साइकिल पर सब्जी बेचकर परिवार की मदद कर रही थीं जनमोनी, डिब्रूगढ़ पुलिस ने गिफ्ट की बाइक

कोरोना वायरस के कारण देशभर में इस वक्त लॉकडाउन चल रहा है। इस बीच सभी राज्यों की पुलिस लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। कोरोना का संक्रमण फैलने के डर के बावजूद पुलिसकर्मी दिन-रात देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इतना ही नहीं, लॉकडाउन के बीच कई शहरों से पुलिसवालों की रहमदिली के किस्से भी सामने आ रहे हैं। कहीं पुलिसवाले गरीबों को खाना खिला रहे हैं तो कहीं मुसीबत में फंसे लोगों की मदद कर रहे हैं। इसी तरह का एक किस्सा देश के पूर्वोत्तर राज्य असम से आया है। असम पुलिस ने सब्जी बेचने वाली एक लड़की की मदद की है जो इस महामारी के वक्त अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा रही है।

साइकिल पर सब्जी बेचकर परिवार की मदद कर रही थीं जनमोनी, डिब्रूगढ़ पुलिस ने गिफ्ट की बाइक - सूचना
Image Credit : Hindustan Times

इंटरनेट पर वायरल हुई थी जनमोनी की तस्वीर

असम के डिब्रूगढ़ जिले की पुलिस ने 20 साल की जनमोनी गोगोई को एक बाइक तोहफे में दी है। जनमोनी लॉकडाउन के दौरान अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए साइकिल पर घर-घर जाकर सब्जी बेचने का काम करती हैं। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर जनमोनी की सब्जी बेचते हुए एक तस्वीर वायरल हुई थी। इस तस्वीर में वह साइकिल के हैंडल पर बड़े-बड़े बैग लटकाकर और कैरियर पर एक टोकरी रखकर सब्जी बेचते दिख रही थीं। 24 मार्च को देशभर में लॉकडाउन लागू होने के बाद जनमोनी ने सब्जियों को साइकिल पर लादकर घर-घर जाकर इन्हें बेचना शुरू कर दिया क्योंकि लॉकडाउन में बाजार जाकर सब्जी बेचना मुमकिन नहीं था। इसी दौरान साइकिल पर सब्जी बेचतीं जनमोनी की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोग उनके इस काम की तारीफ करने लगे।

डिब्रूगढ़ पुलिस ने तोहफे में दी बाइक

डिब्रूगढ़ के एसपी श्रीजीत टी और जिला पुलिस के बड़े अधिकारियों को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने सोशल मीडिया से जनमोनी के बारे में पता लगाया। अधिकारियों ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें किसी तरह की मदद की जरूरत है। डीवाईएसपी पल्लवनमुमेदर ने कहा, ‘जनमोनी में बहुत आत्मसम्मान है, उन्होंने हमसे आर्थिक मदद लेने से इनकार कर दिया। इसलिए हमने उन्हें एक दोपहिया वाहन देने के बारे में सोचा ताकि वे बिना किसी दिक्कत के अपनी सब्जियां बेच सकें और उन्हें किसी तरह की परेशानी भी न हो।’ इसके बाद डिब्रूगढ़ जिला पुलिस की एक टीम डीएसपी (मुख्यालय) पल्लवी मजूमदार की अगुवाई में जनमोनी के घर गई और उन्हें बाइक तोहफे में दी। जनमोनी को बाइक देते हुए मजुमदार ने कहा, ‘ऐसे समय में जब हर इंसान घर के अंदर है। जनमोनी अपने परिवार की मदद करने के लिए बाहर निकलीं। वह सभी के लिए प्रेरणा बन गई हैं।’ डिब्रूगढ़ पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए बताया, ‘जनमोनी गोगोई अपने परिवार की मदद करने के लिए साइकिल पर सब्जी बेचती हैं। उनके आत्मसम्मान से प्रेरित होकर और डीजीपी भास्कर ज्योति महंत के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए कि हमें खुद को पुलिस फोर्स से अर्थव्यवस्था के सूत्रधार में बदलना है। डिब्रूगढ़ की डीवाईएसपी (मुख्यालय) ने इस छोटी उद्यमी को बाइक उपहार में दी है।’ डिब्रूगढ़ पुलिस की इस दरियादिली की हर कोई तारीफ कर रहा है।

बीमार पिता और मां की मदद के लिए छोड़ी पढ़ाई

वहीं बाइक पाने पर जनमोनी ने खुशी जताई और कहा कि अब वे आसानी से दूर तक जाकर सब्जी बेच सकती हैं और अपनी आगे की पढ़ाई भी जारी रख सकती हैं। जनमोनी अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। उनके पिता काफी समय से बीमार चल रहे हैं। इसलिए उन्होंने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की और उसके बाद घर को चलाने में परिवार की मदद करनी शुरू कर दी। जनमोनी बाजार में सब्जियां बेचने में अपनी मां की मदद करती थीं। डिब्रूगढ़ जिले के बोगीबील इलाके के एक गांव में रहने वाले जनमोनी ने कहा, ‘मेरे पिता पिछले आठ साल से बीमार हैं। वह चल-फिर नहीं सकते। मेरी मां बोरबारुहा बाजार में सब्जी बेचती हैं। मैं भी दो साल से उनकी मदद कर रही हूं। लॉकडाउन के कारण हमारा काम बंद हो गया था, इसलिए मुझे घर-घर जाकर सब्जी बेचनी पड़ी।’


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