जम्मू-कश्मीर: महिला सरपंच का अपहरण कर सरपंच पद छोड़ने के लिए धमकाया

उत्तर कश्मीर के सोपोर इलाके की महिला सरपंच जाहिदा का आतंकवादी संगठन ‘दा रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने अपहरण कर लिया था। उनका अपहरण कर सरपंच पद छोड़ देने के लिए दवाब बनाया गया। यह घटना 12 जून की है। 

बीते दिनों कश्मीर घाटी में अनंतनाग जिले के इकलौते हिन्दू सरपंच अजय पंडित की उनके घर से 50 मीटर दूरी पर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के कुछ दिनों बाद ही लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी संगठन ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। इसके कुछ दिनों बाद ही महिला सरपंच जाहिदा का अपहरण कर सरपंच पद को छोड़ने के लिए धमकाया गया था। माना जा रहा है कि आतंकियों ने घटना का वीडियो भी शूट किया है।

पत्रकार आदित्य राज कौल ने ट्वीट करते हुए घटना की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, उत्तर कश्मीर के सोपोर इलाके में महिला सरपंच का लश्कर के आतंकियों द्वारा अपहरण कर लिया गया क्योंकि वह जन कल्याण हेतु कार्य कर रहीं थीं। बीते शुक्रवार को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी हैदर और स्थानीय बदमाशों ने मिलकर अपहरण किया और धमकाया है। वीडियो वॉट्सएप पर वायरल हुई है।

बीजेपी सरपंच ने बताया जान को खतरा, केंद्र से मांगी मदद

स्थानीय बीजेपी नेता और दक्षिण कश्मीर में सरपंच जिला विजय रैना ने उनकी जान को खतरा बताया है। उन्होंने दावा किया है कि वह घाटी में आतंकियों के निशाने पर हैं। विजय रैना कुलगाम जिले में सरपंच के साथ ही बीजेपी के जिलास्तरीय प्रवक्ता भी हैं। 

विजय रैना ने 11 जून को ट्वीट किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से सुरक्षा के लिए गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि उनके दोस्त रहे अजय पंडित को मार दिया गया है। आतंकियों का अगला शिकार मैं हो सकता हूं। कई बार सहायता मांगने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और पार्टी हाई कमांड द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कृपया मदद करें।

9 जून को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठन ‘दा रेजिस्टेंस फ्रंट’, दक्षिण कश्मीर में कश्मीरी सरपंच अजय पंडित की हत्या की जिम्मेदारी ले चुका है। अजय पंडित अनंतनाग जिले के लोकबोवान लारकिपोरा इलाके के कांग्रेस पार्टी से निर्वाचित सरपंच थे। 

पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादी संगठन ‘दा रेजिस्टेंस फ्रंट’, लश्कर-ए-तैयबा का ही प्रॉक्सी नाम है। यह संगठन विशेष प्रोपेगैंडा के तहत पिछले कुछ महीनों से कश्मीर में सक्रिय है। इस आतंकवादी संगठन ने एक बयान जारी कर चेतावनी दी कि कोई भी सत्ताधारी राजनेता अगर शासन के साथ मिलकर काम करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। अजय पंडित उनमें से एक थे। यह हमारे जम्मू कश्मीर में व्यावसायिक शासन बने रहने का मुख्य कारण है।

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