से संबंधी समस्या होने के बाद सेंट जोन्स अस्पताल भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान है उसे कोरोना हो गया था। 

बच्ची का उसी अस्पताल में काफी लंबे समय तक इलाज चलता रहा। मगर, बच्ची की जान नहीं बच सकी। रजाक ने बताया कि उन्हें वॉलंटियर की ओर से फोन आया जिसके बाद वह अस्पताल गए। उन्होंने बच्ची का शव गोद में उठाया और अंतिम संस्कार के लिए निकल पड़े। उनके साथ में बच्ची के माता पिता भी मौजूद थे।

रजाक वाकई इंसानियत के तौर पर एक मिसाल बन चुके हैं। रजाक कन्नूर के रहने वाले हैं। वहीं फ्रेजर टाउन में उनकी चाय की दुकान है। उन्होंने बताया कि इस वक़्त लोग मुश्किलों से जूझ रहे हैं। यह वक़्त एक दूसरे की मिलकर मदद करने का है। उन्हें जब भी फोन आता है तो वे दुकान बंद कर मदद के लिए उपस्थित हो जाते हैं। अन्तिम संस्कार कर घर वापस लौटकर नहाते हैं और फिर दुकान चले जाते हैं।


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