कोरोना ने छीन ली शिक्षक की नौकरी, रोज़गार के लिए फुटपाथ पर लगाई दुकान

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कोरोना ने छीन ली शिक्षक की नौकरी, रोज़गार के लिए फुटपाथ पर लगाई दुकान (Image Credit: Navbharat Times)

कोरोना महामारी के चलते देश के अधिकतर व्यवसाय ठप्प पड़े हैं। बहुत सारे लोग अपनी नौकरी से हाथ धो बैठे हैं। लोग अपना घर खर्च चलाने के लिए कई तरह के काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा में रहने वाले शिक्षक जितेंद्र सिंह राठौड़ पिछले 10-12 वर्षों से प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रहे हैं। जितेंद्र सिंह राठौड़ ने भी फुटपाथ पर कपड़ों की दुकान लगाने को मजबूर हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए 25 मार्च से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन के सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की थी ।

जितेन्द्र सिंह राठौड़ का कहना है कि उन्हें इस काम का कोई अनुभव नहीं है। अनुभव न होने की वजह से वह रोजगार में अपने आप को अच्छे से प्रस्तुत नहीं कर पा रहे है। उनका कहना है कि उन्होंने कई प्रयास भी किए हैं, पर कहीं से कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। जितेन्द्र सिंह राठौड़ का कहना है कि हमें सरकार की मदद की ज़रूरत है। वह कहते हैं कि हम बच्चों का भविष्य निर्माण करते हैं लेकिन अब हमारा ही भविष्य खतरे में नजर आ रहा है।

लॉकडाउन की वजह से देश की आर्थिक गतिविधियों पर खासा प्रभाव पड़ा है, जिसका असर लोगों की रोजमर्रा की गतीवधियों पर और विशेष कर लोगो की नौकरियों पर दिखाई दे रहा है। स्कूल, कॉलेज सहित अन्य शैक्षणिक संस्थान भी बंद कर दिए गए थे। बताया जा रहा है कि 62.5 प्रतिशत लोग आर्थिक तंगी से गुज़र रहे है। उनके पास आवश्यक सामान खरीदने तक के लिए भी पैसे नहीं हैं। अब सवाल है रोज़ी-रोटी का जिसके कारण लोग अपने रोजमर्रा की गतिविधियों को पूरा करने के लिए तरह तरह के काम कर रहे हैं।


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