कोरोनावायरस : समय है एकजुट होकर एक-दूसरे का साथ देने का

दुनिया के कई देश इन दिनों कोरोनावायरस के खतरे से जूझ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने लगभग सभी निजी और सरकारी संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है। सरकारी कर्मचारी जहां घर पर बैठकर इन छुट्टियों का लुत्फ उठा रहे हैं, वही प्राइवेट कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ का ऑप्शन रखा है। ये कर्मचारी अपने घर में बैठकर ऑफिस का काम कर रहे हैं, जिससे कंपनी की प्रोडक्टिविटी पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ रहा और साथ ही इन कर्मचारियों को घर बैठे वेतन भी मिल रहा है। इतना ही नहीं, कोरोनावायरस के चलते स्कूल और कॉलेज भी बंद कर दिए गए है जिससे बच्चों को राहत मिल गई है।

दोस्तों, इन सब पॉजिटिव रिजल्ट को तो हम देख ही रहे हैं, लेकिन क्या आपने उन लोगों के बारे में सोचा है जो गरीब हैं और मजदूरी या दूसरों के घरों में काम करके अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। उनको इन छुट्टियों से लाभ नहीं बल्कि नुकसान हो रहा है, क्योंकि इन छुट्टियों के चलते वे पूरी तरह से बेरोजगार हो जाएंगे। उनके पास वर्क फ्रॉम होम जैसा कोई भी ऑप्शन नहीं है साथ ही उनको और भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है ।

जो लोग अपना जीवन-यापन दिहाड़ी मजदूरी से करते हैं उनकी दैनिक जरूरतें कैसे पूरी होंगी। गरीबों के बच्चे एक समय के भोजन यानी मिड डे मील पर निर्भर रहते हैं, जोकि स्कूल बंद होने के कारण नहीं मिलेगा। ऐसे गरीब बच्चों के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य सरकारों से यही सवाल किया है।

इसमें कोई संदेह नहीं कि कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए सरकार कई सकारात्मक कदम उठा रही है, लेकिन हमें गरीबों के बारे में भी सोचना चाहिए। अगर वे इस घातक बीमारी का शिकार हो गए तो अपना इलाज कैसे कराएंगे?

कोरोनावायरस का खतरा टलने में कितना समय लगेगा, यह कोई नहीं जानता। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित वे लोग होंगे जो असंगठित क्षेत्र की नौकरियों में हैं। आपको अब ड्राइवर की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि आप घर पर बैठकर अपना काम कर रहे हैं। नौकरानी काम के लिए आपके घर नहीं आएगी क्योंकि उसे भी अपने परिवार का ध्यान रखना है। ऐसे बहुत से लोग हैं जिनके पास काम नहीं होगा और वे पूरी तरह से बेरोजगार हो जाएंगे। ऐसे में अगर ये लोग इस बीमारी कि चपेट में आ गए तो उनके पास उतनी सुविधाएं भी नहीं होंगी जो उच्चवर्गीय या मध्यवर्गीय लोगों के पास है।

इस समय हमें उन सभी लोगों के बारे में सोचना चाहिए जो अपनी रोजी-रोटी के लिए हमारी आय पर निर्भर हैं। यदि आपकी कंपनी आपको भुगतान कर रही है, तो आप अपने घर की मेड को भी भुगतान करें। इस बारे में न सोचें कि वो आपके घर काम करने आ रही है या नहीं। इस मुश्किल दौर में मानवता दिखाएं और उनका सहयोग करें, जिससे वे हमेशा आपके आभारी रहेंगे। हम सभी को इस कठिन परिस्थिति में एक-दूसरे के साथ खड़े रहना चाहिए, क्योंकि हमारे घरेलू सहायक भी कहीं न कहीं रोजमर्रा की जिंदगी में हमारा सहयोग करते है।

हमें सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए। रविवार दिनांक 22 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “जनता कर्फ्यू” का दिन घोषित किया है तो Soochna आपसे अनुरोध करता है कि उनके इस आदेश का पालन करें, ताकि हमारे देश से कोरोनावायरस का अस्तित्व मिटाया जा सके और हम लोग सुरक्षित रह सकें।


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