केरल में मृतक की तस्वीर लेने के दौरान फोटोग्राफर ने सुनी उसकी खर्राटे की आवाज़ और बचा ली जान

केरल के एर्नाकुलम में पुलिस कार्रवाई के लिए एक मृतक की तस्वीर ले रहे फोटोग्राफर ने उसकी जान बचाई। इस खबर को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। दरअसल फोटोग्राफर ने तस्वीर खींचते वक़्त मृत व्यक्ति के शरीर में हलचल महसूस की और पुलिस अधिकारियों को सूचित किया और गम्भीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रविवार को फोटोग्राफर टॉमी थॉमस को एडाथला जिले के कलामासेरी के पास बुलाया गया ताकि वह मृत व्यक्ति की तस्वीरें खींच सके। जब वह तस्वीरें लेने ही वाले थे उन्हें कुछ महसूस हुआ। कमरे में तस्वीर खींचने के लिये पर्याप्त उजाला नहीं था। वह लाइट स्विच दबाने के लिये झुके तभी उन्हें बहुत ही धीमी आवाज आई। पहले तो उन्होंने उसे नजरअंदाज़ कर दिया लेकिन गौर करने पर फिर वही धीमी आवाज सुनाई दी। उन्हें व्यक्ति के मृत होने पर शंका हुई और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को इस बात की सूचना दी। व्यक्ति के जिन्दा होने की पुष्टि करने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। व्यक्ति का नाम शिवदासन बताया गया है। सभी के लिये यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

पलक्कड़ का मूल निवासी शिवदासन कलमासरी के पास मनालीमुक्कू में किराए के मकान में अकेला रहते थे। पुलिस के अनुसार एक परिचित व्यक्ति शिवादासन से मिलने आया और दरवाजा ना खुलने के कारण उसने खिड़की से अन्दर झाँका और शिवदासन को जमीन पर अचेत पड़ा हुआ पाया। इस बात की जानकारी उसने पुलिस को दी।

मीडिया से बात करते हुए 48 वर्षीय टॉमी ने बताया कि वे पिछ्ले 25 साल से पुलिस के साथ इस तरह के मामलों में काम कर रहे हैं लेकिन अपने करियर में कभी भी इस तरह की कोई घटना नहीं देखी। उन्होंने बताया, “जब मैं घर के अन्दर गया तो देखा कि वह व्यक्ति फर्श पर मुँह के बल पड़ा हुआ है। उसे सर पर चोट लगी थी जिससे खून बहा था। हम लोग देर से पहुँचे थे इसलिए तब तक खून जम गया था। देखने में लग रहा था जैसे उस व्यक्ति का सिर बिस्तर के कोने से टकराया और वह बेहोश हो गया। तस्वीर खींचने के लिये कमरे में पर्याप्त उजाला नहीं था इसलिए मैं लाइट स्विच चालू करने के लिये उस व्यक्ति के ऊपर झुक गया क्योंकि लाइट स्विच उस के बगल में था। स्विच चालू करते वक़्त मुझे एक धीमी सी आवाज सुनाई दी। पहले तो मैंने आवाज के बारे में अधिक नहीं सोचा लेकिन कुछ सेकेंड बाद ही मेरे दिमाग में ख्याल आया और मैं तुरंत ही फर्श पर पड़े हुए व्यक्ति के पास झुका। कान लगाने पर कुछ सेकंड के बाद फिर से वही आवाज सुनाई दी। वह आवाज किसी धीमे खर्राटे जैसी थी।”

उन्होंने आगे बताया, “जब मैंने आवाज़ सुनी मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी के साथ उसे घुमाया और सीधा किया। उसके दिल की धड़कन बहुत ही मंद थी। एंबुलेंस को मौके पर बुलाया गया और उसे पास के अस्पताल में भेजा गया। वहाँ से उसे उपचार के लिए दूसरे अस्पताल ले जाया गया।” टॉमी ने अपने फोटोग्राफी करियर में कभी भी ऐसा कुछ अनुभव नहीं किया है। इस घटना को वे किसी चमत्कार से कम नहीं मानते।

एडथला पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने कहा, “शिवदासन पिछले तीन दिनों से काम पर नहीं गया था तो एक व्यक्ति उसके घर आया। जब उसके खटखटाने पर शिवदासन ने दरवाजा नहीं खोला तब उस व्यक्ति ने एक खुली खिड़की से देखा कि शिवदासन फर्श पर पड़ा हुआ था और उसके सिर से खून निकला हुआ था। उसने पुलिस को यह बताया कि शिवदासन अपने घर में मृत पड़ा हुआ है।”

इस मामले की जानकारी लगने पर पड़ोसी जल्द ही घटनास्थल पर पहुंच गए लेकिन कोरोना संक्रमण के डर से दरवाजा नहीं तोड़ा। दरअसल केरल में कोरोना के ऐसे कई मामले सामने आयें हैं जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। साथ ही साथ उनकी भी कोरोनावायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आई है जो मृत कोरोना संक्रमित लोगों के सम्पर्क में आये थे। एडथला क्षेत्र में भी ऐसे मामले सामने आए हैं।

हालाँकि पुलिस अधिकारियों ने भी मौके पर आकर दरवाजा तोड़ा क्योंकि उनके पास सुरक्षा गियर नहीं थे इसलिए उन्होंने एम्बुलेंस के लिए कॉल किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिवदासन का जुबली मिशन अस्पताल में NICU में इलाज चल रहा है।


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