अधिकांश युवा किसानों का रुझान मशरूम उत्पादन की ओर , सिविल इंजीनियर अंजना गामित ने की पार्किंग शेड में खेती

Gujarat Engineer Earns Rs 2 Lakh By Growing Mushrooms in Shed
अधिकांश युवा किसानों का रुझान मशरूम उत्पादन की ओर , सिविल इंजीनियर अंजना गामित ने की पार्किंग शेड में खेती (image credit- the better india)

देश की मिट्टी से जुड़े कई ऐसे पढ़े-लिखे नौजवान हैं जो कमाई के लिए खेती की तरफ मुड़ रहे हैं। बाजार में मशरूम की रिटेल भाव 300 से 350 रुपये किलो है और थोक का रेट इससे 40 फीसदी कम। इसे मिल रही बड़ी मांग के चलते कई किसानों ने पारंपरिक खेती को छोड़कर मशरूम उगाना शुरू कर दिया है।

गुजरात के तापी जिले की एक सिविल इंजीनियर हैं, अंजना गामित। जिन्होंने मशरूम की खेती से ‌पिछले साल 2 लाख रुपये से अधिक का लाभ कमाया। सिर्फ इतना ही नहीं, अपने क्षेत्र में प्रोटीन युक्त भोजन की नगण्य मांग के बावजूद, वह अपने संभावित खरीदारों का बाजार बनाने में कामयाब भी रहीं हैं। 

अंजना बतातीं हैं कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में मशरूम की खेती के लिए 4 दिनों का प्रशिक्षण लिया। बदले में, उन्हें स्पॉन (मशरूम के बीज) और पॉलिथीन बैग जैसे कच्चे माल प्राप्त हुए। वह आगे कहतीं हैं कि “इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 25 दिन लगते हैं। दस किलो स्पॉन 45 किलो तक मशरूम दे सकता है।”

ऐसे की मशरूम की खेती

अंजना बतातीं हैं कि, “मैंने अपने पार्किंग शेड के 10 × 10 फुट के क्षेत्र में मशरूम की खेती की शुरूआत की। समय और अनुभव के साथ, अंजना ने अपनी खेती का विस्तार किया और धीरे-धीरे अपनी पूरी पार्किंग शेड को 25 × 45 फीट में बदल दिया। 

ऐसे कर सकते हैं खेती

अंजना मशरूम की खेती में रूचि रखने वाले लोगों को सलाह देते हुए कहतीं हैं कि, “मशरूम की खेती शुरू करने की इच्छा रखने वाले लोगों को न्यूनतम क्षेत्रफल 10 × 10 फीट चाहिए होगा और 400 रुपये का निवेश आवश्यक है। इसके साथ ही नर्सरी या बागवानी केंद्र से कच्चा माल प्राप्त किया जा सकता है।”

“आप खेती एक किलो मशरूम के साथ शुरू करें जिसके लिए आपको आधा किलो स्ट्रॉ (गेहूं या धान) और 50 ग्राम मशरूम के बीज की आवश्यकता होगी। पानी की दैनिक आवश्यकता लगभग पाँच लीटर होगी। जो लोग तापमान के विषय में चिंतित हैं वह थर्मामीटर का प्रयोग कर सकते हैं।


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