आत्मनिर्भर भारत अभियान: चौथे दिन रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म पर फोकस

FM Nirmala Sitharaman to announce 4th tranche of Atmanirbhar Bharat package Cheaper air travel, higher defence FDI, commercial coal mining among major reforms- Soochna
Image credit: Times of India

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लगातार चौथे दिन आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का चौथा ब्रेकअप बताया। वित्त मंत्री ने कोयला, मिनरल्स, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, एयर स्पेस, सोशल इन्फ्रांस्ट्रक्चर, अंतरिक्ष और पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन समेत अन्य सेक्टरों में घोषणाएं की हैं।

कोयला सेक्टर में अब सरकार द्वारा प्राइवेट कंपनियों को माइनिंग की इजाज़त दी जाएगी। कोई भी कंपनी माइनिंग के लिए बोली लगा सकेगी और बाद में कोयला ओपन मार्केट में बेच सकती है। इस फैसले के बाद सरकार का एकाधिकार नहीं रहेगा और निजी कंपनियों को फायदा होगा। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 2023-24 तक 1 अरब टन कोयला का उत्पादन होगा। सरकार द्वारा 50 हज़ार करोड़ रुपए इन्फ्रांस्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर निवेश किए जाएंगे। अगर निजी कंपनियां कोयले को गैस में बदलती है तो अलग से इंसेंटिव भी दिया जाएगा। कंपनियों को सिर्फ माइनिंग से होने वाला राजस्व ही सरकार के साथ साझा करना पड़ेगा।

सरकार के द्वारा डिफेंस के क्षेत्र में बड़ा फैसला लिया गया है। डिफेंस प्रोडक्शन में अब एफडीआई 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दिया गया है। जो हथियार इंपोर्ट किए जाते थे, अब उन्हें देश में ही खरीदा जा सकेगा। देश में अब तक स्पेयर पार्ट्स इंपोर्ट किए जाते थे लेकिन अब डिफेंस कंपनियां हथियार बना सकती है जिससे उन्हें फायदा होगा।

पिछले कुछ सालों में भारत में हुए स्पेस सेक्टर के विकास का लोहा आज पूरी दुनिया मानती है। सरकार ने स्पेस सेक्टर में अब प्राइवेट कंपनियों को काम करने की मंजूरी दे दी है। जो कंपनियां सैटेलाइट बना सकती है या लॉन्च करने की काबिलियत रखती हैं वे भारतीय स्पेस सेक्टर में योगदान दे सकती हैं। अब स्पेस ट्रैवल या ग्रहों की खोज जैसे प्रोजेक्ट में निजी कंपनियां भी इसरो के साथ काम कर सकेंगी।

सरकार ने सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के ढांचे को मजबूत करने के लिए 8100 करोड़ रुपए निवेश करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत स्कूल और अस्पतालों को और भी बेहतर बनाया जाएगा। अगर पैसा कम पड़ता है तो 30 प्रतिशत फंडिंग राज्य सरकार या केंद्र सरकार देगी।

हैल्थ सेक्टर और एग्रीकल्चर सेक्टर में काम करने वाली कंपनी या संस्थानों में विकास करने के लिए टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और इंक्यूबेशन सेंटर बनाए जाएंगे। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए रिसर्च रिएक्टर शुरू कर प्याज़, फल और सब्जी को लंबे समय तक सहेजकर रखने के तरीकों पर रिसर्च हो सकेगी।

सरकार द्वारा 500 माइनिंग ब्लॉक्स की नीलामी की जाएगी। कैप्टिव और नॉन कैप्टिव खदानों के बेच का फर्क खत्म कर निजी कंपनियों के लिए खोला जाएगा। बॉक्साइट और कोल मिनरल की साथ में ही ऑक्शनिंग होगी जिससे एल्युमिनियम इंडस्ट्री को फायदा मिलेगा। हालांकि सरकार ने अभी साफ नहीं किया है कि योजना पर अमल कब तक किया जाएगा।

केंद्र सरकार केंद्र शासित राज्यों में पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन का काम प्रवेटाइज कर निजी कंपनियों को सौंपने की योजना बना रही है। उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे जिससे कंपनियों को समय पर पेमेंट मिल सकेगा। अगर पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां संकट में होगी तो इस का प्रभाव उपभोक्ताओं पर नहीं होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एयर स्पेस से जुड़ी तीन बड़ी घोषणाएं की हैं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय एयर स्पेस के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा की है जिससे विमानन क्षेत्र को प्रति वर्ष लगभग 1000 करोड़ का ज़्यादा मुनाफा होगा। जिससे एयरलाइन कंपनियों और यात्रियों को फायदा पहुंचेगा। समय और इधन दोनों की बचत होगी। अब तक सिर्फ़ 60 प्रतिशत एयर स्पेस का ही इस्तेमाल किया जाता था।

देश के कुल 12 एयरपोर्ट में निजी कंपनियों के जरिए 13 हज़ार करोड़ का निवेश आयेगा। प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप मॉडल के आधार पर देश के कुल 6 एयरपोर्ट की नीलामी की जाएगी जिससे अब निजी कंपनियों को भी निवेश करने का मौका मिलेगा।

सरकार एयरपोर्ट के मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल के लिए टैक्स व्यवस्था को आसान बनाने के लिए योजना तैयार कर रही है जिसमें सरकार 2 हज़ार करोड़ का निवेश करेगी और निजी कंपनियों को सेवा देने का मौका मिलेगा।


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