लुधियाना में शराब की दुकानों के आगे खुला ‘दूध दा ठेका’, लोगों को दूध बांट रहा युवा अकाली दल

कोरोना वायरस के कारण पूरा देश इस वक्त लॉकडाउन में है। स्कूल, कॉलेज व दुकानों से लेकर सभी सार्वजनिक स्थान बंद हैं। लॉकडाउन में जहां बहुत से लोगों को खाना ही बड़ी मुश्किल से नसीब हो रहा है, वहीं कई राज्यों में शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दे दी गई है। हालांकि शराब की दुकानें खुलने से वहां लोगों की भीड़ जमा हो रही है और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं। बहुत से लोग सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं क्योंकि इससे कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा फिर से बढ़ गया है। पंजाब में भी शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दे दी गई है। सरकार यहां शराब की होम डिलिवरी भी कर रही है, लेकिन लुधियाना में गुरुवार को एक अलग ही नजारा दिखा। यहां शराब खरीदने के लिए घरों के बाहर निकले लोगों को शराब के बजाय दूध पीने को दिया गया और कुछ लोग शराब की दुकानों के आगे दूध पिलाते भी नजर आए।

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Image Credit : The Indian Express

युवा अकाली दल ने की दूध बांटने की पहल

‘दूध दा ठेका’ नाम की यह पहल युवा अकाली दल (वाईएडी) ने की है। यह कदम शराब की दुकानें खोलने के सरकार के फैसले के खिलाफ उठाया गया है। इस बारे में युवा अकाली दल के जिला अध्यक्ष गुरदीप सिंह गोशा का कहना है, ‘गरीब और बेसहारा लोगों के बीच करीब 75 लीटर दूध बांटा गया है और यह सेवा आगे भी रोजाना जारी रहेगी।’ गोशा ने लुधियाना रेलवे स्टेशन के बाहर बंद पड़ी शराब की दुकानों के आगे यह दूध का ठेका खोला है। गोशा ने आगे कहा, ‘अगर मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह शराब की होम डिलिवरी की इजाजत दे सकते हैं तो वे जरूरतमंदों तक राशन क्यों नहीं पहुंचा सकते। गरीबों, खासकर प्रवासी मजदूरों के पास खाने को भोजन नहीं है और यह सरकार लोगों को शराब खरीदने की छूट दे रही है। राज्य के युवाओं में पहले से ही शराब की लत बुरी तरह फैली है और ऐसे में शराब की दुकानें खोलने का फैसला कहीं से भी उचित नहीं है।’ युवा अकाली दल के नेता ने आगे कहा कि शराब की होम डिलिवरी के कारण घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने पंजाब में नशे का संकट खत्म करने का वादा किया था। क्या वे इसी तरह नशा खत्म करेंगे, शराब पीने की लत को बढ़ावा देकर।’

गरीबों को दूध, फल बांट रहे लखवीर सिंह

जरनैल हरी सिंह नलवा कल्चरल एंड वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष लखवीर सिंह ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि शराब की होम डिलिवरी का पंजाब सरकार का फैसला गलत है। उनकी सोसायटी लॉकडाउन लगने के समय से ही लुधियाना में गरीब व जरूरतमंद लोगों को रोजाना दूध, फल और ब्रेड बांट रही है। लखवीर सिंह, भैणी साहिब गुरुद्वारा के नामधारी पंथ के प्रवक्ता भी हैं। उन्होंने कहा, हम रोजाना दूध, फल और ब्रेड बांट रहे हैं ताकि गरीबों को लॉकडाउन के बीच स्वस्थ भोजन मिल सके। हम रोजाना 75 लीटर दूध बांटते हैं। यहां कई ऐसे परिवार हैं, जहां बच्चों को दूध पीने को नहीं मिल रहा है क्योंकि लॉकडाउन के कारण उनके माता-पिता के पास कोई काम नहीं है और न ही पैसे हैं। ऐसे लोगों की मदद करने के बजाय सरकार ने शराब की होम डिलिवरी शुरू कर दी है। इससे केवल घरेलू हिंसा और महिलाओं पर अत्याचार बढ़ेंगे और कुछ नहीं।

कांग्रेस ने अकाली दल की पहल को बताया नौटंकी

वहीं लुधियाना युवा कांग्रेस ने युवा अकाली दल के दूध बांटने की पहल को नौटंकी बताया है। युवा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव राजा ने कहा, ‘हम गरीबों और क्वारंटीन में रह रहे लोगों को लंगर और राशन बांट रहे हैं। युवा अकाली दल जो कर रहा है, वह केवल राजनीतिक नाटक है। यह सिर्फ और सिर्फ दिखावा है।’ शराब की होम डिलिवरी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘यह मुख्यमंत्री का फैसला है और इसमें क्या गलत है।’ राजा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का उदाहरण देते हुए कहा, ‘उन्होंने शराब की दुकानें खुलवा दीं, जहां हजारों लोग शराब खरीदने के लिए जमा हो गए, जबकि पंजाब में लोगों की भीड़ से बचने के लिए शराब की होम डिलिवरी शुरू की गई है।’ उन्होंने कहा कि शराब न मिलने पर भी घरों में घरेलू हिंसा में इजाफा हो सकता है।


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