ऑनलाइन धोखाधड़ी से घबराने की जरूरत नहीं, अब ऐसे दर्ज होगी शिकायत

कंप्यूटर और इंटरनेट ने दुनियाभर में लोगों का काम आसान तो किया है, लेकिन इसके जोखिम भी कम नहीं हैं। दुनिया का तेजी से डिजिटलीकरण हो रहा है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर और इंटरनेट के जरिए लोग घर बैठे खरीदारी करते हैं। इससे उन्हें सहूलियत तो होती है, लेकिन इसके साथ ही कई बार वे ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं। कई बार ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए ग्राहक जो सामान मंगाते हैं, उसकी जगह पर कोई और सामान भेज दिया जाता है। इसके अलावा कई बार कोई खराब या टूटा-फूटा सामान भेज दिया जाता है और अगर आप इसकी शिकायत करें तो कंपनी की ओर से कोई सुनवाई नहीं होती। कई बार तो इन कंपनियों के फोन भी बंद आते हैं। ऐसे में कभी-कभी तमाम तरह के इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, या किताबें लेकर लोग फंस जाते हैं। फ्लिपकार्ट व अमेजन जैसी कुछ भरोसेमंद शॉपिंग साइट्स को छोड़कर बाकी वेबसाइट्स पर शॉपिंग करना खतरे से खाली नहीं है।

Online Shopping Scams and How to Avoid Them | Reader's Digest Asia
Image Credit : Reader’s Digest Asia

सस्ते सामान का देते हैं लालच

इंटरनेट पर बहुत सी ऐसी फर्जी कंपनियां मौजूद हैं जो लोगों को काफी सस्ती दरों पर सामान खरीदने का लालच देकर उनके साथ ठगी करती हैं। अगर किसी भरोसेमंद कंपनी के सामान में कोई गड़बड़ी होती है तो ये कंपनियां उन्हें बदलने या लौटाने का विकल्प देती हैं, लेकिन फर्जी कंपनियों की ओर से धोखाधड़ी को किए जाने पर कई बार आपके पैसे तक डूब जाते हैं। इसी धोखाधड़ी को खत्म करने के लिए सरकार ने 20 जुलाई 2020 को नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम -2019 लागू किया, जिसमें जिसमें ई-कॉमर्स कंपनियों और ऑनलाइन रीटेलर्स को लेकर कई तरह के प्रावधान किए गए थे। इसके तहत कंपनियों के लिए किसी उत्पाद के बारे में बहुत सारी जानकारियां देना जरूरी किया गया था, जैसे- उसकी कीमत, एक्सपायरी डेट, रिटर्न, रिफंड, एक्सचेंज, वारंटी और गारंटी, डिलिवरी और शिपमेंट, पेमेंट के तरीके, शिकायतों की सुनवाई की व्यवस्था, चार्ज बैक ऑप्शन इत्यादि। इससे ग्राहकों को काफी राहत मिली क्योंकि अब वे अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत आसानी से दर्ज करा सकते हैं।

धोखाधड़ी से ऐसे बचें

जानी-मानी और बड़ी कंपनियां अपने उपभोक्ताओं की शिकायतों कों गंभीरता से लेती हैं और उसका निपटारा भी करती हैं, लेकिन आजकल फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ढेरों ऐसी फर्जी वेबसाइट्स हैं जो गैजेट्स, कपड़े और दूसरी तरह की तमाम चीजें बेचने के नाम पर धोखाधड़ी कर रही हैं। ऐसी वेबसाइट्स के कस्टमर केयर नंबर खोजना या इनके ऑफिस खोजना भी बेहद मुश्किल होता है क्योंकि वो भी फर्जी ही होते हैं। हालांकि इस नियम के आने के बाद ऑनलाइन मार्केट प्लेस के लिए एक कस्टमर केयर नंबर जरूरी है। साथ ही दिशानिर्देश के मुताबिक, 48 घंटे के भीतर शिकायतों पर संज्ञान लेना होता है और उनका निपटारा भी करना होता है। अब आपके मन में सवाल होगा कि अगर आप धोखाधड़ी की शिकायत करना चाहते हैं तो आखिर कहां करें। अगर आप अपने मामले की शिकायत कंज्यूमर फोरम यानी उपभोक्ता अदालत में दर्ज कराना चाहते हैं तो हम आपको बताते हैं कि इसका क्या तरीका है।

यहां करें शिकायत

1- कोई भी ग्राहक अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत भारत सरकार के Intergrated Grievance Redressal Mechanism Portal (INGRAM) पर दर्ज करा सकता है।

2- ग्राहक उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट consumerhelpline.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

3- ग्राहक नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4000 या 14404 पर फोन करके भी शिकायत कर सकते हैं। अगर आपके साथ लेन-देन में धोखाधड़ी हुई है और कंपनी से किसी तरह का संपर्क नहीं हो पा रहा है तो पहले पुलिस या साइबर सेल में मामला दर्ज कराएं।

4- उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत ग्राहक उपभोक्ता अदालत जा सकते है। यह प्रक्रिया सबसे तेज और कारगर होती है। यहां किसी तरह की फीस नहीं लगती है और खुद हाजिर भी नहीं होना पड़ता है.

5- नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रीड्रेसल कमीशन की वेबसाइट http://ncdrc.nic.in/ivrs.html पर जाकर भी शिकायत की जा सकती है।


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