केरल के एनएस राजप्पन वेम्बनाड झील से रोज निकालते हैं प्लास्टिक का कचरा

आज के दौर की सबसे बड़ी समस्या है सिंगल यूज प्लास्टिक, क्योंकि यह सैकड़ों सालों तक नष्ट नहीं होती और न ही इसे जलाया या जमीन में दबाया जा सकता है। यह धरती की उर्वरा शक्ति को खत्म करती है और प्रकृति के लिए भी काफी नुकसानदेह है। सरकार की ओर से इस प्लास्टिक का इस्तेमाल रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह कोशिश नाकाफी है क्योंकि प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण में कमी नहीं आ रही है। ऐसे ही सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने का बीड़ा उठाया है 69 साल के एनएस राजप्पन ने। केरल के कोट्टयम जिले के कुमाराकोम के रहने वाले राजप्पन को पैरालिसिस है, इसके बावजूद वह रोजाना अपने घर के पास स्थित वेम्बनाड झील से प्लास्टिक का कचरा निकालते हैं। इस झील को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त करना ही उनकी जिंदगी का मकसद है।

Meet 69 Years Old Ns Rajappan Who Is Paralysed Cleaning Plastic ...
Image Credit : Navbharat Times

झील को साफ रखना ही राजप्पन का मकसद

द न्यूज मिनट से बातचीत में राजप्पन ने बताया, ‘मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं मिलता। एक दिन में मैं केवल एक किलो प्लास्टिक की बोतलें ही झील से निकाल पाता हूं। एक किलो बोतलें बेचने पर मुझे सिर्फ 12 रुपए मिलते हैं, लेकिन ये सब मैं इसलिए करता हूं ताकि ये झील साफ रहे। मैं हमेशा से इस झील के पास रहा हूं, इसलिए जितना बन पड़ता है उतना इसके लिए करता हूं।’ झील से प्लास्टिक कचरा निकालने के बाद राजप्पन इसे साफ करते हैं और बोतलों को इकट्ठा करके उनका ढेर बनाते हैं। दो-तीन महीने में कोई एजेंसी आकर इस कचरे को ले जाती है और उन्हें कुछ पैसे मिल जाते हैं।

पैरालिसिस होने के बावजूद नहीं टूटा हौसला

राजप्पन बीते छह साल से इस झील से प्लास्टिक का कचरा निकाल रहे हैं। काफी छोटी उम्र में उन्हें पोलियोमायलाइटिस नाम की बीमारी हो गई थी, जिसके कारण उनके घुटने से लेकर पैर के निचले हिस्से तक में पैरालिसिस हो गया। इसके बाद उन्हें छोटे-मोटे काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। दो साल पहले केरल में आई बाढ़ में राजप्पन का घर भी लगभग तबाह हो गया था। वह एक टूटे-फूटे घर में अकेले रहते हैं। पास में ही उनकी बहन रहती है, जो उन्हें खाना दे देती है। राजप्पन बताते हैं कि पहले उनके पास बड़ी नाव थी, लेकिन बाढ़ उसे अपने साथ बहा ले गई। वह कहते हैं, ‘मुझे पहले से ही नाव चलाना आता है। अगर मेरे पास बड़ी नाव होती तो मैं ज्यादा प्लास्टिक इकट्ठा कर पाता।’

वायरल वीडियो से चर्चा में आए राजप्पन

राजप्पन को अपने इस नेक काम के लिए स्थानीय लोगों से तो तारीफ मिलती ही रहती है, लेकिन वे चर्चा में तब आए जब नंदू केएस नाम के एक फोटोग्राफर ने उनका एक वीडियो बनाकर यूट्यूब पर डाला और वह वीडियो वायरल हो गया। एक्टर रणदीप हुड्डा ने भी राजप्पन की तारीफ करते हुए ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, ‘कोई देश के लिए अपना प्यार कैसे दिखा सकता है? शायद ऐसे, प्यार अकसर काम में झलकता है, केवल शब्दों और सोशल मीडिया पर नहीं। राजप्पन जी को सलाम है। ये है देशभक्ति का असली चेहरा।’

कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन के कारण पर्यटकों की आवाजाही बंद होने से अब यह झील ज्यादातर साफ ही रहती है, लेकिन इसकी वजह से राजप्पन के पास कमाई का जो एक छोटा सा जरिया था वो भी खत्म हो गया है। हालांकि राजप्पन झील को साफ देखकर काफी खुश हैं और उन्हें उम्मीद है कि कोई न कोई उनकी मदद करने के लिए जरूर आगे आएगा।


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