लॉकडाउन के बीच ई-लर्निंग कंटेंट जुटाने के लिए सरकार ने लॉन्च किया ‘विद्यादान 2.0’

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कोरोना वायरस के कारण देशभर में 3 मई तक के लिए लॉकडाउन किया गया है। इसके कारण स्कूलों और कॉलेजों को फिलहाल बंद कर दिया गया है, जिसका विद्यार्थियों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन जारी रखने और ई-लर्निंग कंटेंट जुटाने के लिए ‘विद्यादान 2.0’ नाम का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम में ई-लर्निंग कंटेंट विकसित करने और उसे उपलब्थ कराने पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। यह सामग्री पढ़ाई के लिए बनाए गए सरकारी प्लेटफॉर्म DIKSHA के लिए इस्तेमाल की जाएगी ताकि देशभर के विद्यार्थी कभी भी और कहीं से भी अपनी पढ़ाई कर सकें।

MHRD launches 'Vidyadan 2.0' to increase e-learning content amid lockdown
Image Credit : India Education Diary

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुरू हुआ कार्यक्रम

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने बुधवार को राज्य मंत्री संजय धोत्रे की मौजूदगी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘विद्यादान 2.0’ कार्यक्रम की शुरुआत की। इससे विभिन्न ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म पर गुणवत्तापूर्ण डिजिटल पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। इसे शुरू करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण देशभर में हर जरूरी गतिविधि पर लगे अप्रत्याशित विराम के बीच ऑनलाइन शिक्षा को लेकर यह एक बड़ी पहल की जा रही है।

मंत्री निशंक ने खुद ट्वीट करके दी जानकारी

‘विद्यादान-2’ के शुरू होने की जानकारी खुद मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने ट्वीट पर दी है। उन्होंने लिखा, ‘यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ऑनलाइन शिक्षा को बिना किसी अवरोध के जारी रखने का पूरा प्रयास किया है, इसी प्रयास में आज एक और कड़ी जोड़ते हुए ‘विद्यादान 2.0’ की शुरुआत कर रहें हैं। diksha.gov.in पर जाएं और विद्यादान पर क्लिक करें।’ बता दें कि सरकार ने ‘विद्यादान 2.0’ को स्कूली शिक्षा के साथ डिजिटल शिक्षा को एकीकृत करते हुए संवर्धित शिक्षा की जरूरत के कारण भी शुरू किया है।

क्या है कार्यक्रम और कैसे कर सकते हैं दान

विद्यादान एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है जिसके तहत विभिन्न शिक्षाविदों और संगठनों को पाठ्यक्रम के अनुसार ई-लर्निंग सामग्री विकसित करने और इसमें योगदान देने के लिए जोड़ा जा रहा है। इसमें जो भी ई-लर्निंग सामग्री विकसित करने में अपना योगदान देना चाहते हैं वो व्याख्यात्मक वीडियो, एनिमेशन, पथ योजनाओं, मूल्यांकन और प्रश्न बैंक के रूप में अपना योगदान दर्ज करवा सकते हैं। मालूम हो कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय का DIKSHA प्लेटफॉर्म सितंबर 2017 से ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शिक्षण की प्रक्रियाओं को बढ़ाने का काम कर रहा है। सरकार की ओर से DIKSHA समीक्षा बैठकों में शिक्षकों और संगठनों के विद्यादान के तहत उच्च गुणवत्ता की सामग्री हासिल करने के लिए क्राउड सोर्सिंग टूल के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।


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