जम्मू-कश्मीर के सोपोर में आतंकी हमला, CRPF के तीन जवान शहीद

देशभर में कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच कश्मीर में आतंकी हमले भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। घाटी में शनिवार शाम को हुए एक आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए और दो घायल हो गए। यह हमला उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में एक सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर हुआ। बीते 24 घंटे में सुरक्षा बलों पर किया गया यह दूसरा हमला है। हमले की खबर मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षाबल घटनास्थल की ओर तुरंत रवाना कर दिए गए। पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सीआरपीएफ और पुलिस का कहना है कि हमला करने वाले आतंकियों को जल्द ही तलाश कर मार गिराया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर के सोपोर में आतंकी हमला, CRPF के तीन जवान शहीद
Image credit: Samay Samachar

सीआरपीएफ की गाड़ी पर हुआ हमला

जानकारी के मुताबिक, बाइक पर सवार आतंकियों ने सोपोर के नूरबाग इलाके में अहद बाब क्रॉसिंग पर सीआरपीएफ और पुलिस के एक संयुक्त गश्ती दल पर अचानक हमला बोला। हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ की 179वीं बटालियन के हेड कॉन्स्टेबल चंदर बी भाकरे व राजीव शर्मा और कॉन्स्टेबल परमार सतपाल इसी संयुक्त टीम का हिस्सा थे। अचानक हुए इस हमले में सीआरपीएफ जवानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और दो जवानों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गया जिसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। आतंकियों ने वहां खड़ी सीआरपीएफ की बुलेटप्रूफ गाड़ी और जवानों को निशाना बनाया। बताते हैं कि बुलेटप्रूफ वाहन का पिछला हिस्सा खुला हुआ था, तभी आतंकियों ने वहां पहुंचकर पीछे से ताबड़तोड़ फायरिंग की। एक अधिकारी ने बताया कि इस आतंकी हमले में तीन जवान शहीद हो गए जबकि हेड कॉन्स्टेबल विश्वजीत घोष और कॉन्स्टेबल जावेद अहमद बुरी तरह घायल हो गए हैं। हमले के वक्त कुछ स्थानीय नागरिक भी वहां मौजूद थे, जिन्हें गोली लगने के डर से दूसरे जवान आतंकियों पर गोली नहीं चला सके और वे भागने में कामयाब हो गए। सीआरपीएफ के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि घायल जवानों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट करके बादामीबाग में सेना के अस्पताल में ले जाया गया है।

टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी

इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फोर्स (टीआरएफ) नाम के एक आतंकी संगठन ने ली है, जिसे जेके फाइटर्स के नाम से भी जाना जाता है। एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने बताया, ‘इस संगठन के तार लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान स्थित दो अन्य आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। कश्मीर में टीआरएफ का मुखिया अनस मुस्तफा है जो पुलवामा के काकापुरा का रहने वाला है। मुस्तफा पाकिस्तान में बैठे अपने आका को रिपोर्ट करता है, जो टेलीग्राम पर एंड्रयू जोन्स नाम से मौजूद है। वहीं वॉट्सऐप पर उसकी आईडी खान बिलाल के नाम से है।’ टीआरएफ पहली बार तब सामने आया था जब उसने सितंबर 2019 में नवां कदल में सीआरपीएफ की 38वीं बटालियन पर ग्रेनेड हमला किया था।

बीते दिनों में घाटी में बढ़े आतंकी हमले

सोपोर में आतंकियों के हमले के बाद पूरे उत्तरी कश्मीर में चेकपॉइंट्स की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जगह-जगह आने-जाने वाले वाहनों को चेक किया जा रहा है। इसके साथ ही सुरक्षा प्रतिष्ठानों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घाटी में पिछले कुछ दिनों से आतंकियों के हमले बढ़े हैं। कुछ दिन पहले केरन सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में तीन बार पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला किया था, जिसमें एक जवान घायल हुआ था। अनंतनाग जिले में भी सीआरपीएफ पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। कुलगाम में टेरिटोरियल आर्मी के एक पूर्व जवान की भी आतंकियों ने हत्या कर दी थी। इसके अलावा अनंतनाग और कुलगाम में एक-एक नागरिक की भी आतंकियों ने मारकर हत्या कर दी थी। एक दिन पहले शुक्रवार को भी जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के नीवा इलाके में सीआरपीएफ की एक टुकड़ी पर आतंकी हमला किया गया। इस हमले में गोली लगने की वजह से एक जवान घायल हो गया। हमले को लेकर सीआरपीएफ ने बताया कि आतंकियों ने नेवा में सीआरपीएफ की बी/183 बटालियन के जवानों पर गोलीबारी की। हमले में एक जवान को गोली लगी। सीआरपीएफ ने बताया कि हमले के बाद इलाके को सील कर तलाशी अभियान शुरू किया गया।

Source: TOI


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