पीएम मोदी ने अयोध्या में किया राम मंदिर का शिलान्यास, करोड़ों हिंदुओं का सपना हुआ पूरा

5 अगस्त 2020 की तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या में बहुप्रतीक्षित राम मंदिर का भूमि पूजन किया और मंदिर की नींव का पहला पत्थर रखा। 500 साल से करोड़ों हिंदू इस पवित्र क्षण के इंतजार में थे। उनकी आंखों में राम मंदिर का जो सपना पल रहा था, आज वह साकार हो गया। मंदिर के भूमि पूजन का मुहूर्त 12:44 बजे था, लेकिन उससे पहले ही पूरे विधि विधान के साथ इस महाआयोजन की शुरूआत हो गई। 12:07 बजे प्रधानमंत्री भूमि पूजन के लिए पहुंचे और दो मिनट के अंदर ही भूमि पूजन की शुरूआत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने राम जन्मभूमि मंदिर की नींव में नौ शिलाएं रखीं। जिस स्थान पर रामलला विराजमान थे, वहीं पर नौ शिलाएं रखी गई थीं, जिसे सफेद कपड़े से ढंका गया था। इन शिलाओं में नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता, पूर्णा, अजिता, अपराजिता, शुक्ला व सौभाग्यनी शामिल हैं। पूजन के बाद इन शिलाओं को राम मंदिर में सुरक्षित रखा जाएगा। नींव के लिए दोबारा गर्भगृह की खुदाई होने पर इन शिलाओं को रामलला के सिंहासन के ठीक नीचे रखवाया जाएगा। भूमि पूजन के साथ ही राम मंदिर निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।

Ayodhya Ram Mandir LIVE: Modi performs Bhumi Pujan at Ram ...
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सबसे पहले हनुमान गढ़ी पहुंचे पीएम

राम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास के लिए बुधवार सुबह पीएम मोदी अयोध्या पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने हनुमानगढ़ी पहुंचकर हनुमानजी की पूजा-अर्चना की। हनुमानजी को अयोध्या का कोतवाल कहा जाता है, इसलिए यहां सबसे पहले उन्हीं की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि हनुमानजी से अनुमति लिए बिना और उनकी पूजा के बिना भगवान राम के दर्शन और पूजन का लाभ नहीं मिलता। इसके बाद पीएम मोदी राम जन्मभूमि पहुंचे और भगवान श्रीराम को साष्टांग प्रणाम किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे। मंदिर में कुछ देर पूजा-अर्चना करने के बाद पीएम मोदी राम जन्मभूमि क्षेत्र के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री ने राम जन्मभूमि क्षेत्र में पारिजात का एक पौधा भी लगाया।

पीएम बोले, राम सबके हैं और सबमें हैं

भूमि पूजन के बाद पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि यहां निर्मित होने वाला राम मंदिर अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा। यह मंदिर मानवता को प्रेरणा देता रहेगा, राम सबके हैं, सबमें हैं। हमें आपसी प्रेम व भाईचारे के संदेश से राम मंदिर की शिलाओं को जोड़ना है, जब-जब राम को माना है विकास हुआ है जब भी हम भटके हैं विनाश हुआ है। सभी की भावनाओं का ध्यान रखना है, सबके साथ से और विश्वास से ही सबका विकास करना है. कोरोना के कारण जैसे हालात हैं, राम के द्वारा दिया गया मर्यादा का रास्ता जरूरी है।’ पीएम मोदी ने कहा कि हमें यह भी सुनिश्चित करना है कि भगवान श्रीराम का संदेश, राममंदिर का संदेश, हमारी हजारों सालों की परंपरा का संदेश, कैसे पूरे विश्व तक निरंतर पहुंचे। उन्होंने आगे कहा, ‘राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण भी था, तर्पण भी था, संघर्ष भी था, संकल्प भी था। जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से आज यह स्वप्न साकार हो रहा है, जिनकी तपस्या राममंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है, मैं उन सबको आज 130 करोड़ देशवासियों की ओर से नमन करता हूं।’ भूमि पूजन के बाद पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि यहां निर्मित होने वाला राम मंदिर अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा। यह मंदिर मानवता को प्रेरणा देता रहेगा, राम सबके हैं, सबमें हैं। भूमि पूजन के बाद पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि यहां निर्मित होने वाला राम मंदिर अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा। यह मंदिर मानवता को प्रेरणा देता रहेगा, राम सबके हैं, सबमें हैं। हमें आपसी प्रेम व भाईचारे के संदेश से राम मंदिर की शिलाओं को जोड़ना है, जब-जब राम को माना है विकास हुआ है जब भी हम भटके हैं विनाश हुआ है। सभी की भावनाओं का ध्यान रखना है, सबके साथ से और विश्वास से ही सबका विकास करना है. कोरोना के कारण जैसे हालात हैं, राम के द्वारा दिया गया मर्यादा का रास्ता जरूरी है।’ पीएम मोदी ने कहा कि हमें यह भी सुनिश्चित करना है कि भगवान श्रीराम का संदेश, राममंदिर का संदेश, हमारी हजारों सालों की परंपरा का संदेश, कैसे पूरे विश्व तक निरंतर पहुंचे। उन्होंने आगे कहा, ‘राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण भी था, तर्पण भी था, संघर्ष भी था, संकल्प भी था। जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से आज यह स्वप्न साकार हो रहा है, जिनकी तपस्या राममंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है, मैं उन सबको आज 130 करोड़ देशवासियों की ओर से नमन करता हूं।’

Image Credit : ABP News

साढ़े तीन साल में पूरा होगा मंदिर निर्माण

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने अयोध्या में साढ़े तीन साल में मंदिर निर्माण का लक्ष्य रखा है। मंदिर निर्माण का काम जानी-मानी कंपनी लार्सन एंड टूब्रो को सौंपा गया है। शुरुआती ढेड़ साल में मंदिर के भूमि तल का निर्माण कार्य पूरा करने का समय तय किया गया है। इसके बाद अगले दो सालों में ऊपरी दोनों तलों पर निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह से साढ़े तीन साल में मंदिर के शिखर तक के काम को पूरा कर लिया जाएगा। देशभर में जिन-जिन जगहों पर शिला पूजन हुआ है, उन सभी शिलाओं का इस्तेमाल राम मंदिर के निर्माण में किया जाएगा। अयोध्या के कारसेवक पुरम में बनाई गई कार्यशाला में जो पत्थर तराश के रखे गए हैं, उनका भी राम मंदिर के निर्माण में इस्तेमाल होगा। राम मंदिर के निर्माण का जो साढ़े तीन साल का लक्ष्य रखा गया है, उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि साल 2024 की रामनवमी तक मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा और श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन करने का मौका मिल सकेगा।


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