कोरोना और आर्थिक तंगी से जूझ रहा पाकिस्तान, ‘मेड इन पाकिस्तान’ उत्पाद खरीदने पर जोर दे रही आवाम

कोरोना और आर्थिक तंगी से जूझ रहा पाकिस्तान, ‘मेड इन पाकिस्तान’ उत्पाद खरीदने पर जोर दे रही आवाम - सूचना
Image Credit : Khaleej Times

पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है। वहीं भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को इस बीमारी के साथ-साथ आर्थिक संकट से भी जूझना पड़ रहा है। इस संकट से निकलने के लिए पाकिस्तान के नागरिक स्थानीय उत्पादों की खरीद को बढ़ावा देने की अपील कर रहे हैं। ‘मेड इन पाकिस्तान’ सामान को खरीदने की इस पहल ने तब रफ्तार पकड़ी, जब पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने ऐलान किया कि पाकिस्तान ने 8-10 वेंटिलेटर बनाने में कामयाबी हासिल कर ली है और अब वह इसका निर्माण बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। इसके बाद जल्द ही पाकिस्तान वेंटिलेट का निर्यात भी शुरू कर देगा।

‘मेड इन पाकिस्तान’ सामान खरीदने की अपील

इस उपलब्धि से उत्साहित पाकिस्तान के नागरिकों ने अपने मुल्क की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ट्विटर पर लोगों से स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की। हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि पाकिस्तानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर अपने नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा स्थानीय उत्पाद खरीदने को कहा है। हाल ही में पाकिस्तान ने यह दावा भी किया था कि उसने ‘मेड इन पाकिस्तान’ माइक्रोवेव अवन दूसरे देशों को निर्यात किए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों ने ट्विटर पर यह दावा भी किया कि स्थानीय सामान खरीदने से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने से नाराज लोग

कोरोना वायरस के कारण पाकिस्तान की हालत पहले ही बेहद खराब थी और देश में फैले आर्थिक संकट ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। तंगी से निपटने के लिए इमरान सरकार ने शुक्रवार को एक ही दिन में पेट्रोल की कीमत 25.58 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दी। पहले पेट्रोल की कीमत 74.52 पाकिस्तानी रुपए थी, जोकि अब बढ़कर 100.10 रुपए हो गई है। वहीं डीजल की कीमतों में 21.31 रुपए की बढ़ोतरी की गई है और यह 80.15 रुपए से बढ़कर 101.46 रुपए हो गया है। पाकिस्तान की आवाम कीमतें बढ़ने का विरोध कर रही है। इसी बीच एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें पेट्रोल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को इमरान खान सरकार की उपलब्धि बताया जा रहा है। इस वीडियो में न्यूज एंकर कहती है कि पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से लोगों की किल्लत दूर हो गई है। जब पेट्रोल सस्ता था तो गायब ही हो गया था।

प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी दांव पर

हालांकि इस बीच कुछ लोग इमरान सरकार के समर्थन में भी ट्वीट कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि कोरोना वायरस से निपटने में नाकामी और आर्थिक तंगी से जूझ रही इमरान सरकार जल्द ही गिरने की कगार पर है। इमरान खान के मंत्रियों पर गंभीर मुद्दों पर चुप रहने के इल्जाम भी लगते रहे हैं। पाकिस्तान के नागरिकों का यह भी कहना है कि इमरान खान अपने चुनावी वादों को भूल चुके हैं और अब वे खुद वही काम कर रहे हैं जिससे लडने की वे कभी बातें किया करते थे। गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई और अपने करीबियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की लोकप्रियता तेजी से घट रही है।

सत्ता पर कब्जा करने की फिराक में सेना

पाकिस्तान की सरकार को हमेशा से ही सेना की कठपुतली माना जाता रहा है और इमरान सरकार भी इससे अछूती नहीं है। पड़ोसी मुल्क में सेना ही सबसे शक्तिशाली रही है और सालों को तक सेना का ही सत्ता पर कब्जा रहा है। 2018 में इमरान खान ‘नया पाकिस्तान’ बनाने के वादे के साथ सत्ता में आए, लेकिन अपने वादे के मुताबिक वह देश में कोई भी बदलाव नहीं ला सके और अब पाकिस्तानी सेना एक बार फिर सारी शक्ति अपने हाथ में लेने की कोशिश कर रही है। पाकिस्तान में एक बार फिर सेना सत्ता पर कब्जा जमाने में जुट गई है। इमरान खान की घटती लोकप्रियता के बीच पाकिस्तान में एक दर्जन से अधिक मौजूदा और पूर्व सैन्य अधिकारी सरकार में अहम पदों पर काबिज हो चुके हैं। पाकिस्तान इस वक्त एक बड़ी मुसीबत से जूझ रहा है, इसके बावजूद वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने मुल्क को अगली महाशक्ति बनाने के ख्वाब देख रहे हैं। अब देखना यह है कि उनका यह ख्वाब पूरा होता भी है या नहीं।


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