मोदी ने की सुमन देवी की तारीफ, जानिए कौन हैं सुमन देवी और कैसे हुई उनके काम की शुरुआत

मोदी ने की सुमन देवी की तारीफ, जानिए कौन हैं सुमन देवी और कैसे हुई उनके काम की शुरुआत (image credit- india.com)

जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सुमन देवी का नाम लिया है, तब से उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। मोदी ने मास्क बना रही बाराबंकी के महिला स्वयं सहायता समूहों की प्रशंसा करते हुए सुमन के नाम का उल्लेख किया था। यह भी पढ़ें: नवरात्रि के दौरान फोटो शेयर कर विवादों में फंसी वकील दीपिका राजावत के घर के बाहर इकट्ठा हुई भीड़, पुलिस ने हटाया

हालांकि सुमन रविवार के इस कार्यक्रम को नहीं सुन पाईं लेकिन जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो वे खुशी से फूली नहीं समाईं।

सुमन ने कहा, “इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है कि प्रधानमंत्री ने इस पहल पर ध्यान दिया और इससे हमें कड़ी मेहनत करने का प्रोत्साहन मिला।”

कौन हैं सुमन देवी

सुमन देवी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी की रहने वाली हैं। स्नातक तक पढ़ी सुमन मास्क बनाने का काम करती हैं। वह पेशे से टेलर हैं। अभी हाल ही में पीएम मोदी ने मन की बात में बाराबंकी के महिला स्वयं सहायता समूहों की प्रशंसा करते हुए सुमन के नाम का उल्लेख किया था। वस उसके बाद से ही सुमन देवी चर्चा का विषय बनीं हुईं हैं। यह भी पढ़ें: ट्विटर पर ट्रेंड हुआ #ShameOnAkshayKumar, यह है वजह

ऐसे हुई काम की शुरुआत

सुमन बाराबंकी में त्रिवेणीगंज ब्लॉक के गुरुदत्त खेड़ा की रहने वाली हैं। जिन्होंने सुभद्रा देवी, विमला देवी, सुनीता और रेणु सहित 11 अन्य महिलाओं के साथ अगस्त 2016 में ‘मां वैष्णो स्वयं सहायता समूह’ शुरू किया था। यह समूह मास्क बनाने, मिर्च और टमाटर उगाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करता है।

सुमन देवी ने कहना है कि, “हमने ब्लॉक के मिशन मैनेजर के साथ मास्क बनाने को लेकर चर्चा की और घर पर खादी मास्क बनाना शुरू किया। शुरू में हमने 70 मास्क बनाए और जरूरतमंद लोगों को वितरित किए।”

लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद बाजार से अधिक कपड़ा खरीदकर काम बढ़ाया। इससे समूह की महिलाओं को न केवल आय हुई बल्कि लोगों को कोरोना संक्रमण से लड़ने में भी मदद मिली।

सब अपने अपने क्षेत्रों में कर रहे हैं काम

सुमन देवी ने बताया, “हमें शुरू में सामुदायिक निवेश कोष में 1.10 लाख रुपये मिले थे। 4 सदस्यों ने 12,500 रुपये लेकर अपना व्यवसाय शुरू किया। फिलहाल मैं मास्क बना रही हूं, सुनीता ने मिर्च की खेती शुरू कर दी है और रेनू एक नर्सरी में उगाए गए टमाटर बेच रही है। मायावती ने एक किराने की दुकान शुरू की है।

उन्होंने बताया कि, ”सरकार से मिले फंड पर ब्याज नहीं लगता लेकिन स्वयं सहायता समूह के सदस्यों ने इसे एक प्रतिशत ब्याज पर लिया है ताकि अन्य सदस्य भी सशक्त बन सकें।”

जिला मजिस्ट्रेट ने भी की तारीफ

इस बीच बाराबंकी के जिला मजिस्ट्रेट डॉ.आदर्श सिंह ने स्वयं सहायता समूह के प्रयासों की प्रशंसा करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। यह भी पढ़ें: सरकार ‘प्रधानमंत्री जन सम्मान योजना’ के तहत सभी के खातों में डालेगी 90,000 रुपए? जानिए पूरी खबर

उन्होंने कहा, “मैं सुमन देवी की कहानी को पूरे देश के साथ साझा करने और हमारे प्रयासों को पहचानने और सराहना करने के लिए प्रधानमंत्री का आभारी हूं। यह साल में तीसरी बार है जब प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात कार्यक्रम में बाराबंकी का उल्लेख किया है।”


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