पिता से मांगे शादी के पैसे और पढ़ाई करके बन गईं पायलट

‘मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है…’ यह कविता शायद उन लोगों के लिए ही लिखी गई हैं जो अपने सपने पूरे करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं। बुलंद हौसलों की ऐसी ही एक कहानी ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे नाम के एक इंस्टाग्राम पेज पर शेयर की गई है। यह कहानी है रितु राठी तनेजा की। रितु एक कामयाब पायलट हैं, यूट्यूबर हैं, पत्नी हैं और एक मां भी हैं और यह सभी जिम्मेदारियां वह बखूबी निभाती हैं। पायलट रितु राठी तनेजा की यह कहानी सोशल मीडिया पर काफी पसंद की जा रही है। रितु ने अपने पिता से अपनी शादी के लिए रखे पैसे मांगे। उन पैसों से पढ़ाई की और पायलट बनकर अपने पिता का नाम रोशन किया।

पढ़ाई के लिए मांगे शादी के पैसे

रितु ने ‘ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे’ से अपनी जिंदगी की कहानी शेयर की है। वह बताती हैं, ‘ऐसे समाज में महत्त्वाकांक्षी होना काफी मुश्किल है जहां लोग सोचते हैं कि लड़कियां बोझ होती हैं। हालांकि मैंने इस मिथक को तोड़ा है और पायलट बनने के अपने सपने को पूरा किया। इसमें मेरे परिवार ने मेरा बहुत साथ दिया।’ उन्होंने बताया कि अपनी एक दोस्त के कहने पर उन्होंने अमेरिका में पायलट ट्रेनिंग कोर्स का फॉर्म भरा। रितु बताती हैं, ‘बचपन से ही मैं पायलट बनने का सपना देखती थी और फिर मैंने अमेरिका में पायलट की ट्रेनिंग के लिए फॉर्म भरा। उसमें दाखिला भी हो गया, लेकिन घर से इतनी दूर अमेरिका में पढ़ाई के लिए भेजने पर मेरे माता-पिता थोड़ा डर रहे थे। मैंने अपने पापा को समझाया कि आपने मेरी शादी के लिए जो पैसे रखे हैं उसे मेरी पढ़ाई पर खर्च कर दीजिए।’

माता-पिता ने दिया बेटी का साथ

इसके साथ ही रितु ने अपने पिता से वादा किया कि आप आज मुझ पर विश्वास करिए, एक दिन इसके लिए आपको मुझ पर गर्व होगा। रितु के कुछ रिश्तेदारों ने उनके माता-पिता को ऐसा करने से रोका और कहा कि विदेश भेजने के बजाय बेटी की शादी करवा दो, लेकिन रितु के माता-पिता को अपनी बेटी पर विश्वास था। इस तरह माता-पिता की रजामंदी से रितु पायलट की ट्रेनिंग के लिए अमेरिका चली गईं।

परिवार पर टूटा मुसीबतों का पहाड़

रितु आगे बताती हैं, ‘चीजें तब और भी मुश्किल हो गईं, जब मैं डेढ़ साल की ट्रेनिंग के बाद भारत लौटी, लेकिन मुझे कोई नौकरी नहीं मिली। इतना ही नहीं, मेरी मां की ब्रेन हैमरेज से मौत भी हो गई। उस समय मेरा परिवार पूरी तरह से कर्ज में डूब गया था। इसके अलावा रिश्तेदारों ने भी पापा को ताने मारना शुरू कर दिया था कि हमने कहा था कि बेटी को विदेश मत भेजो, कोई नौकरी नहीं मिलने वाली।’

आखिरकार रंग लाई मेहनत

इसके बाद रितु ने कई साल तक खूब मेहनत की और फिर एक एयरलाइंस से उन्हें को-पायलट की नौकरी का ऑफर मिला। वह कहती हैं, ‘चार साल में मैंने करीब 60 उड़ानें भरीं, फिर मेरा प्रमोशन हुआ और मैं कैप्टन बन गई। जब मैं पहली बार कैप्टन की सीट पर बैठी, वह मेरी जिंदगी का सबसे सुनहरा पल था। उसी दौरान मुझे मेरे पति मिले और काफी वक्त तक डेट करने के बाद हमने शादी कर ली। आज हमारी दो साल की बेटी है। मेरे पिता आज फक्र से कहते हैं कि मेरी बेटी पायलट है।’

रितु ने अपनी स्टोरी ‘ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे’ के फेसबुक पेज पर शेयर की है। इस पोस्ट को अब तक 1.3 लाख लोग लाइक कर चुके हैं और करीब 900 लोगों ने शेयर किया है। लोग इस पोस्ट पर कमेंट भी कर रहे हैं और रितु के जज्बे और हौसले को सलाम कर रहे हैं। आपको बता दें कि रितु एक कामयाब यूट्यूबर भी हैं और इनके 30 लाख से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं।


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