कोच्चि की विनीता राफेल ने साड़ियों पर पेंटिंग्स बनाकर शुरू किया बिजनेस, कमाई के साथ-साथ हो रही तारीफ

कहते हैं जहां चाह वहां राह। यह कहावत उन लोगों पर फिट बैठती है जो अपने लक्ष्य को पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है केरल के कोच्चि में रहने वाली युवा उद्यमी विनीता राफेल की। वह टीचर बनना चाहती थीं, बच्चों के साथ काम करना चाहती थीं, और उन्हें नई-नई चीजें सिखाना चाहती थीं। उन्होंने अपना यह सपना पूरा भी किया, लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। विनीता अपने इस पसंदीदा काम को सिर्फ दो साल ही कर पाईं। साल 2016 में गंभीर पीठ दर्द के कारण उन्हें यह काम छोड़ना पड़ा और यहीं से हुई सपनों की उड़ान भरने की शुरुआत।

Back Pain Forces Teacher to Quit. Here’s How She Earns Rs 30,000/Month From Home
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पीठ दर्द के कारण छोड़नी पड़ी टीचर की नौकरी

कोच्चि के नेट्टूर में रहने वाली विनीता ने कहा, ‘डॉक्टरों ने बताया कि मेरी रीढ़ की हड्डी में एक हर्निएटेड डिस्क है, जिसके कारण मैं ज्यादा देर तक खड़ी नहीं हो सकती है और न ही चल सकती हूं। डिस्क में उभार आने पर मेरी पीठ असहनीय दर्द होता था। उस वक्त मेरे पास नौकरी छोड़ने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था। क्लासरूम में ज्यादा वक्त तक खड़े रहना मेरे लिए मुश्किल था, इसलिए मुझे नौकरी छोड़नी पड़ी।’ डॉक्टरों ने जब बताया कि विनीता लंबे समय तक खड़ी नहीं हो सकतीं, तभी उन्हें पता चल गया था कि उनका टीचिंग करियर अब खत्म हो गया। इस घटना के बाद वह काफी टूट गई थीं। उन्होंने बताया, ‘मैं हमेशा से टीचर बनना चाहती थी और इसके लिए मैंने जिंदगी में काफी कोशिशें भी कीं। जब मुझे यह बीमारी हुई तो मैं निराश हो गई। मेरे भीतर नकारात्मकता आने लगी और लगा कि इससे ध्यान हटाने के लिए मुझे कुछ करना पड़ेगा।’

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फैब्रिक पेंटिंग में मिला परेशानी का हल

इस नकारात्मकता से निकलने के लिए विनीता ने कुछ रचनात्मक काम करने के बारे में सोचा। वह कलाकारों से परिवार से ताल्लुक रखती हैं, इसलिए उन्हें अपनी परेशानी का हल भी कला में ही मिला। कॉलेज के दिनों में विनीता ने एक प्रोजेक्ट के लिए फैब्रिक पेंटिंग की थी, तो उन्होंने इसे ही आगे बढ़ाने का सोचा। उन्होंने अपनी मां की पुरानी साड़ियों पर पेंटिंग करना शुरू कर दिया। एक बार जब उन्होंने खुद की पेंट की हुई साड़ी पहनी तो लोगों ने उसके सुंदर डिजाइन की तारीफ की और इसे बनाने वाले कलाकार के बारे में जानना चाहा। इसके बाद उनके पास साड़ियों पर पेंटिंग कराने के ऑर्डर आने लगे। इस तरह जिस काम को विनीता ने खुद का मन बहलाने के लिए शुरू किया था, उसने एक अलग ही मोड़ ले लिया। अपने परिवार और दोस्तों की मदद से विनीता ने एक नया पेशा अपना लिया और ड्रेस डिजाइनर बन गईं। अपने शौक को अपना पेशा बनाकर विनीता आज न सिर्फ लोगों की तारीफ पा रही हैं, बल्कि हर महीने करीब 30 हजार रुपए भी कमा रही हैं।

साड़ी पेंटिंग को बनाया कमाई का जरिया

33 साल की विनीता बताती हैं, ‘मैंने जिंदगी में कभी भी पेंटिंग नहीं सीखी, लेकिन मेरे परिवार का कला से जुड़ाव रहा है। मेरे माता-पिता और भाई बहुत अच्छी पेंटिंग बनाते हैं तो यह मेरे लिए कोई नया काम नहीं है। जब मैंने अपनी पेंट की हुई साड़ी पहनी तो लोग पूछने लगे कि क्या मैं उनके लिए यह कर सकती हूं। इससे मुझे यह काम करने की प्रेरणा मिली और जल्द ही मुझे काफी ऑर्डर मिलने लगे। महिलाएं अपनी साड़ियों पर पेंटिंग करवाने के लिए कोई भी कीमत देने को तैयार थीँ।’ इसके बाद विनीता ने इस काम बिजनेस का रूप देने के बारे में सोचा। इस काम को वह घर से ही कर सकती थीं और इसमें उन्हें अपनी रचनात्मकता दिखाने का भी मौका मिल रहा था। इसके अलावा वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन गई थीं। सितंबर 2016 में ओणम त्योहार के दौरान दोस्तों की मदद से विनीता ने अपनी साड़ियों की प्रदर्शनी लगाने की सोची, ताकि वह अपने बिजनेस को बढ़ा सकें। वह बताती हैं, ‘यहीं से इला हैंडपेंटेड साड़ी की शुरुआत हुई। सभी लोगों ने मेरे डिजाइन बहुत पसंद किए और मुझे केरल के बाहर से भी ऑर्डर मिलने लगे।’

यूट्यूब और भाई की मदद से आगे बढ़ीं विनीता

अपनी पेंटिंग्स को और निखारने के लिए विनीता यूट्यूब पर फैब्रिक पेंटिंग्स के वीडियो देखती हैं। इस काम में उनके भाई विपिन राफेल भी उनकी मदद करते हैं। विनीता कहती हैं, ’ऐसे बहुत से काम हैं जिन्हें आप पहले सीख सकते हैं और बाद में उसमें माहिर हो सकते हैं। लेकिन जब बात बिजनेस की हो तो ज्यादातर चीजें आप अपने अनुभव से ही सीखते हैं। आर्थिक संघर्ष, ग्राहकों से तालमेल रखना और नए संपर्क बनाना खुद का काम शुरू किए बिना मुमकिन नहीं है।’ विनीता के हाथों पेंट की गई कई साड़ियां मलयालम मनोरमा जैसी कई पत्रिकाओं में छप चुकी हैं और उन्हें कई मशहूर हस्तियों की ओर से तारीफ भी मिल चुकी है। अंत में अपनी इस कामयाबी के बारे में विनीता कहती हैं, ‘लोग हमेशा आपको हतोत्साहित करेंगे और आपके हर काम में कमी ढूंढ़ेंगे, लेकिन अगर आप किसी काम को करने की ठान लें तो कोई भी आपके रास्ते में नहीं आ सकता। आपको अपने सपने पूरे करने की कोशिश जरूर करनी चाहिए।’


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