434 दिन हिरासत के बाद, नज़रबंदी से मुक्त हुईं महबूबा मुफ्ती

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती हिरासत से रिहा हो गईं हैं। महबूबा मुफ्ती को अनुच्छेद 370 हटाए जाने से पहले पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। एक साल से अधिक समय हिरासत में गुजारने के बाद अब महबूबा मुफ्ती रिहा हो गई हैं।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की सरकार ने महबूबा मुफ्ती को आज रिहा करने का निर्णय लिया। महबूबा मुफ्ती की 434 दिन की हिरासत के बाद उनकी बेटी इल्तिजा ने उनके ही ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कठिन समय में साथ देने वालों को धन्यवाद दिया। यह भी पढ़ें: अब पीवीसी कार्ड पर रिप्रिंट होगा आधार कार्ड, एटीएम की तरह पर्स में रखना होगा आसान

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट कर खुशी जाहिर की है। उमर अब्दुल्ला ने महबूबा का स्वागत करते हुए अपने ट्वीट में लिखा कि, उन्हें निरंतर हिरासत में रखा जाना लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ था। यह भी पढ़ें: जानिए कौन है खुशबू सुन्दर, कैसे खुशबू का बीजेपी में आना हो सकता है फायदेमंद

इसके साथ ही, महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर शेयर किए गए ऑडियो संदेश में कहा, ‘मैं आज एक साल से भी ज्यादा समय के बाद रिहा हुई हूं। 5 अगस्त 2019 के उस काले दिन का काला फैसला मेरे दिल और रूह पर हर पल वार करता रहा। मुझे यकीन है कि ऐसी ही स्थिति जम्मू-कश्मीर के लोगों की रही होगी। कोई भी उस दिन की बेइज्जती को भूल नहीं सकता।’ यह भी पढ़ें: बतौर सत्ता प्रमुख के रूप में मोदी का 20वें साल में हुआ प्रवेश , जानिए उपलब्धियां

उन्होंने आगे कहा कि, ‘दिल्ली दरबार ने गैर कानूनी, गैर लोकतांत्रिक तरीके से हमसे छीन लिया, उसे वापस लेना होगा। साथ ही कश्मीर के मसले को हल करने के लिए जद्दोजहद जारी रखनी होगी, जिसके लिए हजारों लोगों ने अपनी जानें न्योछावर की। यह रास्ता आसान नहीं है, मुझे यकीन है कि हौसले से यह दुश्वार रास्ता भी तय होगा। जम्मू कश्मीर के जितने भी लोग देश की जेलों में बंद हैं, उन्हें जल्द से जल्द रिहा किया जाए।’

गौरतलब है कि पिछले साल जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के पहले प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था। इतना ही नहीं, महबूबा मुफ्ती के अलावा दो अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉक्टर फारुख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के साथ हिरासत में ले लिया गया था।

महबूबा मुफ्ती के मुख्यमंत्री रहते उनका आवास रहे गफूर रोड स्थित फेयरव्यू को उपजेल घोषित कर दिया गया था और उन्हें पुलिस द्वारा वहीं रखा गया था। फारुख और उमर अब्दुल्ला को पहले ही रिहा किया जा चुका था, लेकिन महबूबा मुफ्ती की हिरासत अवधि 1 अगस्त के दिन ही तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई थी। यह भी पढ़ें: 100 महिलाओं ने लाइसेंसी हथियार के लिए किया आवेदन, कहा- आत्मरक्षा के लिए चाहिए बंदूक का लाइसेंस


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