प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन, सबसे बड़े आर्थिक पैकेज का भी ऐलान

प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन, सबसे बड़े आर्थिक पैकेज का भी ऐलान- सूचना
Image credit: The Financial Express

कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम पांचवा संबोधन दिया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कई विषयों पर चर्चा की गई। इस संबोधन की खास रही प्रधानमंत्री द्वारा 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस पैकेज का ऐलान देश के हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने कहा कि राहत पैकेज की जानकारी वित्त मंत्री द्वारा विस्तार से दी जाएगी। मोदी ने अपने करीब आधे घंटे के संबोधन में लॉकडाउन के चौथे चरण के भी संकेत दिए हैं। लॉकडाउन का अगला चरण नए रंग रूप और नए नियमों वाला होगा। इस लॉकडाउन में क्या बदलाव आयेंगे यह राज्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर आधारित रहेगा। सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ विडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए लॉकडाउन संबंधी विषयों पर चर्चा हुई थी।

हालांकि लॉकडाउन के विषय पर प्रधानमंत्री मोदी ने ज़्यादा चर्चा नहीं की। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चौथे चरण की जानकारी 18 मई से पहले दे दी जाएगी।

बड़े आर्थिक पैकेज का एलान

प्रधानमंत्री मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का भी ऐलान किया है, जो कि भारत की जीडीपी का 10% है। यह विशेष आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा। हर वर्ग के लोगों के लिए आर्थिक पैकेज में महत्वपूर्ण ऐलान किया जाएगा। कल से आने वाले कुछ दिनों तक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित इस राहत पैकेज की जानकारी विस्तार से दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न वर्गों को आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को सहयोग मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि इस आर्थिक बजट से सभी सेक्टर का विकास होगा। यह पैकेज कुटीर उद्योग, लघु उद्योग और एमएसएमई के लिए है जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है। यह आर्थिक पैकेज देश के श्रमिक और किसानों के लिए है जो हर स्तिथि, हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन रात मेहनत कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, “यह पैकेज देश के मध्यमवर्गीय लोगों के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देते हैं और उन उद्योगपतियों के लिए भी है जो भारत को आर्थिक बुलंदियों तक पहुंचने के लिए संकल्पित है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 5 स्तंभों का किया ज़िक्र

मोदी ने अपने भाषण में आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने के लिए पांच स्तंभों का ज़िक्र किया। पहला स्तंभ इकॉनोमी, एक ऐसी इकॉनोमी जो व्रद्धिशील बदलाव नहीं, क्वांटम जंप लाए। दूसरा स्तंभ इंसफेक्ट्रक्चर, जो आधुनिक भारत की पहचान बने। तीसरा स्तंभ, सिस्टम, एक ऐसा सिस्टम जो बीती शताब्दी की रीति नहीं, 21वीं शताब्दी की टेक्नोलॉजी पर आधारित हो। मोदी ने चौथा स्तंभ डेमोग्राफी को बताते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की डेमोग्राफी आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है। पांचवा स्तंभ डिमांड, इसका चक्र और इसकी ताकत का इस्तेमाल किए जाने कि जरूरत है।

ऐसे की भाषण की शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि, “कोरोना संकट को 4 महीने से ज्यादा समय बीत गया है। दुनिया भर में लगभग 42 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और पौने तीन लाख से ज़्यादा लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है। अनेक परिवारों ने अपने स्वजन खोए हैं। एक वायरस ने पूरी दुनिया को तहस नहस कर दिया है। ऐसा संकट पहले कभी ना ही देखा है और ना ही सुना है। मानव जाति के लिए यह सब कुछ अकल्पनीय है। सभी नियमों का पालन करके हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है।”

प्रधानमंत्री ने भाषण को आगे बढ़ाते हुए कहा कि, “हम पिछली शताब्दी से सुनते आए हैं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की है। सदी भारत की हो यह सपना नहीं हम सभी की जिम्मेदारी भी है। इसका मार्ग एक ही है, आत्मनिर्भर भारत। हम अहम मोड़ पर खड़े हैं, इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संदेश लेकर आती है, एक अवसर लेकर आई है।” उन्होंने आगे कहा कि, “भारत के कल्याण का प्रभाव विश्व कल्याण की राह पर चला है। आज फिर भारत विकास की और सफलतापूर्वक कदम बड़ा रहा है। इस शताब्दी कि शुरुआत में वाई2के संकट आया था। उस समय भी भारत के वैज्ञानिकों ने दुनिया को इस संकट से उबारा था।दुनिया को भरोसा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है। आज हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन प्रतिभा है। हम बेस्ट प्रोडक्ट बनायेंगे, अपनी क्वालिटी को और बेहतर करेंगे। सप्लाई चैन को और मजबूत बनाएंगे। यह हम कर सकते हैं और जरूर करेंगे।” दुनिया द्वारा भारत के कामों की तारीफ का भी प्रधानमंत्री ने ज़िक्र किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में बताया कि कोरोना संकट से पहले भारत में एक भी पीपीई कि नहीं बनती थी, लेकिन अब हर रोज 2 लाख पीपीई किट और एन-95 मास्क का उत्पादन हो रहा है।

प्रधानमंत्री के पहले चार संबोधन

यह प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना महामारी के समय पांचवा भाषण था। इससे पहले प्रधानमंत्री 19 मार्च को पहला संबोधन देश के नाम दिया था जिसमें उन्होंने 22 मार्च को भारत की जनता से जनता कर्फ्यू की अपील की थी और शाम को देश की जनता से बिना घर के बिना बाहर निकले कोरोना फाइटर्स का ताली और थाली बजाकर आभार जताने को कहा था। इससे बाद प्रधानमंत्री ने दूसरा संबोधन 24 मार्च को किया था जिसमें 25 मार्च से 14 अप्रैल तक 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी। इसके बाद 3 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी ने एक विडियो संदेश जारी कर लोगों से घरों की लाइट बंद कर, घर की बालकनी में दिया, मोमबत्ती और मोबाइल की लाइट जलाकर एकजुटता दिखाने को कहा था। प्रधानमंत्री ने चौथा संबोधन 14 अप्रैल को किया था जिसमें 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया था।


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