विश्व स्वास्थ्य दिवस : तन-मन होगा सेहतमंद तो जिंदगी होगी खुशहाल

बीते एक साल से पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से जूझ रही है। वैक्सीन आने के बाद भी यह महामारी दिन-ब-दिन विकराल होती जा रही है। महामारी के इस दौर में स्वस्थ शरीर की अहमियत और बढ़ गई है। अगर आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हैं तो कोई भी बीमारी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकती और आप दुनिया का कोई भी काम कर सकते हैं। ऐसे में अपनी सेहत का खयाल रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी लोगों को तेजी से बीमार बना रही है। लोगों के पास न खाने का वक्त है और न सोने का। इससे उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या पर बुरा असर पड़ता है और वे कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स, जिन्हें आजमा कर आप तन और मन से स्वस्थ रह सकते हैं। 

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हमेशा संतुलित खाना खाएं

आपकी सेहत का ताना-बाना इस बात पर निर्भर करता है कि आप रोजाना कैसा आहार लेते हैं। लिहाजा हमें अपने खानपान को लेकर जरूरत से ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए। अगर आपका खाना अच्छा और पौष्टिक होगा तो वह आपकी सेहत को भी अच्छा बनाएगा, लेकिन अगर आपने इसमें लापरवाही बरती तो आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ेगा। आप अपने प्रतिदिन के भोजन में विटामिन, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स आदि सभी चीजों को संतुलित मात्रा में शामिल करें।

दिनचर्या का करें पालन

स्वस्थ दिनचर्या से ही स्वस्थ शरीर का विकास होता है। अगर हमारी रुटीन लाइफ संतुलित होगी तो हमारी सेहत भी अच्छी होगी। जब हमारी दिनचर्या रोजाना एक जैसी होती है तो इससे हमारे मस्तिष्क को हमारे शरीर को समझने में आसानी होती है और वह हर काम को करने का आदी हो जाता है। सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक और  नाश्ते से लेकर लंच व डिनर तक हमारी हर गतिविधि का समय तय होना चाहिए। इसके अलावा रात में भोजन के एक से दो घंटे बाद ही सोना चाहिेए। अगर आप रोजाना इस रुटीन का पालन करेंगे तो न सिर्फ आपका शरीर स्वस्थ होगा बल्कि आपका मन-मस्तिष्क भी स्वस्थ होगा।

मौसम की तरह बदलना सीखें

हमें अपने दोस्तों से भले हमेशा एक जैसा व्यवहार करना चाहिए, लेकिन खान-पान और रहन-सहन में मौसम की तरह बदलना सीखें। इसे ऋतुचर्या कहते हैं। इसका मतलब है कि मौसम के हिसाब से खुद को ढाल लेना। ठंड, गरमी और बरसात में उसी मौसम के मुताबिक आहार लेना चाहिए। प्रकृति ने हर मौसम के अनुकूल फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ बनाए हैं तो उनका उसी तरह से सेवन करें। कोल्ड स्टोरेज में रखे तरबूज, मटर या किसी और चीज का सेवन नहीं करना चाहिए। गरमी में गरम चीजें और ठंड में ठंडी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।  

योग से रहें सेहतमंद

योग फिटनेस का दूसरा नाम है। बीते कुछ समय से योग हमारे जीवन का अभिन्न अंग बनता जा रहा है। योग के जरिए कई लोगों ने गंभीर बीमारियों को मात देकर स्वस्थ जीवन हासिल किया है। इससे शरीर तो स्वस्थ होता ही है, दिल और दिमाग को भी शांति मिलती है। अच्छी सेहत के लिए मुद्राओं का अभ्यास भी जरुरी है। मानसिक परेशानी से निजात दिलाने के लिए कई आसन हैं। जैसे- ज्ञान मुद्रा, यह मुद्रा अंगूठे और तर्जनी को मिलाने से बनती है। इसको रोजाना करने से याददाश्त बढ़ती है और मानसिक बीमारियों को दूर करने में मदद मिलती है।  इससे अनिद्रा और चिड़चिड़ापन भी दूर होता है।

सकारात्मक सोच से रहेंगे खुश

तनाव और अवसाद जैसी ज्यादातर समस्याएं नकारात्मक सोच की वजह से पैदा होती हैं। इसलिए तनाव से पार पाने के लिए हमें अपनी सोच को सकारात्मक बनाना होगा। सकारात्मक सोच को बढ़ाने के लिए आपको रोजाना भ्रामरी का अभ्यास करना चाहिए। रोज सुबह सूरज निकलने से पहले बिस्तर छोड़ दें और प्रकृति के साथ कुछ समय बिताएं। इससे भी जिंदगी में सकारात्मकता आती है। सकारात्मक सोच के लिए आप अच्छा सत्संग, आसन, व्यायाम और  मुद्राओं का अभ्यास भी कर सकते हैं। इसके अलावा अपना मनपसंद गीत-संगीत भी सुन सकते हैं।

दिल खोलकर हंसें

हंसता-मुस्कुराता चेहरा किसे अच्छा नहीं लगता। हर कोई हंसते-मुस्कुराते हुए इंसान का साथ चाहता है। कोई व्यक्ति किसी उदास शख्स के साथ नहीं रहना चाहता। इसलिए खुश रहने में ही आपकी भलाई है। इससे आप खुद अच्छा महसूस करेंगे और आपकी वजह से दूसरों को भी खुशी मिलेगी। मुस्कुराहट हमारी खूबसूरती में भी चार चांद लगाती है। जब हम खुश रहते हैं तो हमारे शरीर से ऐसे हार्मोन्स निकलते हैं जो हमें तनाव से निजात दिलाते हैं। कई शोधों से पता चला है कि खुश रहने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

शरीर को काम पर लगाएं

शारीरिक मेहनत के बगैर तंदुरुस्ती नहीं मिल सकती। मेहनती काम और व्यायाम से हड्डियां मजबूत होती हैं। अगर आप दिनभर बैठे रहेंगे या लेटे रहेंगे तो आपकी सेहत तो खराब होगी ही, साथ-ही साथ आपके शरीर के जरूरी अंगों पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति हमेशा गंभीर रहने की जरूरत है। कहा भी गया है कि तंदुरुस्ती एक हजार नियामत।


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