100 महिलाओं ने लाइसेंसी हथियार के लिए किया आवेदन, कहा- आत्मरक्षा के लिए चाहिए बंदूक का लाइसेंस

100 महिलाओं ने लाइसेंसी हथियार के लिए किया आवेदन, कहा- आत्मरक्षा के लिए चाहिए बंदूक का लाइसेंस

देश में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ते अपराध को लेकर हाल ही अब महिलाओं ने जंग छेड़ दी है।

उत्तर प्रदेश के हाथरस का मामला अभी शांत नहीं हुआ था, कि गुजरात के जामनगर से भी दुष्कर्म की तीन घटनाएं सामने आईं हैं। इसके साथ ही राजकोट शहर में भी ऐसी घटनाएं हुईं। यह भी पढ़ें: मध्यप्रदेश में 16वें बच्चे को जन्म देने के बाद मां-शिशु की हुई मौत, अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज से राजकोट की 100 से अधिक युवा महिलाओं ने बंदूक लाइसेंस लेने और आत्मरक्षा के लिए हथियार चलाने के लिए प्रशिक्षित करने की मांग की है।

यह है पूरा मामला

मंगलवार को राजकोट कलेक्ट्रेट में 100 से अधिक युवा महिलाएं एकत्रित हुईं और कलेक्टर कार्यालय पर नारेबाजी भी की। यह भी पढ़ें: अब पीवीसी कार्ड पर रिप्रिंट होगा आधार कार्ड, एटीएम की तरह पर्स में रखना होगा आसान

यह विरोध प्रदर्शन राजकोट की 14 वर्षीय मितल केशुभाई परमार की अगुवाई में किया गया। मितल का कहना है कि- हम राज्यपाल, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से कहना चाहते हैं कि यदि एक दिन में डिमोनेटाइजेशन हो सकता है, एक दिन में लॉकडाउन लग सकता है तो एक ही दिन में दुष्कर्मियों को सजा देने का कानून क्यों नहीं बन सकता है? ऐसा कानून बनाना चाहिए।

जानकारी के अनुसार, इन महिलाओं ने कलक्ट्रेट में बंदूक लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। जहां, महिलाओं ने राजकोट कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा कि, आत्मरक्षा के लिए बंदूक का लाइसेंस चाहिए। यह भी पढ़ें: राजमाता विजया राजे सिंधिया की जन्म शताब्दी के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया 100 रूपए का सिक्का, ऐसा है सिक्का का स्वरूप

इसके अलावा ज्ञापन में कहा गया, “महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई रोमियो स्क्वाड सिर्फ एक नाम है, यह सामूहिक बलात्कार को नहीं रोकती।”

वहीं‌ महिलाओं का कहना है कि, “देशभर में युवा लड़कियों और महिलाओं पर अत्याचार की संख्या बढ़ रही है। प्रशासन पीड़ितों को न्याय दिलाने में सक्षम नहीं है, अब युवा महिलाओं के लिए खुद की रक्षा करने का समय है।” यह भी पढ़ें: पुलिसकर्मी का प्रवासी मजदूर‌ बच्चों के लिए सराहनीय कदम, ड्यूटी से पहले फ्री में देते हैं शिक्षा

मितल का कहना है कि, “यदि सरकार लाइसेंस-हथियार देने से इनकार करती है तो सरकार हमारी जिम्मेदारी ले।”

मितल आगे कहती हैं कि, “हमारे साथ भविष्य में यदि कोई हादसा-घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। हाल ही में हाथरस और अन्य जगहों में सामूहिक दुष्कर्म की वारदातें हुई हैं। विचार आया कि इन बेटियों के पास लाइसेंसी हथियार होता तो ये बच जातीं।” यह भी पढ़ें: ऐसे तैयार हुई सेफ्टी एंटी टीजिंग ज्वेलरी, महिलाओं की हथियार बन के करेगी रक्षा


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