Eros Now के ‘अश्लील’ ट्वीट के बाद उठी बहिष्कार करने की मांग, नवरात्रि पर्व पर की थी भद्दी टिप्पणी

हिन्दू धर्म की आस्थाओं को ठेस पहुंचाना मीडिया प्लेटफॉर्म Eros Now को महंगा पड़ गया। दरअसल, हिन्दू त्यौहार नवरात्रि को लेकर की गई आपत्तिजनक और अशिष्ट टिप्पणी की थी। जिसके बाद से ही #BoycottErosNow लगातार ट्रेंड करने लगा। सोशल मीडिया पर तमाम आलोचनाओं का सामना करने के बाद सफाई देते हुए Eros Now ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी और सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई पोस्ट डिलीट कर दी। उन्होंने लिखा, “हम हर धर्म की इज्जत करते हैं। किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का हमारा कोई इरादा नहीं था। हमने वो पोस्ट डिलीट कर दिया और हम उसके लिए माफी मांगते हैं।”

बता दें कि, Eros Now ने गुरुवार को सुबह करीब 11 बजे पावन पर्व नवरात्रि को लेकर कटरीना कैफ की फोटो लगाकर ट्वीट कर लिख था कि, “क्या आप मेरी नवरात्रि में अपनी रात्रि बिताना चाहेंगे?” इसके बाद अलग फोटो में सलमान खान की फोटो लगाकर लिखा कि, “आपको डांडिया खेलने के लिए डंडी की जरूरत है, को की मेरे पास है।” जिसके बाद से ही लोगों में आक्रोश उमड़ गया और सोशल मीडिया पर Eros Now का बहिष्कार करने कई अपील उठने लगी।

हिन्दू त्योहारों में हिन्दुओं की भावनाओं को आहत पहुंचाकर प्रचार प्रसार करना नई बात नहीं है। नवरात्रि का शुरू होते ही ऐसी तमाम तस्वीरें वायरल हुई, जिनमें मां दुर्गा को रेप पीड़िता दर्शाया गया।

कंगना ने कहा, “स्ट्रीमिंग प्लैटफॉर्म एक पॉर्न हब

इस विवाद के बाद बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत ने ट्वीट करते हुई कड़ी आपत्ती जताई। उन्होंने लिखा कि, “हमें एक ऐसा सिनेमा बनाना है जो कम्यूनिटी के देखने लायक हो। दर्शकों के एक बड़े वर्ग को सिनेमा से लुभाना काफी कठिन है, न कि पर्सनल व्यू के लिए केवल कॉन्टेंट को सेक्शुअलाइज करना। सभी स्ट्रीमिंग प्लैटफॉर्म एक पॉर्न हब के अलावा कुछ नहीं हैं। शर्म की बात है।”

उन्होंने आगे लिखा कि, “यहां तक कि इंटरनेशनल स्ट्रीमिंग प्लैटफॉर्म पर भी कॉन्टेंट सनसनीखेज रहता है। हमें क्यों ज्यादा सेक्शुअल, हिंसक और खतरनाक कॉन्टेंट बनाना है? जो अनिवार्य रूप से दर्शक की यौन भूख को जगाने के लिए हो। क्योंकि बाकी का कॉन्टेंट उनकी टीम अप्रूव नहीं करेगी इसलिए?”

कंगना ने इसके बाद एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि “कम्यूनिटी को देखना हमारी जागरूकता को बढ़ाता है। हम जब जानते हैं कि कोई हमें देख रहा है कि हम क्या देख रहे हैं, ऐसे में हम कहीं न कहीं यह चाहते हैं कि हम जो देख रहे हैं सामने वाला उससे हमें जज करे, वह सोचे कि हम असल जिंदगी में क्या हैं। हम कॉन्शियस चॉइस बनाते हैं। दिमाग और भावनाओं पर सेंसरशिप बहुत महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है।”


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