फेयर एंड लवली क्रीम में से ‘फेयर’ शब्द हटाएगा हिंदुस्तान यूनीलीवर

फेयर एंड लवली क्रीम में से ‘फेयर’ शब्द हटाएगा हिंदुस्तान यूनीलीवर
Image Credit : Zee News

जानी-मानी एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनीलीवर ने अपनी फेयरनेस क्रीम ‘फेयर एंड लवली’ (Fair & Lovely) का नाम बदलने की योजना बनाई है। कंपनी ने फेयर एंड लवली में से ‘फेयर’ शब्द हटाने की बात कही है। इसके बाद आने वाली फेयर एंड लवली क्रीम अलग-अलग रंगों की त्वचा वाली महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर केंद्रित होगी। कंपनी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस क्रीम का नया नाम सभी की मंजूरी के बाद तय किया जाएगा। कंपनी के इस फैसले का कारण दुनिया भर में रंगभेद के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को माना जा रहा है। हाल ही में त्वचा के रंग से संबंधित नकारात्मक रूढ़ियों को बढ़ावा देने को लेकर कंपनी को भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

कंपनी ने नए नाम के लिए किया आवेदन

ग्लोबल कंज्यूमर कंपनी यूनीलीवर की भारतीय इकाई हिंदुस्तान यूनीलीवर ने गुरुवार को कहा कि वह अपनी स्किन क्रीम की रीब्रांडिंग करने जा रही है। कंपनी पर त्वचा का रंग और गहरे रंग की त्वचा को लेकर दशकों से दुराग्रह पैदा करने का आरोप लगता रहा है, जिसके बाद आखिरकार कंपनी ने यह फैसला लिया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हम एक स्किन केयर पोर्टफोलियो के लिए प्रतिबद्ध हैं जो सौंदर्य की विविधता का जश्न मनाते हुए सभी स्किन टोन को शामिल करता है। इसीलिए हम अपने उत्पादों से ‘सफेदी’ और ‘लाइटनिंग’ शब्द हटा रहे हैं। हम अपने उत्पाद सभी स्किन टोन के लोगों के लिए बनाते हैं। ऐसे में हमें अपनी भाषा बदलने की जरूरत है। कंपनी ने यह भी बताया कि उसने नए नाम के लिए अप्लाई किया गया है, जिसके लिए अभी रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिला है।

45 साल पहले लॉन्च हुई थी फेयर एंड लवली

हिंदुस्तान यूनीलीवर ने साल 1975 में फेयर एंड लवली नाम की फेयरनेस क्रीम लॉन्च की थी। देश में फेयरनेस क्रीम के बाजार का 50-70 फीसदी हिस्सा फेयर एंड लवली के पास ही है। फेयर एंड लवली ने साल 2016 में 2000 करोड़ क्लब में कदम रखा, जिससे पता चलता है कि भारत में फेयरनेस क्रीम की कितनी भारी मांग है। हालांकि इससे पहले कई बार इस तरह के फेयरनेस प्रोडक्ट्स पर पाबंदी लगाने की मांगें उठ चुकी हैं। कई बॉलीवुड स्टार्स फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन करने से भी इनकार कर चुके हैं। इनमें कंगना रनौत सहित रणबीर कपूर, स्वरा भास्कर, रणदीप हुड्डा और तापसी पन्नू का नाम भी शामिल है। स्वरा भास्कर का मानना है कि क्रीम के जरिए फेयरनेस लाने वाली बातें हमारे दिमाग में नकारात्मकता लाती है। इसलिए वे ऐसे विज्ञापन नहीं करेंगी।

पूरी दुनिया में चल रहा रंगभेद के खिलाफ आंदोलन

आपको बता दें कि इस वक्त पूरी दुनिया में रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। अमेरिका में एक अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत होने के बाद अमेरिका सहित पूरी दुनिया में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस प्रदर्शन को ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ का नाम दिया गया है। कई भारतीय हस्तियों ने भी इन प्रदर्शनों का समर्थन किया है। प्रियंका चोपड़ा, करण जौहर और करीना कपूर खान सहित कई स्टार्स ने ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ हैशटैग के जरिए अश्वेतों के आंदोलन का समर्थन किया था। वहीं एक्टर अभय देओल ने इन स्टार्स पर तंज कसते हुए कहा था कि इस आंदोलन का समर्थन करने से पहले उन्हें अपने देश में हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने बॉलीवुड स्टार्स के फेयरनेस क्रीम और अन्य प्रोडक्ट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सेलेब्स से पूछा था, ‘क्या वे फेयरनेस क्रीम को बढ़ावा या समर्थन देना बंद करेंगे?

फेयर एंड लवली क्रीम में से ‘फेयर’ शब्द हटाएगा हिंदुस्तान यूनीलीवर
Image Credit : Forbes

अपराध माने जाएंगे फेयरनेस क्रीम के विज्ञापन

फेयरनेस क्रीम को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) (संशोधन) विधेयक, 2020 के नए मसौदे के तहत अपराध घोषित किया गया है। इस तरह के मामलों में 10 लाख रुपए तक का जुर्माना और दो साल कैद की सजा का भी प्रावधान है। हिंदुस्तान यूनीलीवर से पहले अमेरिका की हेल्थकेयर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने भी अपने पॉपुलर फेयरनेस प्रोडक्ट्स की एशिया और मिडिल ईस्ट में बिक्री बंद करने का फैसला किया था। हाल के दिनों में नस्लीय असमानता पर वैश्विक बहस के कारण सामाजिक दबाव बढ़ने के चलते कंपनी ने यह फैसला किया था। दुनिया की कई बड़ी कंपनियां महिलाओं के लिए फेयरनेस प्रोडक्ट बनाती हैं। इनमें यूनीलिवर, प्रॉक्टर एंड गैंबल, लॉरियाल आदि कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां फेयर एंड लवली, ओले और गार्नियर ब्रांड के नाम से फेयरनेस क्रीम की बिक्री करती हैं। फेयरनेस प्रोडक्ट्स की बिक्री पर नजर रखने वाली यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल के मुताबिक पिछले साल पूरी दुनिया में 6277 टन फेयरनेस क्रीम्स की बिक्री हुई थी।


Connect With US- Facebook | Twitter | Instagram

Leave a Reply