मुंबई में नवविवाहित जोड़े ने दान किए ऑक्सीजन सिलेंडर सहित 50 बेड

कोरोना वायरस किसी जंग से कम नहीं है। कोरोना वायरस ने जब भारत में दस्तक दी तो हमारे पास पर्याप्त संसाधन थे, लेकिन जैसे-जैसे कोरोना अपने पैर पसारने लगा, हमारे पास संसाधनों की कमी होने लगी। देश में लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए मदद के लिए आगे आए। किसी ने अपने होटलों के दरवाजे मरीजों के इलाज के लिए खोले, तो कोई मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में जुट गया। कुछ ने मिलकर गरीबों तक राशन पानी पहुंचाया तो किसी ने गरीब के बच्चो को मोबाइल भेंट लिए ताकि ऑनलाइन चल रही पढाई में कोई अड़चन ना आए।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां मुंबई के वसई में एक नवविवाहित जोड़े ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 50 बेड डोनेट किए हैं। एरिक लोबो और मर्लिन तुस्कानो ने साल की शुरुआत में धूम धाम से शादी कर जीवन साथ बिताने का फैसला किया। करीब 2000 महमनों की लंबी लिस्ट तैयार की लेकिन तभी कोरोना के दस्तक देने के बाद से ही सब बदल गया। 

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को वसई स्थित सेंट गोंसालो गार्सिया चर्च में परिवार सहित 22 महमनों की मौजूदगी में शादी रचाई। इसके बाद नवविवाहित जोड़े ने सतपाला आइसोलेशन सेंटर में मैट्रेस, तकियों और ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त 50 बेड दान में दिए। लोबो कहते हैं कि, “क्रिश्चियन शादी में करीब 2000 लोग आते हैं और खाना, वाइन वगहरा को मिलाकर काफी खर्चा हो जाता है। इसलिए हमने सोचा कि क्यों ना शादी में इतना पैसा खर्च करने की बजाय लोगों की भलाई में इस्तेमाल किया जाए। पालघर में 1500 से ज्यादा पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं, ऐसे में अगर हम लोगों के लिए जो कुछ भी हम कर सकते हैं, वहीं किया।”

Image Credit: Navbharat Times

लोबो और लॉरेन के इस काम की स्थानीय विधायक क्षितिज ठाकुर और जिला कलेक्टर कैलास शिंदे ने भी सराहना की। लोबो को स्थानीय प्रशासन द्वारा पूर्ण सहयोग दिया गया और आइसोलेशन सेंटर में बेड रखवाए गए। इससे पहले लोबो अपने घर की ओर पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों को लोकल कम्युनिटी के माध्यम से भोजन भी करवा चुके हैं। लोबो में कहा कि, “शादी के दौरान हम स्थ इय लोगों के साथ अपनी खुशियां बांटना चाहते थे।”

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