प्रवासी श्रमिक रैपर 'ड्यूल रॉकर' ने बताई लॉकडाउन में मजदूरों की दुर्दशा, इंटरनेट पर हुए वायरल

प्रवासी श्रमिक रैपर 'ड्यूल रॉकर' ने बताई लॉकडाउन मजदूरों की दुर्दशा, इंटरनेट पर हुए वायरल | सूचना
Image credit: India Today

इन दिनों ओडिशा के कालाहांडी जिले के निवासी दुलेश्वर टांडी रैपर ड्यूल रॉकर प्रवासी श्रमिकों की आवाज़ के रूप में सामने आ रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान घर पैदल चल कर घर जाने वाले प्रवासियों की दुर्दशा देखकर उन्होंने रैप बनाने का सोचा। उनके मार्मिक रैप गीत सोशल मीडिया पर वायरल होने पर उन्होंने विशाल ददलानी सहित कई लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

रायपुर में काम कर रहे टांडी 23 मार्च को ही अपने गाँव बोरदा लौटे थे। जिसके अगले दिन ही ओडिशा सरकार ने राज्य के 70 फीसदी इलाकों में तालाबंदी की घोषणा की। दरअसल टांडी 2013 में कालाहांड़ी के सरकारी कॉलेज से केमेस्ट्री में स्नातक करने के बाद काम करने के लिये रायपुर चले गए थे। उनका कहना है, “मैंने चीन, अमेरिका और यूरोपीय देशों में कोरोनावायरस के मामलों की खबरें देखीं। मुझे लगा कि यहाँ भी स्थिति जल्द ही खराब हो जायेगी। राज्य सरकार द्वारा प्रमुख जिलों में तालाबंदी की घोषणा के बाद मैंने घर वापस आने का मन बना लिया था।”

अप्रैल में प्रवासी श्रमिकों को छोटे-छोटे बच्चों के साथ नंगे पैर घर जाते देख टांडी ने गीत ‘Telling the truth’ के बोल लिखे और इस पर 2.45 मिनट लंबा रैप वीडियो बनाया। इसमें उन्होंने राजनेताओं के खिलाफ अपना गुस्सा उतारा और उन्हें चोर कहा। फिर मई में उन्होंने ‘सुन सरकार, सत कथा’ नामक 3.5 मिनट का रैप वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने कोरोनावायरस और उसके बाद के संकट को प्रवासी श्रमिकों के लिए एक कठोर झटका बताया।

उन्होंने कहा, “एक वीडियो में मैंने इस बारे में रैप किया कि कैसे प्रवासियों ने अपनी सारी बचत समाप्त कर दी थी और शहरों में कारखाने और निर्माण के बंद होने के कारण कुछ ही दिनों में सब कुछ खो दिया। घर वापस आने के लिये उन्हें गर्मियों में अपने बच्चों के साथ तपती सड़कों पर नंगे पाँव चलना पड़ा। नेता उनकी मदद करने के बजाय केवल उपदेश दे रहे थे।”

टांडी कोसली, हिंदी और अंग्रेजी भाषा में रैप करते हैं। उनके गाने ‘हैशटैग फार्मर’, ‘डॉक्टर‘ और ‘सरकार जवाब दे’ ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है। जैसे ही टांडी ‘रैपर ड्यूल रॉकर’ बने, लोगों ने उनकी तुलना बॉलीवुड फिल्म ‘गली बॉय’ में रणवीर सिंह द्वारा निभाए गए मुराद अहमद के किरदार से की।

टांडी अपनी माँ के साथ एक छोटे से कच्चे घर में रहते हैं। उन्होंने कॉलेज में रैप करना शुरू किया और चंडीगढ़ में भी प्रदर्शन किया। प्रवासियों पर उनका रैप वायरल होने के बाद उन्हें स्थानीय संगीतकारों से प्रस्ताव मिले हैं। हालाँकि, उन्हें स्वीकार करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

दांडी ने कहा, “मुझे पता है कि वे मुझे बहुत पैसा देंगे लेकिन वे मुझे शराब और महिलाओं के बारे में लिखने को कहेंगे लेकिन मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा। मैं अपने गीतों में फूहड़ता या शराब को बढ़ावा नहीं देना चाहता। हमारे जैसे प्रवासी श्रमिकों के पास बहुत सारे मुद्दे हैं। उन चीजों को मेरे गानों में जगह मिलेगी।”


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