चीनी ऐप्स पर पाबंदी : जानिए इससे जुड़े सवालों के जवाब और इन ऐप्स के बेहतर विकल्प

चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने टिकटॉक और यूसी ब्राउजर समेत 59 चीनी मोबाइल ऐप्स पर पाबंदी लगा दी है। सरकार ने इन ऐप्स को सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया है। बता दें कि 15-16 जून की दरमियानी रात को लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में एक कर्नल समेत भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच सीमा पर तनातनी जारी है। सूत्रों के मुताबिक, खुफिया जानकारी में सुझाव दिया गया है कि चीनी ऐप्स उपयोग की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं और उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता से समझौता कर रहे हैं। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उपलब्ध सूचना के अनुसार, ये ऐप्स उन गतिविधियों में लगे हुए हैं जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, सुरक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरनाक हैं। इस वजह से इन ऐप्स पर बैन लगाया गया है। हालांकि सरकार का यह कदम चीन के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है, लेकिन इससे भारत के स्मार्टफोन यूजर्स के लिए भी कुछ दिक्कतें भी खड़ी हो गई हैं। इन ऐप्स को लेकर यूजर्स के मन में कई तरह के सवाल हैं। ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब हम आपके लिए लेकर आए हैं-

Indian Intelligence Agencies Asks Govt. To Ban 52 Chinese Mobile Apps
Image Credit : Next Big Brand

मोबाइल पर पहले से इन्स्टॉल ऐप्स का अब क्या होगा?

जैसे ही गूगल (एंड्रायड) और एप्पल को सरकारी आदेश की कॉपी मिलेगी, वैसे ही ये 59 प्रतिबंधित ऐप्स गूगल प्ले स्टोर और आईओएस ऐप स्टोर से हटा दिए जाएंगे। सरकारी अधिकारी इन सभी ऐप्स के डाटा ट्रैफिक को रोकने के लिए इंडियन इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) के साथ बातचीत कर रहे हैं। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये सभी ऐप खुद ही काम करना बंद कर देंगे।

क्या मुझे चीनी ऐप्स को तुरंत अपने फोन से हटा देना चाहिए?

अगर आप इन ऐप्स को नहीं हटाते हैं, तो यह गैर-कानूनी नहीं है। अब इन प्रतिबंधित ऐप्स को कोई डेवलपर सपोर्ट और अपडेट नहीं मिलेगा। साइबर सुरक्षा के खतरों के कारण इन ऐप्स को भारत में इंटरनेट एक्सेज नहीं मिलेगा, तो वे खुद-ब-खुद काम करना बंद कर देंगे। डेवलपर सपोर्ट और अपडेट नहीं मिलने के कारण यूजर्स को यही सलाह दी जाती है कि वे इन ऐप्स को अपने फोन से हटा दें।

प्रतिबंधित ऐप्स के विकल्प क्या हैं?

गूगल प्ले स्टोर और आईओएस ऐप स्टोर पर इन प्रतिबंधित ऐप्स के कई विकल्प मौजूद हैं। इसलिए यूजर्स के लिए चिंता की कोई बात नहीं है। उदाहरण के लिए, वैकल्पिक ब्राउजर के लिए गूगल क्रोम सबसे ज्यादा विश्वसनीय है। वहीं प्रतिबंधित ऐप कैम स्कैनर के बजाय डॉक्यूमेंट स्कैन करने के लिए लोग गूगल ड्राइव या अडोबी स्कैन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मेरे पास श्याओमी का स्मार्टफोन है, क्या इस पर भी ऐप्स बंद हो जाएंगे?

जी हां, सरकार ने एमआई (श्याओमी) मोबाइल में पहले से इन्स्टॉल एमआई कम्युनिटी और एमआई वीडियो कॉल को भी बैन कर दिया है। हालांकि एमआई यूजर्स को चिंता करने की जरूरत नहीं है, उनका फोन और दूसरे जरूरी ऐप्स काम करते रहेंगे।

अब आगे क्या होगा?

