बॉयज लॉकर रूम, जहां महिलाओं पर होते थे अश्लील कमेंट्स और रेप की प्लानिंग

पूरा देश जहां इन दिनों कोरोना वायरस से लड़ने में जुटा है, वहीं राजधानी दिल्ली में एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। बीते दिनों आपने बॉयज लॉकर रूम (Bois Locker Room) के बारे में कुछ न कुछ जरूर सुना होगा। पिछले कई दिनों से यह ट्विटर पर काफी तेजी से ट्रेंड कर रहा है। ‘बॉयज लॉकर रूम’ दरअसल इंस्टाग्राम पर बनाया गया एक ग्रुप है। इस ग्रुप में कुछ किशोर लड़के अपने से छोटी उम्र की लड़कियों के बारे में अश्लील बातें करते थे और उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर करते थे। ग्रुप में शामिल 15 साल के एक लड़के को पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस ने लड़के का मोबाइल भी बरामद कर लिया है और उसकी जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पांच अन्य लड़कों से भी पूछताछ की है। ग्रुप से जुड़े लगभग सभी 21 सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उन सब की भी जांच की जाएगी। इस ग्रुप की चैट के स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे। ग्रुप में लड़कियों और महिलाओं को लेकर नाबालिग लड़कों की नफरत और यौन हिंसात्मक बातें देखकर लोग हैरान हैं।

Bois locker room vs girls locker room: A tale of porn, obscene ...
Image Credit : Zee News

क्या है बॉयज लॉकर रूम

इंस्टाग्राम पर किशोर लड़कों का एक ग्रुप है, जिसका नाम है बॉयज लॉकर रूम। दो लड़के इस ग्रुप के एडमिन हैं। ग्रुप में शामिल सभी लड़के 15 से 17 साल की उम्र के हैं। सभी लड़के दक्षिणी दिल्ली व इसके आसपास के रसूखदार परिवारों से हैं और नामी-गिरामी स्कूलों में पढ़ते हैं। इस ग्रुप में छोटी उम्र की लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें भेजी जाती थीं, उन तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की जाती थी। लड़कियों के बारे में भद्दी बातें की जाती थीं, यहां तक कि उनका रेप तक करने की प्लानिंग की जाती थी। इस ग्रुप का खुलासा 2 मई को हुआ जब एक इंस्टाग्राम यूजर ने इस ग्रुप चैट का स्क्रीनशॉट सार्वजनिक कर दिया। यह स्क्रीनशॉट उसी ग्रुप में शामिल किसी लड़के ने उसे भेजा था। कुछ और लड़कियों को पता चला तो उन्होंने इस ग्रुप की चैट के स्क्रीनशॉट लेकर आवाज उठाई। इसके बाद सोशल मीडिया पर इन चैट्स के स्क्रीनशॉट वायरल होने लगे और कई लोग इन लड़कों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। मामले को बढ़ता देख ग्रुप मे शामिल कई लड़कों ने अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिए। कुछ लड़कों ने इस मामले का खुलासा करने वाली लड़कियों को उनकी न्यूड तस्वीरें लीक करने की धमकी तक दे डाली।

मालीवाल ने कहा, दोषियों को बख्शा न जाए

दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि इंस्टाग्राम पर एक ग्रुप बनाकर नाबालिग लड़कियों के बारे में आपत्तिजनक बातें करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। आयोग ने पुलिस और इंस्टाग्राम को इस बाबत नोटिस जारी कर कार्रवाई करने को कहा है। मालीवाल ने कहा कि आयोग के नोटिस जारी करने के बाद मुकदमा दर्ज कर एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है और पुलिस इस ग्रुप के अन्य लोगों के बारे में जांच कर रही है। उन्होंने कहा, ‘ऐसे लोगों को लॉकडाउन लागू होने के बावजूद चाहे वे कहीं भी हों, बख्शा नहीं जाना चाहिए।’ मालीवाल ने उन लड़कियों की भी तारीफ की, जिन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे इस ग्रुप का खुलासा किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर वे किसी ऐसे ग्रुप का हिस्सा हैं तो उन्हें इसे तुरंत छोड़ देना चाहिए और समिति को इसके बारे में बताना चाहिए।

