कोरोना के खिलाफ 'आधी लड़ाई' जीता केरल, पॉजिटिव मामलों में कमी, निगेटिव मामले ज्यादा

कोरोना वायरस के खिलाफ केरल की सख्ती के परिणाम अब दिखने लगे हैं। राज्य में पॉजिटिव केसों की संख्या घटने लगी है। साथ ही हर दिन ठीक होने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। कोरोना के खिलाफ काम आ रही केरल की लड़ाई, घटने लगी कोरोना संक्रमितों की संख्या पिछले तीन दिनों में केरल में 55 कोरोना संक्रमित ठीक हुए, मंगलवार को सिर्फ 1 पॉजिटिव केस। केरल में अब तक कुल 379 मामलों में से 178 ठीक हो चुके हैं, केरल में सिर्फ दो लोगों की हुई मौत।

Kerala wins 'half fight' against Corona, decrease in positive cases, negative cases more
कोरोना के खिलाफ केरल ने 'आधी लड़ाई' जीती, सकारात्मक मामलों में कमी, नकारात्मक मामले अधिक
Image credit: Navbharat Times

केरल कोच्ची

भारत में कोरोना का पहला मामला केरल में सामने आया था। अब धीरे-धीरे केरल ही कोरोना के खिलाफ जंग में तेजी से जीत रहा है। यहां पॉजिटिव मामलों की संख्या तेजी से घट रही है। जिनके टेस्ट भी किए जा रहे हैं, उसमें भी ज्यादातर निगेटिव ही आ रहे हैं। राज्य में अबतक कुल 379 कोरोना संक्रमित हैं, जिसमें से 178 ठीक हो चुके हैं। कोरोना कॉन्टैक्ट्स को आइसोलेशन में भेजने, संक्रमितों को ट्रेस करने और लॉकडाउन के बाद राज्य में कोरोना के मामलों में कमी आई है।

सोमवार को केरल में कोरोना के सिर्फ तीन मामले सामने आए। इस बारे में सीएम पिनराई विजयन ने कहा, ‘कन्नूर में दो और पलक्कड़ में एक नया मामला सामने आया है। कुल पॉजिटिव केसों की संख्या 379 हो गई है। अब तक 15,684 सैंपल की जांच हुई है, जिसमें से 14829 टेस्ट निगिटेव पाए गए हैं। अब पॉजिटिव केसों की संख्या घट रही है और निगेटिव केसों की संख्या बढ़ रही है।’

ट्रेसिंग, आइसोलेशन और लॉकडाउन का मिला फायदा

केरल में शुरुआत में काफी तेजी से मामले सामने आने के बाद ही प्रशासन काफी अलर्ट हो गया था। संक्रमितों के साथ-साथ उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान की गई। इन सभी लोगों को क्वारंटीन में भेजा गया। हॉट स्पॉट की पहचान करके इलाकों को सील किया गया और हर तरह के संपर्क को रोक दिया गया। इसी के नतीजे अब सामने आ रहे हैं।

कोरोना के सैंपल के लिए लगाए मोबाइल कियोस्क

केरल ने कोरोनावायरस के परीक्षण के लिए एक मोबाइल वॉक-इन कियोस्क स्थापित किया है। कियॉस्क के सामने एक ग्लास है और नमूनों को इकट्ठा करने के लिए दस्ताने का एक विस्तारित सेट है। अंदर से एक व्यक्ति इसके माध्यम से स्वाब के नमूने एकत्र कर सकता है। स्वाब संग्रह के बाद, दस्ताने को बाहर से साफ किया जा सकता है। जब देश भर के मेडिकल स्टाफ गैर-उपलब्धता या पीपीई की कम संख्या पर आवाज उठा रहे हैं, जो उन सभी के लिए आवश्यक हैं, जो COVID-19 रोगियों का इलाज कर रहे हैं।

लॉकडाउन का भी केरल को काफी फायदा हुआ। इन सभी प्रयासों का फल इस रूप में मिला कि राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या सिर्फ 379 तक ही पहुंच सकी है। सबसे अच्छी बात है कि केरल में सिर्फ दो लोगों की कोरोना के च लते जान गई है। कुल 178 लोग कोरोना संक्रमित होने के बाद ठीक भी हो चुके हैं।

तीन दिन में 55 लोग हुए ठीक

अब हर दिन ज्यादा संख्या में लोग ठीक हो रहे हैं। शनिवार को 19 लोग और रविवार को 36 लोग कोरोना से ठीक हो गए थे। अब राज्य में सिर्फ 198 लोग ही कोरोना संक्रमित बचे हुए हैं। इन सभी का इलाज चल रहा है। इसके अलावा 1.23 लाख लोग निगरानी में हैं और 714 लोग अलग-अलग अस्पतालों के आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती हैं।


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