वित्त मंत्री ने जारी की आत्मनिर्भर भारत योजना की दूसरी किस्त

Finance Minister Nirmala Sitharaman focuses on migrants, self-employed and small farmers in 2nd tranche of Atmanirbhar Bharat package- Soochna
Image credit: First India News

गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत दूसरे राहत पैकेज के दूरी किस्त का एलान किया। कोरोना महामारी की वजह से देश की चरमराई हुई अर्थव्यस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए वित्त मंत्री ने आज खास तौर पर किसान, प्रवासी मजदूर और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए बड़ी राहत का एलान किया है। यह वित्त मंत्री द्वारा कि जा रहीं घोषणाओं का दूसरा हिस्सा था।

बुधवार को वित्त मंत्री ने MSME, रियल एस्टेट, बिजली सेक्टर सहित 6 अन्य बड़ी राहत का एलान किया था। वित्त मंत्री द्वारा कि गई घोषणाओं से 67 करोड़ गरीब, 8 करोड़ प्रवासी मजदूर, 5.5 करोड़ किसान, 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स, 37 लाख छोटे व्यापारी व 2.5 लाख माध्यम वर्गीय परिवारों को फायदा पहुंचेगा।

राहत पैकेज के अलावा किसानों के लिए इंटरेस्ट सब्वेंशन स्कीम की अवधि 31 मई तक बढ़ाने का फैसला वित्त मंत्री द्वारा किया गया है। इसके अलावा छोटे किसानों के लिए वक़्त पर कर्ज चुकाने की इंसेंटिव स्कीम की समय सीमा भी 31 मई तक बढ़ा दी है। करीब डेढ़ घंटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़े एलान किए।

प्रवासी मजदूरों को मुफ्त राशन

प्रवासी मजदूरों के परिवारों को अगले 2 महीने तक प्रति व्यक्ति 5 किलो गेंहू या चावल और 1 किलो चना दिया जाएगा जिसके लिए केन्द्र सरकार 3500 करोड़ रुपए खर्च करेगी। ऐसे परिवार जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के अंतर्गत नहीं आते हैं और जिनके पास गरीबी रेखा का राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी मुफ्त अनाज वितरित किया जाएगा।

एक देश एक राशन कार्ड

सरकार देशभर में मार्च 2021 तक एक देश-एक राशन कार्ड की योजना ला रही है जिससे प्रवासी मजदूर और गरीब परिवार सरकार द्वारा जारी किए गए राशन कार्ड के जरिए अन्य राज्यों में भी कंट्रोल दुकानों से राशन ले सकेंगे। लेकिन इससे पहले अगस्त तक 23 राज्यों में 67 करोड़ गरीब परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा। इससे पहले राशन कार्ड के जरिए सिर्फ़ अपने ही राज्य में राशन ले सकते थे।

प्रवासी मजदूरों को कम किराए के मकान

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रवासी मजदूर और शहरी गरीबों के परिवार के लिए कम किराए वाले मकान मुहैया करने की योजना केन्द्र सरकार द्वारा लाई जाएगी। उद्योगपति, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और संस्थानों को इंसेंटिव दिए जाएंगे जिससे वह अपने यहां काम करने वाले मजदूरों के लिए कम कीमत पर किराए के मकान उपलब्ध करा सकें। पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप स्कीम की तर्ज पर इस स्कीम पर भी काम किया जाएगा।

स्ट्रीट वेंडर्स के लिए राहत

कोरोना महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडॉउन से देश भर के करीब 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को केन्द्र सरकार द्वारा स्पेशल क्रेडिट के तहत 10 हज़ार रुपए तक का लोन मुहैया कराया जाएगा, ताकि रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए कैश उपलब्ध रहे। डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने वाले वेंडर्स को रिवॉर्ड भी दिए जाएंगे। अगर वेंडर्स का 10 हज़ार की रकम चुकाने का अच्छा रिकॉर्ड रहता है तो राशि की सीमा बढ़ाई जाएगी।

किसानों के लिए कम ब्याज पर ऋण

देश के लगभग ढाई करोड़ किसानों को इस स्कीम के तहत लाभ मिलेगा। हालांकि ब्याज दरों में कितनी छूट दी जाएगी, इसकी जानकारी अभी सरकार द्वारा नहीं दी गई है। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए केंद्र सरकार द्वारा किसानों को 2 करोड़ रुपए की मदद दी जाएगी। किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम में ज़्यादा से ज़्यादा किसानों को जोड़ने की योजना भी सरकार बना रही है। पशु पालन और मतस्य पालन करने वाले किसानों को भी इस स्कीम के तहत शामिल किया जाएगा।

छोटे सीमांत किसानों के लिए भी केंद्र सरकार की ओर से 30 हज़ार करोड़ की मदद की जा रही है। 1 हैक्टेयर से कम ज़मीन वाले किसानों को योजना के तहत लाभ मिलेगा। किसानों को फसलों के लिए आसानी से कर्ज मिल सके इसके लिए सरकार नाबार्ड के जरिए ग्रामीण सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को 30 हज़ार करोड़ रुपए मुहैया कराएगी। केंद्र सरकार द्वारा यह जानकारी नहीं दी गई है कि इस योजना के तहत किसानों को कब लाभ मिलेगा।

केंद्र सरकार की ओर से 6 हज़ार करोड़ रुपए खर्च कर शहरी, ग्रामीण और कस्बे में रह रहे आदिवासियों को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। जंगलों, वन्यजीव, पेड़ पौधे लगाने और मिट्टी सहजने जैसे कामों में रोजगार पैदा किया जाएगा।

मध्यम वर्गीय परिवारों को सब्सिडी

6 लाख से 18 लाख तक की सालाना आमदनी वाले परिवारों को हाउसिंग लोन में सब्सिडी देने की योजना केंद्र सरकार द्वारा बनाई जा रही है। मई 2017 में सरकार द्वारा हाउसिंग लोन में सब्सिडी की योजना लाई थी, जिसकी अवधि 31 मई 2020 तक की ही थी। अब यह अवधि बढ़ाकर अगले वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2021 तक कर दी गई है। इस योजना के तहत देश के करीब 2.5 लाख माध्यम वर्गीय परिवारों को लाभ मिलेगा। इस योजना के लिए सरकार द्वारा 70 हज़ार करोड़ रुपए की रकम खर्च की जाएगी। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हाउसिंग सेक्टर में डिमांड बढ़ने से सीमेंट और कंस्ट्रक्शन मटेरियल की सप्लाई में तेजी आयेगी जिससे मजदूरों को भी रोजगार मिलेगा।

मुद्रा लोन में रियायतें

कोरोना संकट के चलते लॉकडाउन के कारण देश के लगभग 37 लाख छोटे कारोबारियों को काफी नुकसान हुआ है। जिन कारोबारियों का कारोबार शुरुआती दौर में है और उन्होंने 50 हज़ार तक का कर्ज लिया है, सरकार उन्हें कर्ज पर लगने वाले ब्याज में 12 महीने तक 2 प्रतिशत की छूट देगी। सरकार ने इसके लिए 1500 करोड़ रुपए की राशि तय की है।


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