‘जम्मू-कश्मीर के युवाओं के पास हथियार उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं’:- महबूबा मुफ्ती

‘जम्मू-कश्मीर के युवाओं के पास हथियार उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं’:- महबूबा मुफ्ती (image credit- Aajtak)

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती अक्सर अपने बड़बोलेपन को लेकर चर्चा में रहतीं हैं। उन्होंने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। दरअसल,केंद्र सरकार पर हमला करते हुए महबूबा ने कहा कि, युवाओं के पास हथियार उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इसके साथ ही बिहार चुनाव को लेकर उन्होंने अपना मत प्रस्तुत किया है। यह भी पढ़ें: कश्मीरी युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए हम किसी भी हद तक जाएंगे‌- महबूबा मुफ्ती

बिहार चुनाव पर तेजस्वी को बधाई

महबूबा कहती हैं कि, ‘मैं तेजस्वी यादव को बधाई देना चाहूंगी कि इतना छोटा होने के बावजूद विपक्ष में होने पर उसने एक नैरेटिव सेट किया। बिहार में आज रोटी, कपड़ा, रोजी, मकान का नारा है। वहां भाजपा का 370, 35ए, जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदो का एजेंडा नहीं चला। आज इनका वक्त है, कल हम सबका वक्त आएगा और वही होगा जो ट्रंप के साथ हुआ है।’ यह भी पढ़ें: महबूबा मुफ्ती का तिरंगा वाला बयान पीडीपी को पड़ा भारी, पार्टी के तीन नेताओं ने दिया इस्तीफा

महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि, ‘अनुच्छेद 370 हटाने के बाद कश्मीर से भी ज्यादा हालात भाजपा सरकार ने जम्मू में खराब कर दी हैं। उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों का रोजगार और भूमि पर से हक भी छीन लिया गया है। दूध की नदियां बहाने की बातें करने वाली भाजपा सरकार जम्मू-कश्मीर के संसाधनों को लूटने के अलावा यहां के लोगों की जमीन रोजगार भी छीन रही है।’ यह भी पढ़ें: नजरबंदी से मुक्त हुई महबूबा मुफ्ती का बड़ा बयान, बोलीं- जब तक हमारा झंडा बापस नहीं मिलेगा, तब तक नहीं उठाऊंगी तिरंगा

युवा मजबूर हो कर उठा रहे बंदूक

महबूबा ने कहा कि, ‘कश्मीर के युवाओं को या तो जेल में डाला जा रहा है, या वे मजबूर होकर बंदूक उठा रहे हैं। सरकार ने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि युवाओं के पास बंदूक उठाने या फिर जेल जाने का विकल्प ही बचा है।’

इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि, सरदार पटेल ने जम्मू-कश्मीर को 370 के तहत विशेष दर्जा देने में अहम भूमिका निभाई और डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान में इसे जगह दी। अनुच्छेद 370 को सूद समेत वापस लेकर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का झंडा उन्हें उतना ही प्यारा है जितना देश का झंडा। यह भी पढ़ें: 434 दिन हिरासत के बाद, नज़रबंदी से मुक्त हुईं महबूबा मुफ्ती


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