पीएम ने की मन की बात, देशवासियों से मांगी माफी

देशभर में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है। इसी बीच रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश के लोगों को संबोधित किया। पीएम ने कहा कि इस संकट में देश के सामने बड़ी चुनौती है। उन्होंने एक बार फिर अपील की कि बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए लोग घर पर ही रहें और सुरक्षित रहें। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई जिंदगी और मौत की जंग की तरह है।

Mann ki Baat: PM Narendra Modi's 'Mann ki Baat' to resume on June 30
Image Credit : Economic Times

देशवासियों से मांगी माफी

लॉकडाउन के लिए लोगों से माफी मांगते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं इन कठोर कदमों के लिए आपसे माफी चाहता हूं, जिन्होंने आपके जीवन में कठिनाइयों को जन्म दिया है, खासकर गरीब लोगों को। मुझे पता है कि आपमें से कुछ मुझसे नाराज भी होंगे, लेकिन इस लड़ाई को जीतने के लिए लॉकडाउन जैसे कठोर उपायों की जरूरत थी।

लोगों को सुरक्षित रखना जरूरी

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई कठिन है। यह वायरस ज्ञान-विज्ञान, अमीर-गरीब, मजबूत-कमजोर सबको एक जैसी चुनौती दे रहा है। यह किसी भी देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है, न ही यह क्षेत्र या मौसम में भेद करता है। इसीलिए भारत के लोगों को सुरक्षित रखना ज़रूरी है। उन्होंने आगे कहा कि हमें इस मुश्किल समय में कोरोनावायरस से लड़ रहे डॉक्टरों, नर्सों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

कोरोनावायरस के पीड़ितों ने बताया अनुभव

कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने हैदराबाद के एक आईटी प्रोफेशनल रामगम्पा तेजा से बात की, जिन्होंने कोरोना को सफलतापूर्वक हराया है। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह जानने पर कि मैं COVID-19 पॉजिटिव था, मैं तुरंत आइसोलेशन में चला गया। ठीक होने के बाद भी मैं कुछ दिनों के लिए अकेला रहना पसंद करता हूं। मैं अब नियमित रूप से अपने हाथ धोता हूं। इसके बाद पीएम ने अशोक कपूर नाम के एक बुजुर्ग से भीबात की, जिनके परिवार के छह लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। हालांकि इलाज के बाद अब वे सभी ठीक हैं।

डॉक्टरों से भी की बातचीत

इसके बाद पीएम ने कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों का इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी बात की। इस दौरान डॉ. नितीश गुप्ता ने बताया कि जिस तरह हमारी सेना सरहद पर लड़ती है, उसी तरह हम भी लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में हो रही मौतों के बारे में सुनकर लोग घबरा रहे हैं। हमें उन्हें बताना होगा कि वे 14 दिन में ठीक होकर अपने घर जा सकते हैं। पीएम ने दिन-रात अस्पतालों में जुटे डॉक्टरों, नर्सों व पैरामेडिकल स्टाफ का धन्यवाद भी किया।

सोशल डिस्टेंस बढ़ाएं, इमोशनल डिस्टेंस घटाएं

पीएम ने लॉकडाउन के बीच लोगों तक राशन, बिजली, पानी व जरूरत का अन्य सामान पहुंचा रहे लोगों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह समय इंसानियत दिखाने का है। गरीबों का भी खयाल रखिए, संभव हो सके तो उन्हें भोजन उपलब्ध कराइए। पीएम मोदी ने लोगों से सोशल डिस्टेंस बढ़ाने और इमोशनल डिस्टेंस घटाने को कहा। उन्होंने कहा कि इस वक्त आप अपने सगे-संबंधियों, पुराने दोस्तों, परिचितों से बात कर सकते हैं या अपने शौक पूरे कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि अगली बार जब हम इस कार्यक्रम में मिलेंगे तो इस चुनौती से उबर चुके होंगे।


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