क्या गलवान में हुई चीनी सेना से झड़प के दौरान हुई भारतीय सैनिक की मौत? जानिए वायरल खबर का सच

जून में लद्दाख की गलवान घाटी में हुए भारत और चीनी सैनिकों की बीच हिंसक संघर्ष में भारत के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इस हिंसा में भारतीय सेना के कई जवान घायल हुए थे। हाल ही में वायरल हो रही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत चीन सेना में हुई झड़प में घायल हवलदार बिशन सिंह आखिरकार वीरगति को प्राप्त हो गए।

इसके साथ ही यह खबर भी वायरल हो रही है कि शहीद बिशन सिंह के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार रविवार को रानीबाग चित्रशिला में किया गया। यह भी दावा किया जा रहा है कि इसी महीने की आखिरी तारीख यानी 31 अगस्त को उनका रिटायरमेंट भी होने वाला था।

सोशल मीडिया पर शहीद बिशन सिंह की फोटो वायरल हो रही है, जिसमें कई ऐसे दावे किए जा रहे हैं जिनका सच जानना बेहद जरूरी है।

नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, भारतीय सेना ने गलवान घाटी में बिशन सिंह के घायल होने की खबर का खंडन किया है। सेना का कहना है कि कुछ मीडिया चैनलों में हवलदार बिशन सिंह की मृत्यु को गलवान में हुई हिंसा से जोड़कर दिखाया जा रहा है, जो कि पूर्णतः असत्य है। 

सेना ने बयान जारी करते हुए कहा कि बिशन सिंह की मृत्यु का कारण कैंसर है। बिशन सिंह 29 जून को इलाज के लिए लेह के जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन, उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें हरियाणा के चंडीमंदिर स्थित कमांड अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां उन्होंने 15 अगस्त के दिन दम तोड़ दिया।

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने भी ट्वीट कर वायरल हो रही खबर को झूठा बताया। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए लिखा कि, “भारतीय सैनिक की मौत स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण हुई है। उनकी मौत का संबंध गलवान में हुई हिंसा से नहीं है।”

हालांकि, जांच में बाद निष्कर्ष निकलता है कि हवलदार बिशन सिंह की मौत की गलवान में हुई हिंसा से जोड़ना बेबुनियाद है। दिवंगत सैनिक की मौत कैंसर के कारण हुई है।


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