टिक-टाॅक स्टार सिया कक्कड़ ने डिप्रेशन के कारण की आत्महत्या

TikTok star Siya Kakkar commits suicide due to depression | Soochna
टिक-टाॅक स्टार सिया कक्कड़ ने की आत्महत्या, मौत के पीछे का कारण डिप्रेशन को बताया जा रहा है – सूचना

पिछले दिनों बॉलीवुड के प्रतिभाशाली कलाकार सुशांत सिंह राजपूत ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। जिसके बाद से ही पूरे देश में डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों के बारे में बातें शुरू हो गयी थी। हाल ही में टिक-टाॅक स्टार सिया कक्कड़ ने खुदकुशी कर अपनी जान दे दी। अभी तक सिया की आत्महत्या के पीछे के कारण का पता नहीं चल पाया है। सिया की मौत के कारण एक बार फिर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में तनाव बढ़ गया है। इसके पहले बाॅलीवुड के जाने-माने और प्रतिभाशाली अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने भी आत्महत्या की थी। सुशांत की आत्महत्या के पीछे का कारण भी उनका पिछले कई महीनों से डिप्रेशन में होना बताया जा रहा है।

युवाओं को मौत की खबर सुनकर लगा झटका

सिया के टिक-टाॅक पर एक मिलियन से अधिक फाॅलोअर्स और इंस्टाग्राम पर एक लाख से अधिक फाॅलोअर्स हैं। सिया की युवाओं के बीच अच्छी-खासी फैन फाॅलोइंग थी। जब उनके फैन्स और फाॅलोअर्स को उनकी आत्महत्या के बारे में खबर मिली तो उनको तगड़ा झटका लगा। सिया के मौत के बारे में उनके मैनेजर अर्जुन सरीन ने बताया कि अपने प्रोफेशनल करियर में सिया अभी बहुत अच्छा कर रही थी और अपने उज्जवल भविष्य के लिए भी काफी मेहनत कर रही थी। पिछले एक महीने में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के तीसरे कलाकार ने आत्महत्या की है। सुशांत और सिया के पहले क्राइम पेट्रोल की अभिनेत्री प्रेक्षा मेहता ने अपने गृहनगर इंदौर में अपने घर पर आत्महत्या की थी। उनकी आत्महत्या के पीछे का कारण भी डिप्रेशन और मेंटल हेल्थ ही बताया गया था। अब एक बार फिर सिया की मौत के बाद डिप्रेशन और मेंटल हेल्थ जैसे विषयों ने तूल पकड़ लिया है।

ट्विटर पर सिया को लेकर कई हैशटैग्स चलाए जा रहे हैं

सिया की मौत के बाद ट्विटर पर #SiyaKakkar (sic) सहित कई हैशटैग्स चलाए जा रहे हैं। उनकी मौत के पीछे डिप्रेशन, मेंटल हेल्थ जैसे कई कारण बताये जा रहे हैं। ट्विटर पर अब लोग मेंटल और डिप्रेशन से निकलने के लिए कई रास्ते बता रहे हैं। कई लोग यह भी कह रहा हैं कि आत्महत्या करना डिप्रेशन और मेंटल हेल्थ से निकलने का एकमात्र रास्ता नहीं है बल्कि यदि आप डिप्रेशन में हो तो अपने पैरंट्स के साथ मजबूत रिश्ते बनायें और अपनी परेशानियों को शेयर कर, उनके साथ मिलकर इसका सामाधान खोजें। यदि पैरेंट्स से अपनी परेशानियां शेयर नहीं कर सकते तो अपने कुछ करीबी दोस्तों के साथ अपनी परेशानीयों को शेयर कर उसका रास्ता निकालें। लेकिन किसी भी स्थिति में आत्महत्या न करें।

WHO के मुताबिक 7.5 फीसदी भारतीय डिप्रेशन का शिकार है

डिप्रेशन और मेंटल हेल्थ कोई नयी बीमारी या कोई नया मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पुरानी बीमारी है। लेकिन लोग हमेशा से इसके बारे में चर्चा करने से बचते आए है। डिप्रेशन और मेंटल हेल्थ के बारे में WHO ने भी कुछ समय पहले भारत में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें WHO ने बताया था कि लगभग 7.5 फीसदी भारतीय डिप्रेशन और मेंटल हेल्थ के शिकार हैं। इसके पीछे कई तरह के कारण हैं और अब यदि समय रहते इस बीमारी को गंभीरता से नहीं लिया तो आगे जाकर यह बहुत बड़ी बीमारी और लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है।

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