राजस्थान के उदयपुर सेंट्रल जेल में कैदी ने उकेरी तस्वीरें, मंदिर और घर जैसा बनाया

राजस्थान के उदयपुर सेंट्रल जेल में कैदी ने उकेरी तस्वीरें, मंदिर और घर जैसा बनाया

राजस्थान के उदयपुर की सेंट्रल जेल के एक कैदी ने जेल का कायाकल्प बदल दिया। दरअसल, राजस्थान के लेकसिटी उदयपुर की सेन्ट्रल जेल में सजा काट रहे एक कैदी ने जेल को मंदिर और घर जैसा बना दिया।

इतना ही नहीं, कैदी ने जेल के सभी दीवारों पर बहुत ही सुंदर तस्वीरें बनाईं हैं। देखने वाले को एहसास होता है कि जैसे ये दीवारे बोल रही हैं। दीवारों पर चित्रकारी करने वाले कैदी का नाम साधु राम है। यह भी पढ़ें: 5 साल से लगातार रोजाना 3 हजार से अधिक लोगों को मुफ्त में पानी पिला रहा है राजस्थान का यह शख्स

साधुराम है कैदी नंबर 259

कैदी साधुराम मूलरुप से पंजाब के सोडी नगर फिरोजपुर का रहने वाला है। साधुराम को जेल में कैदी नंबर 259 के रूप में पहचाना जाता है। साधुराम एनडीपीएस एक्ट राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ में 25 अगस्त 2015 को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने साधु राम को 12 साल की सजा दी। उदयपुर जेल लाने पर मार्च 2019 से वह रंगरोगन करने में लगा हुआ है। यह भी पढ़ें: 1 लाख 72 साल पहले ‌बहने वाली नदी के मिले सुराग, जानिए किस रेगिस्तान में बहती थी..

रुचि को देते हुए सौंपा गया काम: जेलर

उदयपुर सेंट्रल जेल के जेलर मानसिंह बारेठ ने बताया कि, जब साधुराम जेल में आया तब उससे उसकी रुचि के बारे में पूछा गया, तब उसने पेटिंग करना बहुत पसंद होने की बात कहीं थी। इसी वजह से जेल प्रशासन द्वारा रंग रोगन की अनुमति दी गई।

साधु राम ने जेल की सजा काटने के साथ-साथ जेल प्रशासन द्वारा दिए गए कलर और ब्रश से अलग-अलग प्रकार के तस्वीरे उकेरना शुरु किया। इसी वजह से आज उदयपुर की जेल की सूरत बदल गई है। कैदी साधुराम ने जेल की दीवार पर शिवाजी, महाराणा प्रताप, भगवान श्रीकृष्ण, मीराबाई और भारतमाता के कई तस्वीरों को उकेरा है। जेल प्रशासन ने कैदी साधुराम को जेल में चित्रकारी के लिए कलर और अन्य सामग्री दी है। यह भी पढ़ें: आँखों में कलेक्टर बनने का सपना लिए ऑनलाइन क्लास लेने रोज़ाना चढ़ते हैं पहाड़

साधुरापेटिंग को अपनी रोजी-रोटी का साधन

साधु राम के परिवार को कहना है कि, अब उनमें बहुत बदलाव आ चुका है। बाहर आने के बाद नई जिंदगी शुरू करेगा। साधु राम भी जेल से रिहा होने के बाद पेटिंग को अपनी रोजी-रोटी का साधन बनाना चाहता है। साधु राम के जेल में पेटिंग करने के फैसले से अन्य कैदियों को भी रोजगार का एक नया रास्ता खुल गया है। यह भी पढ़ें: राजस्थान के प्रहलाद मीणा की कहानी, रेलवे में गैंगमैन से IPS अफ़सर तक का सफ़र


Connect With US- Facebook | Twitter | Instagram

Leave a Reply