मास्क न पहनने पर कटा वकील का 500 रूपए का चालान, अब उच्च न्यायालय में चालान वापसी के साथ की 10 लाख रुपये के मुआवजे की मांग

मास्क न पहनने पर कटा वकील का 500 रूपए का चालान, अब उच्च न्यायालय में चालान वापसी के साथ की 10 लाख रुपये के मुआवजे की मांग
Image credit: Punjab Kesari

मास्क न पहनने पर दिल्ली के एक वकील ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल, सौरभ शर्मा ने कार चलाने के दौरान मास्क नहीं पहना था, हालाँकि वह कार में अकेले थे। लेकिन मास्क न पहनने को लेकर उन पर 500 रूपए का चालान लगाया गया है। जिसको लेकर अब उन्होंने लगाए गए 500 रुपये के चालान की वापसी की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने “सार्वजनिक रूप से मानसिक प्रताड़ना” दिए जाने के लिए सरकारी अधिकारियों से मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपये की मांग की है।

यह है पूरा मामला

दरअसल, एक वकील सौरभ शर्मा ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और अकेले कार चलाने के दौरान मास्क न पहनने के लिए उन पर लगाए गए 500 रुपये के चालान की वापसी की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने “सार्वजनिक रूप से मानसिक प्रताड़ना” दिए जाने के लिए सरकारी अधिकारियों से मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपये की मांग भी की है।

जानकारी के अनुसार अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि, ”पूर्वी दिल्ली के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट द्वारा एक चालान जारी किया गया था, जबकि वह अकेले गाड़ी चला रहे थे। 09.09.2020 को लगभग 11 बजे, अपने कार्यालय जाने के दौरान, सौरभ की कार को दिल्ली पुलिस के अधिकारियों द्वारा गीता कॉलोनी के पास रोक दिया गया था। एक पुलिस कांस्टेबल अरोड़ा ने उनका फोटो लिया, जबकि सौरभ अभी भी अपनी कार में बैठे हुए थे और फिर उन्हें कार से उतरने का निर्देश दिया।”

याचिका में आगे कहा गया है कि, सौरभ ने निजी वाहन में अकेले यात्रा करते समय मास्क पहनने के लिए कार्यकारी आदेश को देखने की मांग की। हालांकि, अधिकारी उन्हें ऐसा कोई आदेश नहीं दिखा सके, लेकिन फिर भी उनसे 500 रुपये का चालान लिया गया।

यह है सौरभ की मांग

सौरभ शर्मा ने मांग की कि चालान को रद्द कर दिया जाए, और उन्हें 500 रुपये का चालान वापस किया जाए। इतना ही नहीं उन्हें मुआवजा भी दिया जाए।
सौरभ कहते हैं कि “शहर की जनता पर बिना किसी कानूनी अधिकार के चालान लगाया जा रहा है और इसलिए माननीय न्यायालय द्वारा इसे खारिज किया जा सकता है।”

इसके साथ ही सौरभ ने अधिकारियों को अकेले यात्रा करते समय मास्क नहीं पहनने पर किसी के खिलाफ चालान लगाने से रोकने के लिए एक दिशा-निर्देश दिए जाने की भी मांग भी की है।

सौरभ का दावा, ‘निजी वाहन सार्वजनिक स्थान नहीं’

सौरभ ने अपनी याचिका में कहा है कि चालान में बताया गया अपराध यह है कि उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर मास्क नहीं पहना। हालांकि, उनका दावा है कि अकेले यात्रा करते समय उनका “निजी वाहन सार्वजनिक स्थान नहीं है।”

वह कहते हैं कि, “यह एक निजी क्षेत्र है और इसलिए अकेले यात्रा करते समय मास्क पहनने की जरूरत की तुलना सार्वजनिक स्थान पर मास्क पहनने से नहीं की जा सकती।”


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