तेलंगाना में एक लाख रुपए का बिल नहीं चुकाने पर अस्पताल ने महिला डॉक्टर को बनाया बंधक

कोरोना महामारी के बीच देशभर से डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की कई खबरें सामने आई हैं। कोरोना के मरीजों के इलाज में जुटे डॉक्टरों, नर्सों को अपने साथ काम करने वाले लोगों से लेकर आम जनता का भी बुरा बर्ताव झेलना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला तेलंगाना से भी सामने आया है। तेलंगाना के हैदराबाद में एक निजी अस्पताल ने 1.15 लाख रुपए के बिल का भुगतान न करने पर कोरोना संक्रमित एक महिला डॉक्टर को बंधक बना लिया। यह सरकारी डॉक्टर कोरोना के मरीजों के इलाज के दौरान खुद इस वायरस से संक्रमित हो गई थीं।

Image Credit : OpIndia

एक दिन के लिए अस्पताल ने मांगे एक लाख रुपए

पत्रकार औशनी मजूमदार ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें यह महिला डॉक्टर रोते हुए बताती हैं कि उन्हें उचित इलाज नहीं मिल रहा है। पीड़ित डॉ. असरा सुल्ताना नल्लाकुंटा के सर रोनाल्ड रॉस इंस्टीट्यूट फॉर ट्रॉपिकल एंड कम्युनिकेबल डिसिजेज में सिविल असिस्टेंट सर्जन हैं। पुलिस को दिए गए एक पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि जिस निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, उसने एक दिन के इलाज के लिए एक लाख रुपए की मांग की है। डॉक्टर ने यह आरोप भी लगाया है कि उन्होंने अस्पताल से 50 हजार रुपए लेने और बाकी के पैसे बाद में लेने की अपील की, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इनकार कर दिया।

महिला डॉक्टर को चुकाने पड़े 1.19 लाख रुपए

रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉ. सुल्ताना ने 18 जून तक कोरोना मरीजों और संदिग्धों का इलाज किया। इसके बाद वह खुद संक्रमण की चपेट में आ गईं। 24 जून को कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से वह अपने घर पर ही आइसोलेशन में रहीं। 2 जुलाई को सांस लेने में दिक्कत होने पर वह एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गईं। डॉ. सुल्ताना डायबिटीज और हाइपरटेंशन की मरीज हैं। एसएचओ को लिखे पत्र में डॉ. सुल्ताना ने लिखा कि अस्पताल ने उनका ठीक से इलाज नहीं किया और वहां की नर्सें भी गैर-जिम्मेदार हैं। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि उन्होंने 40 हजार रुपए भर दिए, लेकिन उनके पास और पैसे नहीं थे तो अस्पताल प्रशासन ने कई घंटों तक उन्हें बंधक बनाए रखा। इसके बाद उनके भाई वहां आए और बाकी के पैसे जमा किए, तब जाकर उन्हें वहां से जाने की इजाजत मिली। डॉ. सुल्ताना ने कहा कि आखिरकार हमें अस्पताल को एक दिन के इलाज के लिए 1.19 लाख रुपए चुकाने पड़े।

पैसे नहीं भरने पर डॉक्टर को बनाया बंधक

डॉ. सुल्ताना 2 जुलाई को चादेरघाट के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल ने एक दिन के इलाज के लिए 1.19 लाख रुपए वसूल किए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से बिल के भुगतान पर दोबारा सोचने को कहा क्योंकि वह खुद कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में आगे रही हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी। एक दिन बाद बिल के पैसे बढ़ाकर 1.4 लाख कर दिए गए। 3 जुलाई को 1.3 लाख रुपए चुकाने के बाद ही डॉ. सुल्ताना को अस्पताल से छुट्टी मिल पाई। वहीं अस्पताल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि डॉ. सुल्ताना को अस्पताल में भर्ती होने के दौरान जो सेवाएं और दवाएं दी गईं, उन्हीं के पैसे उनसे लिए गए।

संक्रमण के मामले में छठे नंबर पर तेलगांना

तेलंगाना कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित कुछ राज्यों में से एक है। प्रोफेसर शमिका रवि के एक अध्ययन में बताया गया है कि राज्य में रोजाना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। टेस्ट की रफ्तार काफी धीमी है और 100 टेस्ट में से 19 पॉजिटिव मामले ही सामने आ रहे हैं। प्रोफेसर शमिका इस बात पर जोर देती हैं कि तेलंगाना को टेस्टिंग में तेजी लानी होगी और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को भी बढ़ाना होगा। उनके अध्ययन के मुताबिक, तेलंगाना में टेस्ट काफी कम हो रहे हैं और संक्रमण की दर काफी ज्यादा है।

26 जून तक तेलंगाना में 10 लाख नागरिकों पर सिर्फ 1802 टेस्ट हो रहे थे। यह आंकड़ा संक्रमण फैलने की दर के मुकाबले काफी खराब है। सोमवार तक राज्य में संक्रमण के 10,904 सक्रिय मामले थे, वहीं इलाज के बाद ठीक हो चुके लोगों की संख्या 12,703 है। कुल मिलाकर तेलंगाना अब तक कोरोना से से बुरी तरह प्रभावित राज्यों में छठे नंबर पर है।


Connect With US- Facebook | Twitter | Instagram

Leave a Reply