महाराष्ट्र: कोरोना से बचे मजदूर तो रेल ने रोंदा, 16 की मौत, 3 घायल

Maharashtra: Workers left from Corona, Ronda in rail, 16 dead!- Soochna
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महाराष्ट्र: औरंगाबाद जिले में शुक्रवार सुबह 5:15 बजे अपने घर की ओर जा रहे 16 मजदूर माल गाड़ी की चपेट में आकर मौत कि नींद सो गए। यह ट्रेन हैदराबाद के समीप चेरलापल्ली से नासिक के नजदीक पनेवाडी स्टेशन की ओर रवाना हुई थी।

20 मजदूर महाराष्ट्र के जालना से भुसावल की ओर मध्यप्रदेश में अपने घर लौट रहे थे। इनमे से कुछ शहडोल, उमरिया और कटनी जिले के रहने वाले थे। इनमें से कुछ मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के भी रहने वाले थे। पहले ये मजदूर अपना सफर सड़क के रास्ते तय कर रहे थे, मजदूरों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन की उम्मीद में ट्रेन की पटरी के किनारे चलने लगे। करीब 36 किलोमीटर पैदल चलने के बाद मजदूरों ने ट्रेन की पटरी पर ही बैठकर खाना खाया और वहीं सो गए। कुछ मजदूर पटरी से थोड़ी दूरी पर सोए हुए थे।

माल गाड़ी के लोको पायलट के मुताबिक कुछ दूर पहले उन्हें यह ज्ञात हो गया था कि कुछ मजदूर पटरी पर लेटे हुए हैं। रेल मंत्रालय के मुताबिक लोको पायलट ने ट्रेन को रोकने की पूरी कोशिश की लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण ट्रेन नहीं रुकी और मजदूरों को रौंद दिया।

सिर्फ़ 4 मजदूर ही ज़िंदा बच सके। ज़िंदा बचे मजदूरों ने घटना स्थल के पास बने एक घर में जाकर पुलिस को फोन कर मामले की सूचना दी। उनमें से एक मजदूर के कहा कि यकीन नहीं हो रहा है कि जिनके साथ घर की ओर निकले थे, साथ बैठकर खाना खाया उन्हीं की लाशें सामने पड़ी हुई हैं। कुछ में से मेरे बेहद करीबी थे, अब इनके घरवालों को क्या जवाब दूंगा।

घर की ओर निकलने से पहले तकरीबन 150 रोटियां और एक टिफिन चटनी साथ लेकर चले थे। सुबह हादसे के बाद लाशें दूर ओर रोटियां ट्रैक के नजदीक बिखरी हुई पड़ी थीं।

महाराष्ट्र: कोरोना से बचे मजदूर तो रेल में रोंदा, 16 की मौत!- सूचना
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हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे के बाद ट्वीट कर दुख जताते हुए कहा कि रेल मंत्री पीयूष गोयल से बातचीत कर स्तिथि पर बारीकी से निगरानी रख रहे है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्रेन हादसे में मारे गए मजदूरों के अंतिम संस्कार के लिए एक स्पेशल टीम औरंगाबाद भेजी और मृतकों को 5-5 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।

वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने भी मृतक के परिजनों को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की है।

कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के चलते मजदूरों का काम धंधा बंद हो गया है, ना मजदूरों के पास रहने की जगह ओर ना ही खाने का कोई इंतजाम है। ऐसे में हर कोई अपने घर की ओर जाना चाहता है।


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