तेलंगाना की सिविल इंजीनियर का कमाल, गरीबों के लिए सीवर पाइप में बनाए सस्ते घर

जिंदगी में सभी लोग एक अदद घर की ख्वाहिश रखते हैं। कुछ लोग जिंदगी भर घर बनाने के लिए मेहनत करते हैं ताकि उनके बच्चों के सिर पर छत हो। लोगों के इसी सपने को पूरा करना तेलंगाना की पेरला मनसा का सपना है। 23 साल की सिविल इंजीनियर मनसा ने हाल ही में सीवर के पाइप में बने घर यानी ओपॉड्स या माइक्रो होम्स शुरू करने का ऐलान किया है, जिसमें 120 स्क्वॉयर फीट के बिल्ट अप एरिया के साथ एक बेडरूम है। ये घर 2000 मिलीमीटर डायामीटर के कन्क्रीट सीवर पाइप में बने होते हैं।

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Image Credit : Twitter

मां से मिली काम की प्रेरणा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पेरला मनसा तेलंगाना के करीमनगर जिले के बोमक्कल गांव के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं। इस काम की प्रेरणा का श्रेय वह अपनी मां को देती हैं। इसके अलावा अपनी पढ़ाई का श्रेय वह तेलंगाना सोशल वेलफेयर रेजिडेंशियल एजुकेशनल सोसायटी को देती हैं, जिससे उन्हें सपने देखने का हौसला मिला। मई 2020 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद मनसा ने छह महीने जापान, हॉन्ग कॉन्ग और अन्य जगहों में प्रचलित डिजाइन को खोजने में बिताए, जो स्थानीय जरूरतों और मौसम के लिहाज से ठीक हों। इसके बाद जनवरी 2021 में उन्होंने अपनी कंपनी को रजिस्टर कराया। उनके पहले मॉडल पर काम मार्च 2021 में शुरू हुआ।

सीवर पाइप को दी घर की शक्ल

मनसा के पास एक्सपेरिमेंटल मोबाइल हाउसिंग के 12 ऐसे डिजाइन हैं जो खासतौर से वंचितों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं और ये अलग-अलग सेक्टरों के लिहाज से उचित भी हैं। इन ओपॉड्स में एक बेडरूम, रसोई, हॉल, वॉशरूम और कई अलमारियां भी हैं। इनमें बिजली, पानी और जल निकासी की भी सुविधा है। सीवर पाइप के ऊपर बालकनी की तरह एक लाउंज भी दिया गया है। ये ओपॉड्स एक या दो व्यक्तियों के रहने के लिए लिए काफी अच्छा है। मनसा ने बताया, ‘यह भारत में अपनी तरह का पहला मॉडल है। 40 से 120 स्क्वॉयर फीट में, हमारे पास कस्टमाइज्ड ऑल वेदर होम है। इसका जीवनकाल 100 साल है और इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसकी कीमत 3.5 लाख रुपए से 5.5 लाख रुपए के करीब हो सकती है।’ उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास दो या तीन बेडरूम वाले घर भी उपलब्ध हैं।

अंदर से ठंडे और उम्र भी लंबी

हालांकि इस तरह के अनोखे घर पहले भी देखने को मिले हैं, लेकिन मनसा का कहना है कि उनके ओपॉड्स अंदर से ठंडे हैं और उनकी उम्र भी काफी लंबी है। गरीबों के लिए सस्ते घर बनाने के अलावा मनसा के पास कई ऐसे डिजाइन भी हैं, जिन्हें रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट, मोबाइल हाउस, मोबाइल क्लिनिक, गेस्ट हाउस या गार्डरूम के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। मनसा ने कहा, ‘मैंने देखा है कि कैसे लोग शहरों की झुग्गी बस्तियों में घास-फूस के घर बनाकर रहते हैं। जब बारिश होती है तो उनका सब कुछ बर्बाद हो जाता है। ओपॉड्स की सबसे खास बात यह है कि ये सामान्य घरों की तरह ही काफी अच्छे हैं और इन्हें कहीं भी ले जाया जा सकता है।’

Image Credit : The Indian Express

आईपीएस अधिकारी ने की तारीफ

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और तेलंगाना सोशल वेलफेयर एंड ट्राइबल वेलफेयर रेजिडेंशियल एजुकेशनल सोसायटी के सचिव डॉ. आरएस प्रवीन कुमार मनसा को एक मेधावी विद्यार्थी के रूप में याद करते हैं। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘वह अपना कोर्स पूरा करके उच्च शिक्षा हासिल करना चाहती थी, जोकि छोटे गांवों में कम ही देखने को मिलता है। किफायती घर बनाने का उसका विचार मुझे काफी अनोखा लगा। यह तो सिर्फ शुरुआत है। उन्हें अभी और आगे जाना है।’

बेटी की कामयाबी से मां भी खुश

अपने इस अनोखे प्रोजेक्ट के बारे में मनसा बताती हैं, ‘जब मैंने यह प्रोजेक्ट शुरू करने के बारे में सोचा तो मुझे कहीं से भी कोई मदद नहीं मिली। कोई भी इस प्रोजेक्ट में पैसे लगाने को तैयार नहीं था, उल्टा लोग मुझे हतोत्साहित कर रहे थे क्योंकि मैं लड़की हूं।’ वह आगे बताती हैं, ‘मैं जब तीसरी कक्षा में थी तभी मेरे पिता का देहांत हो गया। तभी से मेरी मां हम दोनों बहनों की परवरिश करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं। उनके बिना मेरा यह सपना कभी पूरा नहीं होता।’ वहीं मनसा की मां रामादेवी को भी अपनी बेटी पर गर्व है। वह कहती हैं, ‘शुरुआत में किसी ने भी मेरी बेटी की मदद नहीं की, लेकिन मैं खुश हूं कि अब लोग उसकी तारीफ कर रहे हैं। हम सब बहुत खुश हैं। मैं चाहती हूं कि मनसा गरीबों के लिए सस्ते घर बनाए ताकि उनके सिर पर भी छत हो।’


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