बैतूल पुलिस की अनूठी पहल, काॅमिक के जरिए बताया अपराधों से बचने का तरीका

वर्तमान समय में अपराधी अलग-अलग तरीकों से अपराध को अंजाम देते हैं। इससे वह आसानी से युवा को अपने जाल में फंसा लेते हैं, युवाओं को इन अपराधियों के जाल में फंसने से कैसे बचाया जाए इसके लिए मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की पुलिस ने अनोखी पहल की है।

दरअसल, पुलिस ने एक कहानियों की पुस्तक जारी है, जिसमें कॉमिक्स के अंदाज मे बताया गया है कि अपराधी लोगों को अपने जाल में कैसे फंसाते है और उससे कैसे बचा जा सकता है। 

सोशल मीडिया का हो रहा ज्यादा उपयोग

इस मामले में बैतूल की पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने कहा कि, “वर्तमान दौर में युवा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। कोरोना के दौर में युवा वर्ग सोशल मीडिया का उपयोग कुछ ज्यादा ही कर रहा है। अपराधी भी इस माध्यम का भरपूर उपयोग करते हैं। यह देखा गया है कि युवा, किशोर इन अपराधियों की मानसिकता और साजिश से अंजान रहते हैं, परिणामस्वरुप वे अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं।”

वह आगे कहतीं हैं कि, वह पुलिस लोगों के बीच जाकर जन-जागृति अभियान चलाती रहती है मगर कोरोना के कारण लोगों के बीच पुलिस नहीं पहुंच पा रही है। इन स्थितियों में पुलिस ने युवाओं, किशोरों में जागृति लाने के लिए कहानियों का सहारा लिया है।

इस पुस्तक में कहानियों को कॉमिक्स के तरीके से तैयार किया गया है, जो पढ़ने में रोचक है और अपराधों से कैसे बचें यह संदेश भी दे रही है।

मोबाइल रीचार्ज कराने वाली दुकान पर युवतियां व किशोर अपनी सारी जानकारी देते हैं और वहां से उनकी समस्त जानकारी अपराधी किस्म के लोगों तक पहुंच जाती है और इन जानकारियों के जरिए ये युवतियों को अपना शिकार बना लेते हैं। उनकी तस्वीरों का गलत तरीके से उपयोग कर लेते हैं।

पुलिस का अनुभव है कि सिर्फ युवतियां ही नहीं किशोर भी इन अपराधियों का शिकार बनते हैं। इसी को ध्यान में रखकर यह कहानी की पुस्तक तैयार की गई है।

इस पुस्तक के जरिए बताया गया है कि, साइबर अपराधों से कैसे बचें, मोबाइल रिचार्ज शॉप, डेबिट कार्ड का क्लोन बनाना, एसएमएस द्वारा धोखाधड़ी, कॉल द्वारा ठगी, फिरौती वाला वायरस, इंटरनेट पर पीछा करना, तस्वीर से छेड़छाड़, प्रोफाइल हैक करना, ऑनलाइन गेम्स, नौकरी का लालच देकर किस तरह ठगी की जाती है इत्यादि।


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