अस्पताल में लावारिस पड़ी रही कोरोना से पीड़ित मरीज की लाश, कुत्तों ने गायब किया कान

सोमवार को आंध्रप्रदेश के ओंगोल के सरकारी अस्पताल से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। राजीव गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में एक मृत व्यक्ति की लाश बेघर और गरीब के आश्रय के लिए बने शेड के नीचे लावारिस पड़ी रही। मृत व्यक्ति के शरीर पर कुत्ते के करने के निशान थे। यही नहीं, शव का एक कान भी गायब था।

अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने कुत्ते को शव का जान चबाते हुए पाया। सुरक्षाकर्मियों ने जब कुत्ते को लाश नोचते हुए देखा, तब मालूम हुए कि व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने कुत्तों को भगाया। मृत व्यक्ति की पहचान कांता राव निवासी बित्रागुंता गांव झारुगुमल्ली मंडल प्रकाशम जिला के रूप में हुई।

अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से हुई व्यक्ति की मृत्यु के बाद रिश्तेदारों ने जमकर हंगामा किया। मृत व्यक्ति के रिश्तेदारों ने अस्पताल पर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया। जिसके बाद जांच में पाया गया कि मृत व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया था 

परिवारजनों ने अस्पताल के अधीक्षक पर आरोप लगते हुए कहा कि मृत व्यक्ति को इलाज के लिए भर्ती नहीं किया गया था। हालांकि, अभी साफ नहीं हुआ है कि अस्पताल ने किस वजह से मृत व्यक्ति को उपचार देने से मना किया और करीब पांच दिनों तक शेड के नीचे सोने क्यों सोने दिया। 

डॉ श्रीरामलू ने कहा कि, “हमारे रिकॉर्ड के अनुसार मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया था। व्यक्ति के परिवारजनों का कहना है कि 5 अगस्त को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एम्बुलेंस से उन्हें अस्पताल लाया गया था। उन्हें अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती नहीं किया, जिस वजह से उन्हें पुरानी कैंटीन के शेड के नीचे दिन गुजारने पड़े, जहां अक्सर बेघर लोग रहा करते हैं।

इसी क्रम में, पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षीय नेता चंद्रबाबू नायडू ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मानवीय गरिमा का उल्लघंन।” उन्होंने घटना को लेकर जगनमोहन रेड्डी की अगुवाई वाली सरकार के प्रबंधन को विफल बताया।

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