एयर इंडिया की चार महिला पायलट ने रचा इतिहास, नॉर्थ पोल के जरिए उड़ान भर 31 घंटे में तय किया 16,000 किलोमीटर का सफर

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एयर इंडिया की चार महिला पायलट ने रचा इतिहास, नॉर्थ पोल के जरिए उड़ान भर 31 घंटे में तय किया 16,000 किलोमीटर का सफर

एअर इंडिया की महिला पायलटों की एक टीम ने दुनिया के सबसे लंबे हवाई मार्ग नॉर्थ पोल पर उड़ान भरने का कीर्तिमान रच दिया है। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर से उड़ान भरने के बाद यह टीम नॉर्थ पोल से होते हुए बेंगलुरु पहुंच गई है।

विमान द्वारा यात्रा के दौरान करीब 16,000 किलोमीटर की दूरी तय की गई। इसे लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोकेशन की जानकारी खुद एयर इंडिया अपने ट्विटर हैंडल से समय-समय पर दे रहा था। सैन फ्रांसिस्को से विमान के उड़ान भरने के बाद सिविल एविएशन मिनिस्टर हरदीप पुरी ने भी इसे लेकर ट्वीट किया। यह भी पढ़ें: कोझिकोड विमान हादसे में पायलट की सूझबूझ से बची यात्रियों की जान

हरदीप पुरी ने अपने ट्वीट में लिखा कि, ‘कॉकपिट में पेशेवर, टैलेंटेड और कॉन्फिडेंट महिला पायलटों ने एयर इंडिया के विमान से सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी है। वह नॉर्थ पोल से गुजरेंगी। हमारी नारी शक्ति ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।’

फिलहाल, विमान नॉर्थ पोल के ऊपर से गुजरकर भारत पहुंच चुका है। यह फ्लाइट नॉर्थ पोल के ऊपर से होते हुए और अटलांटिक मार्ग से बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंची। इसके साथ ही, कैप्टन जोया अग्रवाल इस ऐतिहासिक उड़ान का नेतृत्व किया। इतना ही नहीं, को-पायलट के तौर पर जोया के साथ कैप्टन पापागरी तनमई, कैप्टन शिवानी और कैप्टन आकांक्षा सोनवरे मौजूद रहीं। यह भी पढ़ें: भारतीय नौसेना के इतिहास में पहली बार दो महिला अफसर होंगी वॉरशिप पर तैनात

एअर इंडिया ने ट्वीट कर कहा कि, ‘वेलकम होम, हमें आप सभी (महिला पायलटों) पर गर्व है। हम AI176 के पैसेंजर्स को भी बधाई देते हैं, जो इस एतेहासिक सफर का हिस्सा बने।’ यह भी पढ़ें: फैक्ट चेक: कांग्रेस विधायक ने 5 सितारा प्राइवेट जेट की तस्वीर शेयर कर पीएम मोदी का बताया, खुली पोल

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद कैप्टन जोया अग्रवाल ने कहा, आज हमने न केवल उत्तरी ध्रुव पर उड़ान भरकर, बल्कि केवल महिला पायलटों द्वारा इसे सफलतापूर्वक करके एक विश्व इतिहास रचा है, बल्कि हम इसका हिस्सा बनकर बेहद खुश और गर्व महसूस कर रहे हैं। इस मार्ग में हमने 10 टन ईंधन भी बचाया है। यह भी पढ़ें: नौसेना की दक्षिणी कमान ने बनाया एयर इवैक्युएशन पॉड, कोरोना मरीजों को एयरलिफ्ट करने में मिलेगी मदद


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