दूर हुई सैनीटाईज करने के लिए सामान्य बोतल इस्तेमाल करने की समस्या, गुजरात यूनिवर्सिटी के सदस्यों ने बनाया टचलैस हैंड सैनिटाइजर

अहमदाबाद : Covid-19 के चलते पूरी दुनिया और हमारे देश में भी लोगों ने कोरोना वायरस से बचने के लिए कई नए – नए उत्पाद विकसित किये है ,जैसे ‘थर्मल ड्रोन’, ‘डिजिटल बेल्ट’, ‘3D फेस शील्ड’, ‘डिजिटल डिस्टेंसिंग’ आदि। इन सबके बाद अब गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (GTU) इनोवेशन काउंसिल और स्टार्टअप विंग के सदस्य टचलेस ‘हैंड सैनिटाइज़र’ के साथ आगे आए है। इस टचलैस हैंड सेनेटाईजर का अविष्कार यूनिवर्सिटी के चार युवा मीत जोशी, जुगल जोशी, क्षितिज कायस्था और उज्जल शाह ने अपने प्रोफेसर की देखरेख में किया है।

जानिए क्या है टचलैस हैंड सेनिटाइजर

यह एक टचलैस हैंड सेनिटाइजर मशीन है जिसमें आप अपने हाथों को बोतल को टच किए बिना साफ कर सकते हैं। इस मशीन में सेंसर भी लगाया गया है, जिसकी सहायता से आप बिना टच किए आप अपने हाथ सेनेटाईजर से साफ कर सकते हैं। दीवार माउंट के साथ, इस मशीन के टैंक की क्षमता लगभग 7 लीटर है। इसका उपयोग दिन में लगभग 1,500 बार किया जा सकता है। इस टचलैस हैंड सेनिटाईजर की एक मशीन की कीमत 3,200 रूपये है। वर्तमान में इस मशीन के दो माॅडल है, जिनमे स्प्रे फॉर्म और ड्रॉपलेट फॉर्म सेनेटाईजर माॅडल शामिल है। इस मशीन में दीवार मांउट सुविधा होने के कारण बिजली की खपत कम होती है। इसके आलावा इस मशीन की छह महीने की गारंटी भी है।

लाॅकडाउन के दौरान आया ‘टचलैस हैंड सैनिटाइज़र’ का आईडिया

इस टचलैस हैंड सैनिटाइज़र का आईडिया युवाओं को लाॅकडाउन के दौरान आया था। जिसके बाद इन चारों ने प्रोफेसर के साथ इस विषय पर चर्चा की और प्रोफेसर ने एक प्रोटोटाइप तैयार करने और लॉक डाउन के दौरान आवश्यक सामग्री प्राप्त करने में युवाओं की मदद की और इस अविष्कार को बनाने में दिशा-निर्देश दिए। इस टचलैस हैंडसेनिटाइज़र के आईडिया के बारें समूह के मीत जोशी ने कहा “इस लॉकडाउन में हमने पाया की ऐसे कई मामले है जिनमें पुलिस और डॉक्टर जैसे बहादुर कार्यकर्ता भी इस गंभीर बीमारी की चपेट में आए है, जिसमें हमने पाए कि एक कारण यह भी था कि एक ही सामान्य सैनिटाइज़र बोटल का उपयोग करना” वहीं समूह के अन्य सदस्य क्षितिज कायस्था ने इस हैंडलैस सेनेटाईजर के आईडिया बारे में बताया ”लाॅकडाउन के दौरान हमने देखा कि अलग – अलग लोगों द्वारा एक ही सेनिटाइज़र बोतल का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस श्रंखृला को तोड़ने के लिए हमने हैंडलैस सैनिटाइज़र बोतल का अविष्कार किया है।”

आत्मनिर्भर भारत की पहल की ओर एक कदम है ‘टचलैस हैंड सैनिटाइजर

समूह के सदस्य ने इस मशीन का इस्तेमाल करने का तरीका बताते हुए जुगल जोशी ने बताया “यह टचलेस हैंड सैनेटाईज़र सेंसर का उपयोग करता है, जिसकी मदद से लोग मशीन के संपर्क में आए बिना अपने हाथो को सेनिटाइज़ कर सकते है एक व्यक्ति को बस मशीन के नीचे अपने हाथ रखने होते है और उसके हाथ सेनेटाईज हो जाएंगे”। वहीं समूह के उज्जल शाह ने कहा “इस मशीन में उपयोग किये जाने वाले सभी घटक भारत में ही बने है। यह सरकार द्वारा की गई पहल आत्मनिर्भर भारत का समर्थन करता है और हमारी ओर से आत्मनिर्भर भारत की तरफ यह एक कदम है।”


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