पाकिस्तान में ईसाई Transgenders को मिला ‘फर्स्ट चर्च ऑफ यूनक’ नाम का पहला चर्च

पाकिस्तान में ईसाई Transgenders को मिला 'फर्स्ट चर्च ऑफ यूनक' नाम का पहला चर्च
पाकिस्तान में ईसाई Transgenders को मिला ‘फर्स्ट चर्च ऑफ यूनक’ नाम का पहला चर्च

पाकिस्तान ने हाल ही में ट्रांसजेंडर्स के लिए पहला गिरजाघर बनवाने की घोषणा की है। दरअसल, पाक में ईसाई ट्रांसजेंडर लोगों को अक्सर सामाजिक बहिष्कार, उपहास और अपमान का सामना करना पड़ता है लेकिन समुदाय के लोगों का मानना कुछ अलग ही है। यह भी पढ़ें: पाकिस्तान को फेसबुक, गूगल, ट्विटर जैसी टेक कंपनियों ने देश छोड़ देने की दी धमकी

समाज के लोगों की‌ माने तो, उनके लिये बनाए गए गिरिजाघर में अब उन्हें शांति और सांत्वना मिलेगी। गौरतलब है कि, पाक मेंं थर्डजेंडर को काफी नफरत भरी नजरों से देखा जाता रहा है।

थर्डजेंडर के लोगों का मानना है कि, पाकिस्तान के दूसरे गिरजाघरों में सुनवाई नहीं होने पर वह अपनी समस्याएं यहां साझा कर सकते हैं। पाकिस्तान में फर्स्ट चर्च ऑफ यूनक नाम का यह गिरजाघर केवल ट्रांसजेडर ईसाइयों के लिए है। किन्नर शब्द दक्षिणी एशिया में अक्सर महिला ट्रांसजेंडरों के लिए उपयोग किया जाता है और कुछ लोग इसे अपमानजनक मानते हैं। गिरजाघर की पादरी और सह संस्थापक गजाला शफीक ने कहा कि उन्होंने अपनी बात रखने के लिये यह नाम चुना है‌। यह भी पढ़ें: पाकिस्तान में मिले 1300 साल पुराने भगवान विष्णु मंदिर के अवशेष, हिन्दू राजा ने कराया था निर्माण

इसके साथ ही, बाइबल के अंशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि, किन्नरों पर ईश्वर की कृपा होती है. सभी धर्मों की ट्रांसजेंडर महिलाओं और पुरुषों को रुढ़िवादी पाकिस्तान में अक्सर सार्वजनिक रूप अपमान, यहां तक की हिंसा का सामना करना पड़ता है। 

हालांकि सरकार ने उन्हें आधिकारिक तौर पर थर्ड जेंडर के रूप में मान्यता दे दी है लेकिन अक्सर उनके परिवावाले उन्हें त्याग देते हैं। जिसके बाद उन्हें भीख मांगकर, शादियों में नाच कर अपना गुजारा करना पड़ता है। उनको अक्सर यौन शोषण का सामना करना पड़ा है और अंतत: वह यौनकर्मी बन जाते हैं। यह भी पढ़ें: पाकिस्तान विपक्ष का दावा- ‘हमले की आशंका से डर गई थी सेना और पाकिस्तान सरकार इसलिए किया अभिनंदन को रिहा’


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