मुंबई पुलिस ने ट्वीट कर जताई नाराजगी

कई मौकों पर अनूठे ट्वीट करने वाली मुंबई पुलिस ने भी इस घटना पर ट्विटर पर एक कड़ा संदेश दिया। उसके ट्वीट में साफतौर पर कहा गया है कि ‘महिलाओं का अपमान करने के लिए कोई जगह नहीं है।’ मुंबई पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शेयर की गई एक पोस्ट में कहा गया है कि ‘बॉयज बॉयज बॉयज’ कभी भी स्वीकार्य बहाना नहीं होगा और न ही कभी होगा। ट्वीट में हैशटैग #StopThemYoung भी लिखा गया था। पोस्ट के साथ एक ग्रे प्लेट है जिसमें लिखा है, ‘लड़के ताला लगाने में गलती करते हैं। महिलाओं का अनादर करने के लिए कोई जगह नहीं है।’

इंस्टाग्राम ने हटाया आपत्तिजनक कंटेंट

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद इंस्टाग्राम ने मंगलवार को नाबालिग लड़कियों से जुड़ा आपत्तिजनक कंटेट हटा लिया। कंपनी ने एक बयान में कहा कि वह इस तरह के मामलों को काफी गंभीरता से लेती है। उसके यूजर खुद को ‘सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से’ प्रस्तुत कर सकें, यह सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इंस्टाग्राम की ओनर कंपनी फेसबुक के प्रवक्ता ने कहा, हम किसी भी तरह की यौन हिंसा को बढ़ावा देने या किसी का भी खासकर महिलाओं और युवाओं का उत्पीड़न करने वाले व्यवहार का समर्थन नहीं करते हैं, जो भी सामग्री हमारे सामुदायिक मानकों का उल्लंघन करती है, हम उस पर कार्रवाई करते हैं और हम इसके प्रति सजग हैं। कंपनी ने कहा कि आपत्तिजनक सामग्री उसके सामुदायिक मानकों का उल्लंघन है और इसे हटा लिया गया है। उसने आयोग का नोटिस मिलने से पहले ही मामले पर कार्रवाई कर ली थी। दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने भी इंस्टाग्राम से बॉयज लॉकर ग्रुप से जुड़े सदस्यों की जानकारी मांगी है। कई साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट भी इस मामले को कानूनी तौर पर देख रहे हैं।

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अब गर्ल्स लॉकर रूम भी हुआ वायरल

वहीं बॉयज लॉकर रूम के बाद कथित तौर पर अब गर्ल्स लॉकर रूम की चैट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। मंगलवार शाम से ही #girlslockeroom ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है और यूजर्स इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गर्ल्स लॉकर रूम के जो कथित चैट वायरल हो रहे हैं, उसमें लड़कियां लड़कों के बारे में अश्लील बातें करती हैं। इसके अलावा उनकी चैट भी बेहद अश्लील है। आरोप है कि यह ग्रुप कुछ महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें लड़कियों को शामिल किया जाता है और पुरुषों पर अश्लील व अपमानजनक बातें की जाती हैं। बॉयज लॉकर रूम की तरह लोग इस ग्रुप में शामिल लड़कियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

वहीं, बॉयज लॉकर रूम मामले में सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने की अपील की गई है। तीन वकीलों ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली महिला आयोग की शिकायत पर पुलिस ने आईटी एक्ट/आईपीसी धाराओं में एफआईआर दर्ज की है, लेकिन इंस्टाग्राम निजता का सवाल उठाकर जांच को लंबा खींच सकता है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट खुद जांच की निगरानी करे।


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