‘केरल से कश्मीर’ के सफर पर निकला युवक, रास्ते में चाय बेचकर निकाल रहा खर्च

केरल के त्रिसूर में रहने वाले निधिन एम आर जेब में 170 रुपए लेकर और गूगल मैप को अपना साथी बनाकर एक लंबे सफर पर निकले हैं। बचपन से ही घूमने का शौक रखने वाले 23 साल के निधिन ने 100 दिन में केरल से जम्मू कश्मीर पहुंचने का एक मुश्किल मिशन शुरू किया है। इस मिशन को हमने मुश्किल क्यों कहा, वो इसलिए कि निधिन यह सफर सिर्फ अपनी साइकिल से तय करने वाले हैं। इस बारे में निधिन बताते हैं, ‘मैं हमेशा से एक लंबी यात्रा पर जाना चाहता था। नया माहौल मुझे जिंदगी में नए-नए अनुभव करने को प्रेरित करता है। इसलिए मैंने अपने दिल की बात मानने की सोची और 2021 में कश्मीर की यात्रा करने का मन बनाया।’

Image Credit : The Better India

चाय बेचकर पूरा कर रहे हैं सफर

द बेटर इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निधिन केरल के त्रिसूर में चाय बेचने का काम करते हैं। भारत घूमने के बचपन के सपने को पूरा करने के लिए निधिन ने चाय बनाने की कला को सहारा बना लिया। वे केरल से कश्मीर तक के रास्ते में चाय बेच रहे हैं और उसी से कमाए गए पैसों से अपने सफर का खर्च उठा रहे हैं। निधिन ने बताया कि वे 1 जनवरी 2021 को घर से निकले थे, इस दौरान उनकी जेब में केवल 170 रुपये थे। उन्होंने बताया कि वे सुबह 5.30 बजे अपना सफर शुरू करते थे और कुछ घंटों बाद रास्ते में रुककर चाय बेच लेते थे। निधिन ने बताया कि रास्ते में कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आए और अपने मन से पैसे देकर उनकी मदद की।

गूगल मैप को बनाया रास्ते का साथी

इस तरह निधिन साइकिल चलाते हुए 30 दिन में राजस्थान पहुंच गए। वे बताते हैं कि उन्होंने चाय बनाने के लिए अपने साथ एक स्टोव और फ्लास्क भी रखा है। वह एक बार में 30-35 कप चाय बना लेते हैं और उसे फ्लास्क में रख देते हैं ताकि वह ठंडी न हो। इस तरह वह चाय बेचकर वह रोजाना 300-350 रुपए कमा लेते हैं। उन्होंने बताया कि रात में वह उस जगह रुकते हैं जहां दूध और चायपत्ती आसानी से मिल जाती है। वे सुबह जल्दी चाय बनकर रख लेते हैं। उन्होंने रात में पेट्रोल पंप के किनारे टेंट लगाकर अपनी नींद पूरी की। निधिन ने बताया कि वे रास्ता पता करने के लिए गूगल मैप का सहारा लेते थे, लेकिन कई जगहों पर गूगल मैप भी काम नहीं आया, ऐसी जगहों पर वहां के स्थानीय लोगों ने रास्ता बताने में मदद की।उन्होंने अपनी साइकिल के आगे ‘केरल से कश्मीर’ का बोर्ड भी लगाया हुआ है। रास्ते में कई लोग उनके साथ फोटो लेने के लिए उन्हें रोक लेते हैं और उनकी इस हिम्मत की दाद देते हैं। निधिन ने बताया कि सफर में लगातार साइकिल चलाने से कई बार उनके पैरों में सूजन भी आई, लेकिन वे रुके नहीं और हौसले के साथ आगे बढ़ते रहे।  

घूमने के लिए पसंदीदा कैमरा तक बेच डाला

केरल से कश्मीर तक की 3300 किलोमीटर की यात्रा शुरू करने के लिए निधिन को सबसे पहले तो एक वाहन की जरूरत थी। उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह कोई मोटरसाइकिल खरीद पाते या किराए पर ले पाते, इसलिए उन्होंने अपने छोटे भाई की साइकिल की मरम्मत कराने की सोची। साइकिल की मरम्मत कराने के लिए निधिन ने अपना पसंदीदा कैमरा तक बेच दिया, जो उन्होंने पैसे बचा-बचाकर खरीदा था। कैमरा बेचकर उन्हें 13 हजार रुपए मिले। इन पैसों से उन्होंने साइकिल की मरम्मत कराई और निकल पड़े एक रोमांचक सफर पर।

लॉकडाउन में किया सफर पर जाने का फैसला

इस सफर की शुरुआत के बारे में पूछने पर निधिन बताते हैं, ‘पिछले साल लगे लॉकडाउन के दौरान मैंने यह सफर शुरू करने का फैसला किया था। इस यात्रा से मुझे यह सीखने का मौका मिला कि अलग-अलग क्षेत्रों में समाज किस तरह काम करता है और इससे हमारी संस्कृति को क्या लाभ होता है।’ निधिन आगे कहते हैं, ‘सफर की शुरुआत में मेरे पास अच्छा हेलमेट और ग्लव्स नहीं थे, लेकिन जब कई लोगों को मेरी इस रोमांचक यात्रा के बारे में पता चला तो उन्होंने सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी चीजें मुझे दे दीं।’ निधिन का कहना है कि उनका यह सफर कश्मीर पहुंचने तक जारी रहेगा।


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