उत्तर प्रदेश में सामने आया धोखाधड़ी का बड़ा मामला 25 स्कूलों में एक साथ कार्यरत रहकर शिक्षिका, कर चुकी है 1 करोड़ रुपये तक की कमाई

कोरोना संकट काल में उत्तर प्रदेश में शिक्षिका धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामना आया है। जिसके बारे में सुनकर हर कोई हैरान है। दरअसल उत्तर प्रदेश में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में राज्य शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत एक महिला शिक्षक ने पिछले 13 महीनों में एक साथ 25 स्कूलों में कार्यरत रहकर लगभग 1 करोड़ रूपये की कमाई की है। इस महिला शिक्षिका का नाम अनामिका शुक्ला है, जो एक साथ अंबेडकर नगर, बागपत, अलीगढ़, सहारनपुर और प्रयागराज जैसे कई जिलों के स्कूलों में एक साथ कार्यरत थी। उत्तर प्रदेश में डिजिटल डेटाबेस होने के बावजूद ये बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जिसके बाद उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग पर सवाल खड़े होने लगे है।

जानिए कैसै खुली मामले की पोल

अनामिका की धोखाधड़ी का मामला तब सामने आया है जब शिक्षिकाओं का डेटाबेस तैयार किया जा रहा था। मानव शिक्षा विभाग शिक्षिकाओं की पदोन्नति, निवास स्थान, स्कूल की जानकारी एकत्रित कर रहा था। डिजिटल डेटाबेस एकत्रित करने की शुरुआत फरवरी में की जा चुकी थी। लेकिन लाॅकडाउन लगने के कारण काम उस समय पूरा नहीं हो पाया और अब फिर से काम शुरू हुआ तो उसी दौरान अनामिका के 25 स्कूलों में सूचीबद्ध होने का पता चला और धोखाधड़ी के मामले की पोल खुली। जिसके बाद विभाग ने उनको नोटिस भी जारी किया लेकिन उन्होंने अभी तक का इसका कोई जवाब नहीं दिया।

मार्च में की थी अधिकारी ने शिक्षिका की शिकायत

अनामिका प्रेरणा पोर्टल पर रिकॉर्ड के अनुसार मैनपुरी में निवास करती है। पिछले एक साल वे विभिन्न स्कूलों में कार्यरत होने के कारण हर महीने 30,000 प्रति माह कमाई करती थी। अनामिका अब तक पिछले 13 महीनों में लगभग 1 करोड़ तक कमा चुकी थी। मामला सामने आने के बाद अब उनकी आय रोक दी गई। फरवरी से चल रही इस जांच में मानव शिक्षा अधिकार के एक अधिकारी ने मार्च में एक महिला शिक्षिका की शिकायत की थी लेकिन लाॅकडाउन लगने के कारण मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी थी। अब शिक्षा विभाग ये पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या उनके सभी स्कूलों का वेतन एक ही खाते में आता था या अलग अलग में।

गड़बड़ी सामने आने के बाद 6 जिलों को किया गया नोटिस जारी

गड़बड़ी सामने के आने के बाद मानव शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच करने के लिए 6 जिलों को नोटिस जारी किया है। उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ सतीश द्विवेदी ने कहा “विभाग ने जांच का आदेश दिया है और आरोप सत्य होने पर शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हमारी सरकार के आने के बाद से डिजिटल डेटाबेस पारदर्शिता के लिए बनाया जा रहा है। अगर विभाग के कई और अधिकारियों का नाम आता है तो कार्रवाई की जाएगी। अनुबंध के आधार पर केजीबीवी स्कूलों में भी नियुक्तियां की जाती हैं। विभाग इस शिक्षक के बारे में तथ्यों का पता लगा रहा है।”


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