टिकटॉक ऐप चलाने वाली कंपनी बाइटडांस और भारत की अग्रणी स्मार्टफोन कंपनी श्याओमी पर इस प्रतिबंध का खासा असर पड़ेगा क्योंकि इनकी बिक्री लाखों-करोड़ों में है। इनका 50 फीसदी से ज्यादा यूजर बेस भारत में है, इसलिए इन दोनों चीनी कंपनियों पर इस प्रतिबंध का दूरगामी और दीर्घकालिक असर पड़ेगा।

15 जून की झड़पों के बाद चीनी उत्पादों और सेवाओं का बहिष्कार करने के लिए व्यापारियों और नागरिकों के देशव्यापी आह्वान के बीच सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है। सरकार ने इससे पहले भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के 4G इक्विपमेंट को अपग्रेड करने के लिए चीनी सामान का इस्तेमाल और रेलवे की ओर से चीनी कंपनी को दिए गए 471 करोड़ रुपए के ठेके पर भी रोक लगा दी थी। इससे पहले हाल ही में अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने उत्पादों पर ‘कंट्री ऑफ ओरिजन’ यानी जिस देश में वह उत्पाद बना है उसे प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया था।

बैन किए गए ऐप्स के विकल्प के तौर पर आप इन ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं-

UC Browser, CM Browser, DU Browser

एंड्रॉयड यूजर्स के लिए इंटरनेट ब्राउजिंग के लिए सबसे अच्छा ऐप गूगल क्रोम माना जाता है और गूगल के डिवाइसेज पर यह पहले से इन्स्टॉल भी होता है। एप्पल के आईओएस यूजर्स भी गूगल क्रोम डाउनलोड कर सकते हैं, हालांकि उनके लिए सफारी ब्राउजर भी इस्तेमाल करने लायक है।

CamScanner, Vault-Hide

CamScanner के विकल्प के रूप में Google Drive, Microsoft OneDrive या किसी भी क्लाउड स्टोरेज को डाक्यूमेंट्स, पिक्चर्स और वीडियो ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। डॉक्यूमेंट स्कैन करने और इसकी डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखने के लिए Google Drive, Microsoft Office Lens, Evernote या Adobe Scan को भी चुना जा सकता है। कई स्मार्टफोन में इन बिल्ट स्कैनर भी होता है।

TikTok, Likee, U Video, Vigo Video, Likee,

चीनी ऐप्स पर बैन का सबसे ज्यादा असर भारत के टिकटॉक यूजर्स पर पड़ा है। इस ऐप के जरिए देश भर में लोग छोटे-छोटे वीडियो बनाकर अपना टैलेंट दिखाते थे, जोकि अब नहीं दिखेगा। हालांकि टिकटॉक यूजर्स को मायूस होने की जरूरत नहीं है। Instagram, Dubsmash और Triller जैसे और भी कई शॉर्ट वीडियो बनाने वाले ऐप प्ले स्टोर में मौजूद हैं। इसके अलावा Roposo, Chingari और Bolo Indya जैसे भारतीय ऐप्स भी टिकटॉक की कमी पूरी कर सकते हैं।

Xender, ShareIt

ये दोनों ही ऐप फाइल ट्रांसफर के लिए काफी उपयुक्त माने जाते हैं। इनके जरिए तस्वीरें, वीडियो, फिल्में, ऐप्स व कई तरह की फाइल्स ट्रांसफर की जा सकती हैं। इनके बजाय अब आप Google’s Files, Send Anywhere और ShareAll जैसे ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

UC News, Newsdog, QQ Newsfeed

इन चीनी ऐप्स का इस्तेमाल खबरें पढ़ने के लिए किया जाता है। हालांकि इंटरनेट पर इसके बहुत से विकल्प मौजूद हैं। देश के सभी बड़े न्यूज चैनलों के खुद के मोबाइल ऐप हैं, जिन पर आप खबरें पढ़ सकते हैं। इसके अलावा गूगल न्यूज भी इन ऐप्स का एक बेहतर विकल्प है।


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