पिता चलाते हैं चाय की दुकान, बेटी बनी वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर

इस दुनिया में ऐसा कोई मुकाम नहीं है, जिसे लड़कियां हासिल नहीं कर सकतीं। जमाना बदल चुका है और अब उन्हें लड़कों से कम समझना बहुत बड़ी भूल है। आज के इस प्रतियोगी समय में लड़कियां उन क्षेत्रों में भी अपनी धाक जमा रही हैं, जहां कभी लड़कों का वर्चस्व रहा है। अपनी मेहनत और लगन के बल पर लड़कियां कामयाबी की बुलंदियां छू रही हैं। कामयाबी की ऐसी ही मिसाल हैं आंचल गंगवाल, जिन्होंने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर दूसरी लड़कियों को प्रेरणा दी है। आर्थिक रूप से काफी पिछड़े तबके से आने वाली आंचल बचपन से ही कुछ अलग करना चाहती थीं। आर्थिक तंगी के बावजूद आंचल मध्य प्रदेश में प्रशासनिक परीक्षा पास करने वाली अकेली प्रतिभागी थीं।

Aanchal Gangwal
Image Credit : She the people.tv

आंचल के पिता चलाते हैं चाय की दुकान

आंचल के पिता सुरेश गंगवाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 400 किलोमीटर दूर नीमच में बस स्टैंड पर पिछले करीब 25 साल से एक छोटी सी चाय की दुकान चलाते हैं। हाल ही में एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के सामने आंचल समेत 123 कैडेट्स को भारतीय वायुसेना में कमिशंड किया गया है। वायुसेना में आने से पहले आंचल के पास दो सरकारी नौकरियों के प्रस्ताव आए, लेकिन उन्होंने देशसेवा को तरजीह दी। वायुसेना में जाने की प्रेरणा कहां से मिली, इस पर आंचल कहती हैं, ‘जब मैं बारहवीं कक्षा में थी तब उत्तराखंड में जबरदस्त बाढ़ आई थी, उस वक्त सेना के राहत अभियानों से मैं बहुत प्रभावित हुई थी, तभी मैंने सेना में जाने का फैसला कर लिया था। आज मैं सेना में ऑफिसर बन गई हूं। मेरा बचपन का सपना पूरा हो गया है।’

मां-बाप ने टीवी पर देखी बेटी की कामयाबी

आंचल आगे कहती हैं, ‘जब मैंने अपने माता-पिता को बताया कि मैं सेना में जाना चाहती हूं हर मां-बाप की तरह उन्हें भी थोड़ी चिंता हुई, लेकिन उन्होंने कभी मुझे रोका नहीं, बल्कि हमेशा मेरा साथ दिया। मैं हर रात इस दिन का सपना देखती थी। यूनिफॉर्म पहनकर अपने माता-पिता के सामने खड़ा होना चाहती थी, जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचाने के लिए बहुत तकलीफें उठाईं। हालांकि कोरोना के कारण वे मेरी पासिंग आउट परेड में शामिल नहीं हो सके, लेकिन मैं खुश हूं कि उन्होंने टीवी पर यह कार्यक्रम देखा।’

पिता ने कहा, हमारे लिए गर्व की बात

आंचल के पिता सुरेश गंगवाल का कहना है कि कि आंचल ने यह कामयाबी हासिल कर उन्हें फादर्स-डे पर सबसे बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने कहा कि आंचल शुरू से ही पढ़ाई में अच्छी रही है। उसने बोर्ड परीक्षा में 92 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल किए थे। आंचल छठे प्रयास में इस परीक्षा को पास करने में सफल रही। उन्होंने कहा, ‘मैं करीब 25 साल से चाय की दुकान चलाता हूं, इसलिए कोई भी मेरी आर्थिक स्थिति के बारे में समझ सकता है। कई बार मेरे पास अपनी बेटी की स्कूल या कॉलेज की फीस भरने के लिए पैसे भी नहीं होते थे। कई बार मैंने लोगों से उधार लेकर उसकी फीस भरी।’ उन्होंने कहा कि बेटी का फ्लाइंग ऑफिसर बनना हमारे लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी दी बधाई

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी आंचल की इस कामयाबी पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘नीमच में चाय की दुकान लगाने वाले सुरेश गंगवाल जी की बेटी आंचल अब वायुसेना में फाइटर प्लेन उड़ाएगी। मध्य प्रदेश को गौरवान्वित करने वाली बेटी आंचल अब देश के गौरव और सम्मान की रक्षा के लिए अनंत आकाश की ऊंचाइयों में उड़ान भरेगी। बेटी को बधाई, आशीर्वाद और शुभकामनाएं।’


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