73 साल पुराने दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाएगा भारत, यह है इतिहास

Nation marks Black Day tomorrow to express solidarity with Kashmiris -  Daily Times
73 साल पुराने दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाएगा भारत, यह है इतिहास

जम्मू-कश्मीर के इतिहास में सन 1947 की 21-22 अक्टूबर की रात को सबसे भयानक और अंधकारमय रात के तौर पर जाना जाता है। इस रात धरती के स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर को बर्बाद करने और उस पर कब्जे के इरादे से पाकिस्तान ने ऑपरेशन गुलमर्ग शुरू किया था। यह भी पढ़ें: चीन की खुलेआम धमकी, कहा- ‘ सिक्किम से लेकर पूरे पूर्वोत्तर भारत में घोल देगा अलगाववाद का जहर’

इस घटना को 73 साल बीत चुके हैं, लेकिन पाकिस्तान अब भी उसी प्लान के तहत जम्मू-कश्मीर पर कब्जा करने के लिए सपने देख रहा है।

इस बार भी भारत 22 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर में 1947 के आक्रमण के दिन घाटी में हिंसा और आतंक फैलाने में पाकिस्तान की भूमिका के विरोध में ‘काला दिवस’ के रूप में मनाएगा। यह भी पढ़ें: हिन्दू युवक से शादी और तनिष्क विज्ञापन का समर्थन करने पर महिला हुई ट्रोल, साइबर सेल में दर्ज की एफआईआर

यह है 22 अक्टूबर का इतिहास

22 अक्टूबर को 1947 ही वो दिन था जब पाकिस्तान की सेना ने जम्मू-कश्मीर में अवैध तरीके से घुसपैठ की थी और पीओके पर अपना कब्जा जमा लिया था। उसके बाद से ही हर साल 22 अक्टूबर को हर साल पीओके के लोग काला दिवस के रूप में मनाते है। पिछले साल भी 22 अक्टूबर को लोगों ने मुजफ्फराबाद, रावलकोट, गिलगित, रावर्लंपडी और कई जगहों पर इसी तरह का प्रदर्शन किया था। यह भी पढ़ें: नवरात्रि के दौरान फोटो शेयर कर विवादों में फंसी वकील दीपिका राजावत के घर के बाहर इकट्ठा हुई भीड़, पुलिस ने हटाया

पाकिस्तान से निजात पाने के लिए तड़प रहे हैं लोग

जम्मू-कश्मीर का पाकिस्तान के कब्जे में अब भी भारत के हिस्से का 13 हजार वर्गकिलोमीटर इलाका है जहां करीब 30 लाख लोग रहते हैं और पाकिस्तान से निजात पाने के लिए तड़प रहे हैं।

लोगों पर अत्याचार करती है पुलिस

पाकिस्तान के कब्जे वाले उसी कश्मीर यानी पीओके में लोग हुकूमत के खिलाफ सड़कों पर उतरकर काला दिवस मना रहे हैं, क्योंकि यहां के लोगों पर पाकिस्तानी पुलिस अत्याचार कर रही है। गौरतलब है कि 22 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तानी सेना ने कबाइलियों के हुलिये में भारत पर हमला बोला था और पीओके के लोग इस दिन पाकिस्तान की हुकूमत और फौज को जमकर कोसते हैं। यह भी पढ़ें: शशि थरूर को लेकर वायरल हुआ विज्ञापन, अब दी प्रतिक्रिया

हालांकि, पाकिस्तानी हुकूमत के लाख कहर के बावजूद लोगों के हौसले थमे नहीं हैं। वो सालों से खुद को पाकिस्तान से आजाद करने और पूरे कश्मीर को तबाह करने पर तुली पाकिस्तानी फौज को वापस जाने के लिए कह रहे हैं।


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