आयुष्मान भारत योजना में मुफ्त होगी कोरोना की जांच और इलाज

देश में कोरोनावायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम घोषणा की है। सरकार के मुताबिक, स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के तहत कोरोनावायरस का टेस्ट और इलाज मुफ्त में होगा। सरकार का कहना है कि कोरोनावायरस संक्रमण की जांच पहले ही सरकारी प्रयोशालाओं में मुफ्त है। अब 50 करोड़ से अधिक नागरिक जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत आते हैं, निजी प्रयोगशालाओं में कोरोनावायरस संक्रमण की मुफ्त जांच और पैनल के अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे।

Free Coronavirus COVID19 Testing Treatment under Ayushman Bharat-PMJAY by Modi govt
Image Credit : Financial Express

आयुष्मान भारत के सीईओ ने ट्वीट कर बताया

आयुष्मान भारत योजना के सीईओ डॉ. इंदू भूषण ने इस बारे में कहा कि इससे लाभार्थियों को समय पर और उचित इलाज मिलेगा। भूषण ने ट्वीट किया कि कोविड-19 के लक्षण जैसे निमोनिया, बुखार आदि का इलाज योजना के विभिन्न पैकेजों के जरिए योजना के तहत सूची में शामिल अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त कराया जा सकता है। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित पाया जाता है तो उसे भी इस योजना के तहत मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाएगा।

आईसीएमआर के निर्देशों के मुताबिक होगी जांच

डॉ. भूषण ने बताया कि आयुष्मान भारत से जुड़े अस्पताल अपनी अधिकृत जांच प्रयोगशाला का इस्तेमाल कर सकेंगे या अधिकृत जांच प्रयोगशाला से करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस संक्रमण की जांच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से तय दिशानिर्देशों के अनुरूप और उससे मंजूरी प्राप्त या पंजीकृत प्रयोगशाला में ही की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि निजी अस्पतालों द्वारा कोरोनावायरस संक्रमण का इलाज एबी-पीएमजेएवाई के तहत बीमित होगा। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर के दिशानिर्देश के मुताबिक, कोई भी प्रयोगशाला तभी कोरोनावायरस की जांच कर सकती है, जब जांच के लिए वहां मान्यताप्राप्त फिजिशियन हों। इस फैसले से कोरोनावायरस के संक्रमण की जांच और इलाज के लिए और निजी अस्पताल आगे आएंगे।

फैसले का लक्ष्य जांच और इलाज को बढ़ाना

इस बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि यह अभूतपूर्व संकट है और हमें कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में निजी क्षेत्र को अहम साझेदारों और हितधारकों के रूप में सक्रियता से शामिल करना होगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत जांच और इलाज लाने व निजी क्षेत्र के अस्पतालों और प्रयोगशालाओं को शामिल करने से गरीबों पर इस महामारी के असर को कम करने की हमारी क्षमता में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस फैसले का लक्ष्य जांच और इलाज सुविधाओं का विस्तार करना है। आईसीएमआर द्वारा कोरोनावायरस संक्रमण की जांच के लिए निजी प्रयोगशालाओं को जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक उन्हीं प्रयोगशालाओं में जांच हो सकती है, जो नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग ऐंड कैलिब्रेशन ऑफ लेबोरट्रीज (एनएबीएल) से इस वायरस की संबंधित जांच के लिए मान्यता प्राप्त हों।

रविवार सुबह तक आए 302 नए मामले

इस योजना के ऐलान के साथ ही रविवार सुबह तक कोरोना के 302 नए मामले सामने आ गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3374 हो गई है, जिसमें से 267 लोग इलाज के बाद ठीक हो गए हैं और करीब 77 लोगों की मौत हो गई। बता दें कि इस बीमारी के लक्षणों, जांच व इलाज की जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट या कोरोनावायरस की हेल्पलाइन 1075 पर फोन करके पाई जा सकती है।


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