महिला अपनी 100 वर्षीय मां को खाट पर खींच कर ले गई बैंक

बैंक अधिकारी घर नहीं पहुंचे तो महिला खुद अपनी 100 वर्षीय मां को खाट पर खींच कर ले गई बैंक – सूचना

इस कोरोनाकाल के दौरान हमने मजदूरों की बेबसी और मजबूरी के कई ऐसे दृश्य देखें है, जिन्होंने हमें हिला कर रख दिया है चाहे फिर वो सड़क किनारे बैठकर रो रहे मजदूर का हो या फिर सूटकेस पर लेटे हुए एक छोटे बच्चे को ले जाती उसकी माँ हो। अब कुछ ऐसा ही असहनीय दृश्य ओड़िशा में देखने को मिला है। जहां एक 70 वर्षीय महिला अपनी 100 वर्षीय बुजुर्ग माँ को चारपाई पर खींच कर बैंक ले जा रही है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल यह घटना ओड़िशा के नौपारा जिले के बडगांव की है जहां 70 वर्षीय महिला पुंजीमती देई अपनी 100 वर्षीय माँ की पेंशन निकालने के लिए उन्हें खाट पर खींच कर बैंक ले गईं। क्योंकि बैंक के अधिकारी ने उन्हें कहा था कि अगर वह अपनी माँ का बैंक में फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं कराएगी तो उन्हें पेंशन का भुगतान नहीं किया जाएगा और उनकी पेंशन रोक ली जायेगी। जिसके बाद महिला को ऐसा कदम उठाना पड़ा। हालांकि बैंक पहुंचने के बाद महिला को उनकी पेंशन 1500 रूपये का भुगतान किया गया।

महिला ने बैंक पर लगाए आरोप

महिला पुंजीमंती देई ने बैंक पर आरोप लगाते हुए कहा, “मैं पिछले तीन महीनों में कई बार बैंक गई थी। मैंने बैंक में कई बार अधिकारीयों से पेंशन राशि जारी करने का अनुरोध भी किया, लेकिन अधिकारीयों ने मना कर दिया और कहा कि जब मैं अपनी मां को बैंक शाखा में लेकर आऊंगी तभी वे पेंशन जारी करेंगे। मां पलंग से उठने की स्थिति में नहीं थी तो उनको चारपाई पर घसीट कर ले जाने के अलावा मेरे पास कोई और रास्ता नहीं था।” आपको बता दें कि सरकार ने COVID-19 की स्थिति को देखते हुए अप्रैल से जून तक महिला जन धन बैंक खाताधारकों के लिए 500 मासिक सहायता की घोषणा की थी। जिसे निकालने के लिए ही महिला बैंक गई थी।

जिला कलेक्टर ने आरोपों का खंडन किया

जिला कलेक्टर मधुस्मिता ने कहा, “उस समय बैंक में काम ज्यादा था जिसके कारण उस दिन बैंक के अधिकारी महिला के घर नहीं जा पाए। हालांकि बैंक प्रबंधन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह अगले दिन ही उनके घर आकर सत्यापन करेगें, लेकिन अधिकारी के घर पहुंचने के पहले ही महिला अपनी मां को लेकर बैंक पहुंच गई।” वहीं बैंक ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए खेद जताया। बैंक के अध्यक्ष रंजीत कुमार मिश्रा ने कहा कि शाखा प्रबंधक का महिला को परेशान करने का कोई इरादा नहीं था, लेकिन वह उनके साथ बेहतर तरीके से समन्वय स्थापित कर स्थिति को ठीक से समझ सकते थे। इस घटना से बैंक की छवि प्रभावित हुई है, इसलिए अजीत प्रधान को निलंबित कर दिया गया।

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